संदर्भ
हाल ही में, वैश्विक आपूर्ति शृंखलाओं में आने वाले व्यवधानों से घरेलू उद्योगों की रक्षा के उद्देश्य से अमेरिका ने प्रोजेक्ट वॉल्ट नामक एक महत्त्वाकांक्षी पहल की शुरुआत की है।
प्रोजेक्ट वॉल्ट के बारे में
- यह लगभग 12 अरब डॉलर की महत्त्वपूर्ण खनिज (Critical Minerals) भंडारण योजना है। इसका मुख्य लक्ष्य रणनीतिक नागरिक और रक्षा क्षेत्रों के लिए आवश्यक कच्चे माल की निरंतर तथा सुरक्षित उपलब्धता सुनिश्चित करना है।
- प्रोजेक्ट वॉल्ट सार्वजनिक–निजी सहभागिता आधारित एक भंडारण व्यवस्था है जिसके अंतर्गत अमेरिका के प्रमुख नागरिक और रक्षा उद्योगों के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण खनिजों तथा दुर्लभ मृदा तत्वों की खरीद, उनका सुरक्षित भंडारण व प्रभावी प्रबंधन किया जाएगा।
- यह पहल अपनी अवधारणा में स्ट्रैटेजिक पेट्रोलियम रिज़र्व के समान मानी जाती है। इसके लिए धन की व्यवस्था निजी निवेश और अमेरिकी एक्सपोर्ट–इम्पोर्ट बैंक के संयुक्त माध्यम से की गई है।
प्रमुख उद्देश्य
- वैश्विक आपूर्ति संकट की परिस्थितियों में महत्वपूर्ण खनिजों की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना
- खनिज प्रसंस्करण के क्षेत्र में चीन पर निर्भरता को रणनीतिक रूप से कम करना
- राष्ट्रीय सुरक्षा, उन्नत विनिर्माण और स्वच्छ ऊर्जा से जुड़ी आपूर्ति शृंखलाओं को सुदृढ़ करना
मुख्य विशेषताएँ
- शामिल खनिज: दुर्लभ मृदा तत्वों के साथ-साथ कोबाल्ट, गैलियम और अन्य रणनीतिक धातुएँ आदि।
- अग्रिम खरीद व्यवस्था: कंपनियाँ पहले से निर्धारित कीमत पर भविष्य में खनिज खरीदने की प्रतिबद्धता व्यक्त करती हैं।
- भंडार तक पहुँच की प्रणाली:
- कंपनियाँ समान मात्रा में खनिज लौटाने की शर्त पर भंडार से सामग्री निकाल सकती हैं।
- गंभीर आपूर्ति बाधा की स्थिति में पूर्ण पहुँच की अनुमति दी जाती है।
- मूल्य स्थिरता तंत्र: बाज़ार में अत्यधिक मूल्य उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने के लिए समान मूल्य पर अनिवार्य पुनर्खरीद की व्यवस्था करना।
- निजी क्षेत्र की भागीदारी: मर्कुरिया और ट्रैक्सिस जैसे कमोडिटी व्यापारिक समूह खनिजों की सोर्सिंग व भंडारण का दायित्व निभाते हैं।
- उद्योगों की सहभागिता: जनरल मोटर्स, बोइंग, गूगल एवं स्टेलेंटिस जैसी प्रमुख कंपनियाँ इस पहल का हिस्सा बन चुकी हैं।
पहल का महत्व
- रणनीतिक स्वायत्तता: भू-राजनीतिक दबावों और निर्यात नियंत्रण उपायों के प्रति अमेरिका की संवेदनशीलता को कम करता है।
- औद्योगिक मजबूती: ऑटोमोबाइल, एयरोस्पेस, रक्षा, इलेक्ट्रिक वाहन और तकनीकी क्षेत्रों को आपूर्ति सुरक्षा प्रदान करता है।
- राष्ट्रीय सुरक्षा सुदृढ़ीकरण: जेट इंजन, बैटरियों, मिसाइल प्रणालियों और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के लिए आवश्यक खनिजों की उपलब्धता सुनिश्चित करता है।
- बाज़ार संतुलन: दुर्लभ मृदा खनिजों के बाज़ार में तीव्र मूल्य उतार-चढ़ाव को सीमित करने में सहायक होता है।