चर्चा में क्यों ?
हाल ही में साइंस ट्रांसलेशनल मेडिसिन में प्रकाशित एक अध्ययन ने दर्शाया कि उच्च खुराक में साँस के माध्यम से ली गई नाइट्रिक ऑक्साइड बड़े जानवरों के ICU मॉडल में दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया जैसे स्यूडोमोनास को कम कर सकती है। यह खोज प्रतिरोधी संक्रमणों के उपचार में नए विकल्प प्रस्तुत करती है।

प्रमुख बिन्दु:
- नाइट्रिक ऑक्साइड (NO) एक महत्वपूर्ण रासायनिक यौगिक है जो गैसीय अवस्था में मौजूद होता है।
- इसके अणु में एक नाइट्रोजन (N) और एक ऑक्सीजन (O) परमाणु होते हैं।
- यह गैस केवल रासायनिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि मानव स्वास्थ्य, पशु जैविकी और पर्यावरण में भी इसका अहम योगदान है।
नाइट्रिक ऑक्साइड का निर्माण
- नाइट्रिक ऑक्साइड प्राकृतिक और कृत्रिम दोनों प्रक्रियाओं के माध्यम से बनता है:
- प्राकृतिक निर्माण:
- बिजली गिरने पर वायुमंडल में मौजूद नाइट्रोजन और ऑक्सीजन का संयोजन।
- मानव शरीर में, विशेष रूप से एंडोथीलियल कोशिकाओं में, नाइट्रिक ऑक्साइड सिंथेस (NOS) एंजाइम एल-आर्जिनिन (L-Arginine) अमीनो एसिड से NO का संश्लेषण करता है।
- कृत्रिम/औद्योगिक स्रोत:
- अमोनिया जलाने या फॉस्फोरस आधारित रसायनों से उत्पादन।
- थर्मल पावर प्लांटों और ऑटोमोबाइल इंजन से उत्सर्जन।
नाइट्रिक ऑक्साइड के भौतिक और रासायनिक गुण
- रंगहीन गैस, जिसका कोई स्पष्ट गंध नहीं।
- जहरीली और अपर्जनीय (असहज) है, लेकिन यह ज्वलनशील पदार्थों की दहन प्रक्रिया को तेज कर सकता है।
- प्राकृतिक वातावरण में और मानव शरीर के कुछ हिस्सों में पाया जाता है।
शारीरिक और जैविक भूमिकाएँ
- नाइट्रिक ऑक्साइड शरीर में रासायनिक संदेशवाहक (Chemical Signaling Molecule) के रूप में कार्य करता है।
हृदय प्रणाली:
- रक्त वाहिकाओं को फैलाने (Vasodilation) में मदद करता है।
- रक्तचाप को नियंत्रित करता है।
तंत्रिका प्रणाली:
- न्यूरोट्रांसमीटर के रूप में कार्य करता है।
- मस्तिष्क और तंत्रिकाओं के बीच संदेशों के आदान-प्रदान में योगदान।
प्रतिरक्षा प्रणाली:
- संक्रमण के समय प्रतिरक्षा कोशिकाओं को संकेत भेजता है।
- जीवाणुओं और वायरस के खिलाफ रक्षा प्रतिक्रिया में शामिल।
चिकित्स्कीय उपयोग:
- हालिया शोध में साँस के माध्यम से दी जाने वाली उच्च खुराक दवा प्रतिरोधी बैक्टीरिया पर प्रभावशाली पाई गई।
- हृदय और फेफड़ों के रोग, विशेषकर ICU में गंभीर रोगियों में उपयोग पर अध्ययन जारी हैं।
पर्यावरण पर प्रभाव
- नाइट्रिक ऑक्साइड ऑटोमोबाइल इंजन, थर्मल पावर प्लांट और औद्योगिक गतिविधियों से उत्सर्जित होता है।
- यह वायु प्रदूषण और स्मॉग का प्रमुख घटक बन सकता है।
- NO वायु में अन्य गैसों के साथ मिलकर नाइट्रेट का निर्माण करता है, जो अम्लीय वर्षा (Acid Rain) और पर्यावरणीय असंतुलन का कारण बन सकता है।
निष्कर्ष
- नाइट्रिक ऑक्साइड केवल एक गैस नहीं, बल्कि मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण के लिए महत्वपूर्ण यौगिक है।
- यह रक्तचाप नियंत्रण, प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया और न्यूरोट्रांसमिशन में योगदान देता है।
- औद्योगिक उत्सर्जन और प्रदूषण नियंत्रण के माध्यम से इसके पर्यावरणीय प्रभाव को कम करना आवश्यक है।
- चिकित्सा शोध और क्लिनिकल अध्ययन NO के संभावित उपचारात्मक उपयोगों को उजागर कर रहे हैं।
- नाइट्रिक ऑक्साइड की चिकित्सीय खुराक और औद्योगिक उत्सर्जन दोनों के लिए सावधानी और वैज्ञानिक निगरानी आवश्यक है।