New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 10th Aug 2026, 3:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 18th Aug 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th Aug 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 8:00 AM

ऑपरेशन पवन: भारत की अदम्य साहस की गाथा

भारतीय थलसेना प्रमुख (COAS) ने पहली बार ऑपरेशन पवन के शहीदों को राष्ट्रीय युद्ध स्मारक पर औपचारिक श्रद्धांजलि दी। 

ऑपरेशन पवन के बारे में

पृष्ठभूमि

  • वर्ष 1987 में भारत एवं श्रीलंका के मध्य इंडो-श्रीलंका समझौता हुआ।
  • इस समझौते के तहत भारत ने श्रीलंका में जारी गृहयुद्ध और हिंसा को नियंत्रित करने के लिए अपनी सैन्य टुकड़ी भेजने पर सहमति दी।
  • इसके तहत तैनात की गई सेना को भारतीय शांति रक्षक सेना (IPKF) कहा गया।

उद्देश्य

  • श्रीलंका में उग्रवादी संगठनों को नियंत्रित करना
  • लिबरेशन टाइगर्स ऑफ तमिल ईलम (LTTE) की हिंसक गतिविधियों को रोकना
  • सामान्य नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • शांति एवं राजनीतिक समाधान के लिए सुरक्षित वातावरण तैयार करना

मुख्य विशेषताएँ

  • ऑपरेशन पवन भारतीय सेना के सबसे जटिल और चुनौतीपूर्ण विदेशी अभियानों में से एक था।
  • LTTE एक संगठित, प्रशिक्षित व अत्यधिक उग्र संगठन था जो गुरिल्ला युद्ध तकनीकों में माहिर था।
  • भारतीय सेना को शहरी, ग्रामीण व घने जंगलों में लड़ाई के कठिन अभियानों का सामना करना पड़ा।
  • ऑपरेशन के दौरान 1000 से अधिक सैनिकों ने बलिदान दिया और हजारों घायल हुए।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR