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सेरेंगेटी पशु प्रवास

  • प्रतिवर्ष अफ्रीकी देश तंजानिया के सेरेंगेटी संरक्षित क्षेत्र से केन्या के मसाई मारा रिजर्व की ओर नए चारागाह की तलाश में वाइल्डबीस्ट, ज़ेबरा एवं अन्य जानवरों का प्रवास पृथ्वी पर स्तनधारियों का सबसे बड़ा प्रवास माना जाता है।
  • पशु प्रवास का पहला चरण जनवरी से मार्च के दौरान होता है। वृहत् स्तर पर होने वाले इस प्रवास को वर्ष 2013 में अफ्रीका के सात प्राकृतिक आश्चर्यों में से एक माना गया है। 

सेरेंगेटी राष्ट्रीय उद्यान के बारे में

  • नामकरण : सेरेंगेटी नाम मासाई भाषा के ‘सेरिंगिट’ शब्द से लिया गया है जिसका अर्थ है ‘अंतहीन मैदान’
    • इस क्षेत्र में मसाई जनजाति के लोग निवास करते हैं।
  • भौगोलिक अवस्थिति : अफ्रीकी देश तंजानिया के मारा एवं अरुशा क्षेत्रों में विस्तृत
  • पाए जाने वाले वन्यजीव : शेर, तेंदुए एवं चीते जैसी बड़ी बिल्लियां, अफ्रीकी हाथी, वारथॉग, पैंगोलिन व बबून जैसे स्तनधारी, नील मगरमच्छ, काला माम्बा, कोबरा तथा नील मॉनिटर जैसे सरीसृप तथा मसाई शुतुरमुर्ग, सेक्रेटरी बर्ड, क्राउन क्रेन और कई प्रजाति के गिद्ध सहित पक्षियों की 500 से अधिक प्रजातियाँ
    • शिकार प्रजातियों की उपलब्धता के कारण सेरेंगेटी में शेरों की दुनिया की सबसे बड़ी आबादी का निवास है। 
  • भूगर्भीय आश्चर्य : दक्षिण-मध्य सेरेंगेटी में स्थित नीस एवं ग्रेनाइट की छोटी पहाड़ियाँ
    • इनको कोपजे (Kopje) नामक भूगर्भीय आश्चर्य माना जाता है।
  • यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल घोषित : वर्ष 1981 में 
  • प्रमुख जोखिम : 
    • वनों की कटाई 
    • जलवायु परिवर्तन
    • बढ़ती मानव आबादी
    • खेती एवं पशुपालन के लिए भूमि का उपयोग 
    • अवैध शिकार 

मसाई मारा रिजर्व के बारे में

  • अवस्थिति : दक्षिण-पश्चिम केन्या
    • यह क्षेत्र दक्षिण में सेरेंगिटी से घिरा है।  
  • स्थापना : वर्ष 1961 में 
    • वर्ष 1974 में राष्ट्रीय अभ्यारण्य का दर्जा 
  • नामकरण : इस क्षेत्र में निवास करने वाले मासाई निवासियों के सम्मान में 
  • नदियाँ : द सैंड, तलेक नदी एवं मारा नदी 

मसाई जनजाति के बारे में

  • परिचय : ये नीलोटिक जातीय समूह के खानाबदोश एवं पशुपालक लोग हैं। 
  • निवास स्थल : उत्तरी, मध्य एवं दक्षिणी केन्या और उत्तरी तंजानिया में अफ्रीकी ग्रेट लेक्स के आस-पास का क्षेत्र
  • प्रमुख विशेषताएँ 
    • सामाजिक एवं सांस्कृतिक : पितृसत्तात्मक समाज, बिना किसी समारोह के अंतिम संस्कार और गायन या नृत्य करते समय वाद्य यंत्रों का उपयोग न करना 
    • धार्मिक विश्वास : एकेश्वरवादी
      • इनमें भगवान का नाम एंगई या एनकाई है।
    • खाद्य : पारंपरिक मासाई आहार में शामिल छह बुनियादी खाद्य पदार्थ : मांस, रक्त, दूध, वसा, शहद और वृक्ष की छाल
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