चर्चा में क्यों ?
लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला 29 अगस्त 2025 को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) कल्याण समितियों के अध्यक्षों के राष्ट्रीय सम्मेलन का उद्घाटन करेंगे।

सम्मेलन के बारे में:
- यह सम्मेलन 29 और 30 अगस्त तक चलेगा।
- यह पहली बार दिल्ली के बाहर आयोजित किया जायेगा।
- इसका मुख्य विषय "SC और ST के कल्याण, विकास और सशक्तिकरण में संसदीय और विधायी समितियों की भूमिका"
- इसमें 120 से अधिक प्रतिनिधि हिस्सा लेंगे।
- प्रमुख चर्चाएँ:
- अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लिए संवैधानिक संरक्षण को मजबूत करना।
- सामाजिक-आर्थिक विकास को प्रोत्साहित करना।
- बेहतर कार्यशैली और अनुभव साझा करना।
- नीतियों के क्रियान्वयन में जवाबदेही सुनिश्चित करना।
- उद्देश्य: 2047 तक समावेशी और विकसित भारत का निर्माण।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि
- पहला सम्मेलन 1976 में नई दिल्ली में आयोजित हुआ।
- इसके बाद सम्मेलन निम्न वर्षों में हुए:
- अब तक ये सभी सम्मेलन दिल्ली में ही हुए थे।
- 2025 में पहली बार भुवनेश्वर (ओडिशा) में हो रहा है।
संसदीय समितियों का योगदान
- संसदीय समितियां नीतियों और कार्यक्रमों के क्रियान्वयन की निगरानी करके जवाबदेही सुनिश्चित करती हैं।
- वे सरकार को अनुसूचित जातियों और जनजातियों से संबंधित मुद्दों पर सुझाव देती हैं और उनकी प्रगति की समीक्षा करती हैं।
- सम्मेलन में इस बात पर जोर दिया गया कि 2047 तक समावेशी विकसित भारत के सपने को साकार करने में इन समितियों का योगदान कितना महत्वपूर्ण है।
सम्मेलन में शामिल गणमान्य व्यक्ति
- इस महत्वपूर्ण आयोजन में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के साथ-साथ ओडिशा के मुख्यमंत्री मोहन चरण माझी, केंद्रीय जनजातीय कार्य मंत्री जुआल ओराम, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान और राज्यसभा के उपसभापति हरिवंश जैसे कई गणमान्य व्यक्तियों ने हिस्सा लिया।
- समापन सत्र में ओडिशा के राज्यपाल डॉ. हरी बाबू कंभंपति और अन्य वरिष्ठ नेता भी मौजूद थे।
प्रश्न. SC/ST कल्याण समितियों के अध्यक्षों का राष्ट्रीय सम्मेलन किस शहर में आयोजित होगा ?
(a) नई दिल्ली
(b) भुवनेश्वर
(c) मुंबई
(d) जयपुर
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