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सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय द्वारा नई आधार शृंखला

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 3: भारतीय अर्थव्यवस्था तथा योजना, संसाधनों को जुटाने, प्रगति, विकास तथा रोज़गार से संबंधित विषय)

संदर्भ 

  • सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) 27 फरवरी, 2026 को एक नई सकल घरेलू उत्पाद (GDP) शृंखला जारी करेगा, जिसके बाद संशोधित औद्योगिक उत्पादन सूचकांक (IIP) और उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) शृंखलाएँ जारी की जाएँगी। 
  • इसके अतिरिक्त मंत्रालय ने जुलाई 2025 में दो नए सर्वेक्षण ‘राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण’ और ‘घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण’ शुरू किए हैं।

मुख्य पहलें

अद्यतित जी.डी.पी. शृंखला 

  • नई शृंखला में आधार वर्ष को 2011-12 से संशोधित कर 2022-23 कर दिया जाएगा।
  • इसका उद्देश्य हाल के आर्थिक रुझानों, डिजिटल अर्थव्यवस्था एवं कोविड-पश्चात संरचनात्मक बदलावों को बेहतर ढंग से समझना है।
  • इसमें अद्यतन क्षेत्रीय भार, अपस्फीतिकारक और आँकड़ा स्रोत (जैसे- GST, MCA-21) शामिल होंगे।
  • यह अर्थव्यवस्था में संरचनात्मक परिवर्तनों को दर्शाने और आँकड़ों की सटीकता में सुधार लाने के प्रयासों के अनुरूप है।

आई.आई.पी. (IIP) और सी.पी.आई. (CPI) संशोधन

  • आई.आई.पी.: वर्तमान उत्पादन पैटर्न को बेहतर ढंग से दर्शाने के लिए नई वस्तुओं और अद्यतन औद्योगिक बास्केट को शामिल किया जाएगा।
    • आई.आई.पी. का वर्तमान में आधार वर्ष 2011-12 है। 
  • सी.पी.आई.: आधार वर्ष (वर्तमान में 2012) को संशोधित करने और उपभोक्ता व्यय सर्वेक्षण का उपयोग करके उपभोग पैटर्न में बदलावों को शामिल करने की उम्मीद है।
    • वर्ष 2024 के आधार वर्ष पर अद्यतन किया गया नया उपभोक्ता मूल्य सूचकांक अगले वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही में जारी किया जाएगा। 

संशोधन की आवश्यकता

  • पुराने आधार वर्ष प्रमुख नीतिगत बदलावों (जैसे- जी.एस.टी., कोविड रिकवरी, डिजिटलीकरण) के बाद आर्थिक वास्तविकता को गलत तरीके से प्रस्तुत कर सकते हैं।
  • यह नीति निर्माण, निवेश योजना, मुद्रास्फीति लक्ष्यीकरण और राजकोषीय विश्लेषण के लिए आवश्यक है।

लाभ/महत्त्व

  • बेहतर डाटा सटीकता और क्षेत्रीय प्रतिनिधित्व
  • वैश्विक मानकों के साथ बेहतर तुलना
  • मौद्रिक नीति और बजट योजना के लिए बेहतर इनपुट

घरेलू उपयोग व्यय सर्वेक्षण

अगला घरेलू उपभोग व्यय सर्वेक्षण (Household Consumption Expenditure Survey: HCES) वर्ष 2027-28 में आयोजित किया जाएगा और अब यह पहले के पाँच-वर्षीय अंतराल की बजाय हर तीन साल में आयोजित किया जाएगा।

राष्ट्रीय घरेलू यात्रा सर्वेक्षण

  • उद्देश्य : 
    • विभिन्न परिवहन साधनों के लिए स्थानिक उद्गम-गंतव्य मैट्रिक्स और उन कारकों का आकलन करना है जो साधन, गंतव्य विकल्प एवं साधन के अनुसार यात्रा माँग की मूल्य लोच को प्रभावित करते हैं।
    • रेलवे में आगे के शोध के अवसर खोलना और सरकार, शिक्षा जगत तथा उद्योग में परिवहन नियोजन की क्षमता को बढ़ाना।
    • इस सर्वेक्षण के आंकड़ों का उपयोग रेल मंत्रालय द्वारा किया जाएगा।

घरेलू पर्यटन व्यय सर्वेक्षण

यह पर्यटन पर होने वाले व्यय, यात्रा का उद्देश्य, परिवहन का साधन, यात्रा के दौरान उपयोग किए गए आवास, देश के भीतर अंतिम गंतव्य, यात्रा के लिए विभिन्न पर्यटन-विशिष्ट उत्पादों एवं सेवाओं का उपयोग आदि जैसे विवरणों को एकत्रित करेगा।

सेवा गतिविधि का आकलन

जनवरी 2026 से सांख्यिकी एवं कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) सेवा क्षेत्र उद्यमों का वार्षिक सर्वेक्षण (ASSSE) शुरू करने की योजना बना रहा है जो उद्योगों के वार्षिक सर्वेक्षण की तर्ज पर औपचारिक सेवा क्षेत्र का आकलन करेगा।

निष्कर्ष

जी.डी.पी., आई.आई.पी. एवं सी.पी.आई. जैसे प्रमुख आर्थिक संकेतकों का समय पर संशोधन एक विश्वसनीय सांख्यिकीय प्रणाली के लिए महत्त्वपूर्ण है। यह सुनिश्चित करता है कि भारत के विकास को सटीक रूप से मापा जाए, जो इसकी बदलती अर्थव्यवस्था की वास्तविक गतिशीलता को दर्शाता है।

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