New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 23rd Oct. 2026, 11:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 07th Dec. 2026, 5:30PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 03rd Oct. 2026, 11:00 AM

राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन

(प्रारंभिक परीक्षा : सरकारी योजनाएँ एवं कार्यक्रम)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र- 2: सरकारी नीतियों और विभिन्न क्षेत्रों में विकास के लिए हस्तक्षेप तथा उनके अभिकल्पन व कार्यान्वयन के कारण उत्पन्न विषय) 

संदर्भ

राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन ने ‘उत्तरी भारत वस्त्र अनुसंधान संघ (Northern India Textile Research Association: NITRA)’ के सहयोग से ‘सुरक्षात्मक वस्त्रों के लिए स्वदेशी तापीय परीक्षण उपकरणों (Indigenous Thermal Testing Instruments for Protective Textiles)’ के विकास का समर्थन किया।

राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के बारे में

  • इसे भारत में तकनीकी वस्त्रों को बढ़ावा देने के लिए वस्त्र मंत्रालय द्वारा 2020 में लॉन्च किया गया था।
  • इसे 1,480 करोड़ रुपए के परिव्यय के साथ वर्ष 2020-21 से 2025-26 की अवधि के लिए लॉन्च किया गया था।
  • इस मिशन के तहत लगभग 509 करोड़ रुपए मूल्य की कुल 168 शोध परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।

मिशन के प्रमुख कार्य

  • कार्बन फाइबर, अरामिड फाइबर, नायलॉन फाइबर और कम्पोजिट का मौलिक अनुसंधान एवं विकास।
  • कृषि-वस्त्र, भू-वस्त्र, चिकित्सा वस्त्र, मोबाइल वस्त्र व खेल वस्त्र में अनुप्रयोग आधारित अनुसंधान जिसमें जैव-निम्नकरणीय एवं टिकाऊ तकनीकी वस्त्र का विकास शामिल है।

राष्ट्रीय तकनीकी वस्त्र मिशन के घटक

  • अनुसंधान, नवाचार एवं विकास : यह तकनीकी वस्त्रों में अनुसंधान एवं विकास का समर्थन करता है तथा नई सामग्रियों व प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए प्रस्ताव आमंत्रित करता है।
  • संवर्धन एवं बाजार विकास : इसका उद्देश्य बाजार संवर्धन और अंतर्राष्ट्रीय सहयोग के माध्यम से भारत में तकनीकी वस्त्र को अपनाने को बढ़ावा देना है।
  • निर्यात संवर्धन : एक समर्पित निर्यात परिषद के साथ तकनीकी वस्त्रों के निर्यात को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
  • शिक्षा, प्रशिक्षण एवं कौशल विकास : शीर्ष संस्थानों व उद्योगों में तकनीकी वस्त्र शिक्षण, कौशल प्रशिक्षण एवं इंटर्नशिप को बढ़ावा देता है।

क्या होते हैं तकनीकी वस्त्र 

  • तकनीकी वस्त्रों को ऐसी वस्त्र सामग्री एवं उत्पादों के रूप में परिभाषित किया जाता है जिनका उपयोग मुख्य रूप से उनके सौंदर्य या सजावटी विशेषताओं के बजाय उनके तकनीकी प्रदर्शन और कार्यात्मक गुणों के लिए किया जाता है।
  • तकनीकी वस्त्रों को परिभाषित करने के लिए प्रयुक्त अन्य शब्दों में औद्योगिक वस्त्र, फंक्शनल वस्त्र, प्रदर्शन वस्त्र, इंजीनियरिंग वस्त्र, इनविजिबल वस्त्र और उच्च तकनीक वस्त्र शामिल हैं।
    • इन उत्पादों को मोटे तौर पर 12 विभिन्न श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है- एग्रोटेक, ओकोटेक, बिल्डटेक, मेडिटेक, जियोटेक, क्लॉथटेक, मोबिलटेक, होमटेक, स्पोर्ट्सटेक, इंडुटेक, प्रोटेक, पैकटेक।
  • इनका उपयोग ऐसे उत्पादों में किया जाता है जो लोगों की सुरक्षा करने, मशीनरी में सुधार करने और व्यावहारिक समस्याओं को हल करने में मदद करते हैं, जैसे- कार के पुर्जे, निर्माण सामग्री, चिकित्सा उपकरण और सुरक्षा गियर।
  • इसके अनुप्रयोग क्षेत्रों में कृषि, सड़क, रेलवे, स्पोर्ट्सवियर, बुलेटप्रूफ एवं अग्निरोधी जैकेट, अधिक ऊंचाई पर युद्धक उपकरण व अंतरिक्ष जैसे क्षेत्र शामिल हैं।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR