चर्चा में क्यों ?
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की 27-29 जून 2026 की सेशेल्स राजकीय यात्रा ने भारत-सेशेल्स संबंधों को नई ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया है। इस दौरान दोनों देशों ने कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर किए तथा द्विपक्षीय रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने पर सहमति व्यक्त की।
- यह यात्रा दोनों देशों के बीच राजनयिक संबंधों के 50 वर्ष पूरे होने के अवसर पर हुई और इसके माध्यम से भारत ने हिंद महासागर क्षेत्र (Indian Ocean Region- IOR) में अपने MAHASAGAR (Mutual and Holistic Advancement for Security and Growth Across Regions) विजन को नई गति दी।

हिंद महासागर के लिए भारत का दृष्टिकोण
- प्रधानमंत्री मोदी ने हिंद महासागर को "अवसरों का महासागर (Ocean of Opportunity)" बनाने की भारत की प्रतिबद्धता दोहराई।
- भारत के अनुसार यह क्षेत्र निम्नलिखित सिद्धांतों पर आधारित होना चाहिए -
- समुद्री सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता
- सतत एवं समावेशी आर्थिक विकास
- पारस्परिक सम्मान और विश्वास पर आधारित साझेदारी
- सुरक्षा, स्थिरता और विकास की साझा जिम्मेदारी
- पारंपरिक एवं गैर-पारंपरिक समुद्री चुनौतियों से सामूहिक रूप से निपटना
- भारत ने स्पष्ट किया कि हिंद महासागर किसी एक देश का नहीं, बल्कि साझा रणनीतिक क्षेत्र है, जिसकी सुरक्षा और समृद्धि सभी देशों की साझी जिम्मेदारी है।
यात्रा की प्रमुख उपलब्धियां
- प्रधानमंत्री की यात्रा के दौरान दोनों देशों ने रणनीतिक साझेदारी को कई नए क्षेत्रों तक विस्तारित करने का निर्णय लिया।
- सहयोग के प्रमुख क्षेत्र -
- स्वास्थ्य एवं चिकित्सा
- शिक्षा और कौशल विकास
- क्षमता निर्माण (Capacity Building)
- डिजिटल परिवर्तन
- नवीकरणीय ऊर्जा
- सतत विकास
- सामाजिक अवसंरचना
- समुद्री सुरक्षा एवं रक्षा सहयोग
- दोनों देशों ने भारत द्वारा संचालित विशेष आर्थिक सहायता पैकेज की प्रगति की भी समीक्षा की।
कई महत्वपूर्ण समझौतों पर हस्ताक्षर
- यात्रा के दौरान निम्न क्षेत्रों में कई समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए गए -
- यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस (UPI) का कार्यान्वयन
- स्वास्थ्य सेवाएं
- कृषि
- बैंकिंग एवं एक्सिम बैंक सहयोग
- शिपिंग
- अंतरिक्ष सहयोग
- क्षमता निर्माण
- प्रत्यर्पण (Extradition)
- लाइन ऑफ क्रेडिट (LoC)
- इन समझौतों का उद्देश्य सेशेल्स की अर्थव्यवस्था का आधुनिकीकरण करना तथा भारत की विकास साझेदारी को और मजबूत बनाना है।
175 मिलियन डॉलर का विशेष आर्थिक पैकेज
- भारत ने सेशेल्स के लिए 175 मिलियन अमेरिकी डॉलर के विशेष आर्थिक पैकेज की घोषणा की।
- इसमें शामिल हैं -
- 125 मिलियन डॉलर की भारतीय रुपये में लाइन ऑफ क्रेडिट
- 50 मिलियन डॉलर की अनुदान सहायता (Grant Assistance)
- यह सहायता निम्न क्षेत्रों में उपयोग होगी -
- आधारभूत संरचना
- खाद्य सुरक्षा
- स्वास्थ्य सेवाएं
- व्यावसायिक प्रशिक्षण
- समुद्री सुरक्षा
- रक्षा सहयोग
- भारत ने दोहराया कि उसकी विकास साझेदारी पूरी तरह मांग-आधारित (Demand Driven) तथा सेशेल्स की राष्ट्रीय प्राथमिकताओं के अनुरूप रहेगी।
समुद्री सुरक्षा बनी साझेदारी की आधारशिला
- भारत और सेशेल्स ने समुद्री सुरक्षा को अपने संबंधों का सबसे महत्वपूर्ण स्तंभ बताया।
- दोनों देश मिलकर कार्य करेंगे -
- समुद्री डकैती (Piracy) रोकने में
- अवैध, अनियमित एवं अनियंत्रित (IUU) मत्स्यन को रोकने में
- मादक पदार्थों की तस्करी रोकने में
- समुद्री अपराधों से निपटने में
- समुद्री निगरानी बढ़ाने में
- रक्षा क्षमता निर्माण
- भारत ने सेशेल्स की समुद्री सुरक्षा को मजबूत करने के लिए PS Zoroaster का पुनर्निर्माण (Refit) किया तथा Fast Attack Vessel 'PS Lespwar' भी भेंट किया।
MAHASAGAR विजन को मिली नई मजबूती
- सेशेल्स ने भारत के MAHASAGAR विजन में अपनी विशेष भूमिका की पुनः पुष्टि की।
- इस पहल का उद्देश्य है -
- सामूहिक समुद्री सुरक्षा
- ब्लू इकोनॉमी को बढ़ावा
- आपदा प्रतिरोधक क्षमता
- सतत विकास
- क्षेत्रीय संपर्क
- समावेशी आर्थिक वृद्धि
- MAHASAGAR को भारत की पूर्व SAGAR (Security and Growth for All in the Region) नीति का विस्तारित और अधिक व्यापक स्वरूप माना जा रहा है।
अन्य महत्वपूर्ण उपलब्धियां
- संसद को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सेशेल्स की नेशनल असेंबली को संबोधित करने वाले पहले भारतीय प्रधानमंत्री बने।
- अपने संबोधन में उन्होंने -
- लोकतांत्रिक मूल्यों
- कानून के शासन
- जन-केंद्रित शासन
- संसदीय सहयोग को दोनों देशों के संबंधों की मजबूत नींव बताया।
सर्वोच्च पर्यावरण सम्मान
CDRI में शामिल होगा सेशेल्स
भारत-सेशेल्स संबंध :
ऐतिहासिक एवं रणनीतिक साझेदारी
भारतीय समुदाय
संयुक्त सैन्य अभ्यास
ऐतिहासिक सहयोग
भारत के लिए सेशेल्स क्यों महत्वपूर्ण है ?
- सेशेल्स हिंद महासागर में भारत का एक अत्यंत महत्वपूर्ण रणनीतिक साझेदार है क्योंकि यह पश्चिमी हिंद महासागर के प्रमुख समुद्री व्यापार मार्ग (Sea Lines of Communication) पर स्थित है।
भारत की समुद्री सुरक्षा रणनीति का अहम हिस्सा है।
- इंडो-पैसिफिक रणनीति और ब्लू इकोनॉमी को मजबूती प्रदान करता है।
- समुद्री आतंकवाद, समुद्री डकैती तथा अन्य समुद्री खतरों की निगरानी में सहयोगी है।
- छोटे द्वीपीय विकासशील देशों (SIDS) के साथ भारत की विकास साझेदारी का प्रमुख केंद्र है।
- हिंद महासागर क्षेत्र में बढ़ते भू-राजनीतिक प्रतिस्पर्धी माहौल में भारत की रणनीतिक उपस्थिति को मजबूत करता है।
निष्कर्ष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सेशेल्स यात्रा ने भारत और सेशेल्स के संबंधों को नई रणनीतिक दिशा प्रदान की है। MAHASAGAR विजन, समुद्री सुरक्षा, डिजिटल सहयोग, रक्षा साझेदारी, जलवायु लचीलापन और विकास सहयोग पर आधारित यह संबंध हिंद महासागर क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका को और सुदृढ़ करते हैं। यह यात्रा भारत की "विश्वसनीय विकास साझेदार" तथा "नेट सिक्योरिटी प्रोवाइडर" की छवि को भी मजबूत करती है।