New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 6:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 1st May 2026, 8:30PM GS Foundation (P+M) - Delhi : 4th May 2026, 6:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 1st May 2026, 8:30PM

मौद्रिक नीति में नीतिगत दरों में कटौती

चर्चा में क्यों?

rbi

  • भारतीय रिज़र्व बैंक की मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने लगातार दूसरी बार 25 आधार अंकों की कटौती कर रेपो दर को 6% कर दिया है।
    • SDF दर 5.75% तथा MSF और बैंक दर 6.25% निर्धारित की गई है।
  • इससे पहले, फरवरी 2025 में भी रेपो दर में 25 आधार अंकों की कटौती हुई थी, जो मई 2020 के बाद पहली कटौती थी।

भारतीय रिज़र्व बैंक (RBI) द्वारा रेपो दर में कटौती के कारण:

  • खाद्य मुद्रास्फीति में गिरावट- फरवरी 2025 में यह 3.8% रही, जो पिछले 21 महीनों में सबसे कम है।
  • कोर मुद्रास्फीति (जो अस्थिर खाद्य और ऊर्जा कीमतों को छोड़कर मापी जाती है) भी 4.1% पर है, जो नियंत्रण में मानी जाती है।
  • इससे संकेत मिलता है कि सामान्य महंगाई दबाव में नहीं है, जिससे दरों में कटौती की गुंजाइश बनी।
  • RBI का लक्ष्य CPI मुद्रास्फीति को 4% ± 2% के भीतर बनाए रखना है।
    • वर्तमान और अनुमानित मुद्रास्फीति इस दायरे में होने से RBI ने "Growth-supportive stance" अपनाया।
  • कई उन्नत अर्थव्यवस्थाओं में भी ब्याज दरों में कटौती या स्थिरता की नीति अपनाई गई है। 

नीतिगत दरों में कटौती के प्रभाव:

  • सस्ता ऋण: उधार लेना सस्ता हो जाता है।
  • विकास प्रोत्साहन: आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलता है।
  • मांग में वृद्धि: उपभोक्ता खर्च बढ़ सकता है।
  • निवेश आकर्षण: शेयर बाजार और व्यावसायिक निवेश बढ़ सकते हैं।
  • मुद्रास्फीति जोखिम: भविष्य में कीमतें बढ़ सकती हैं।

प्रश्न. अप्रैल 2025 की मौद्रिक नीति में RBI द्वारा रेपो दर में की गई कटौती के बाद संशोधित दर क्या है?

(a) 6.25%

(b) 5.75%

(c) 6.00%

(d) 5.50%

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR