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औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशिष्ट पर्यावरण मानक 

प्रारम्भिक परीक्षा – औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशिष्ट पर्यावरण मानक
मुख्य परीक्षा - सामान्य अध्ययन, पेपर-3

संदर्भ

भारत सरकार ने उद्योगों और रंगाई इकाइयों द्वारा नदियों में रासायनिक अपशिष्ट डंपिंग को कम करने के लिए 80 औद्योगिक क्षेत्रों के विशिष्ट पर्यावरण मानकों को अधिसूचित किया।

environmental-standards

प्रमुख बिंदु:- 

  • पर्यावरण वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय (MoEF&CC) ने पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 की अनुसूची-I: 'विभिन्न उद्योगों से पर्यावरण प्रदूषकों के उत्सर्जन या निर्वहन के मानक' के तहत उद्योग विशिष्ट निर्वहन मानकों को अधिसूचित किया है। 
  • इसके तहत लगभग 80 औद्योगिक क्षेत्रों के लिए विशिष्ट पर्यावरण मानकों को अधिसूचित किया गया है।

उद्योगों को स्थापित एवं संचालित करने लिए सहमति:-

  • राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (SPCB)/प्रदूषण नियंत्रण समितियां (PCC) राज्य में उद्योगों को स्थापित एवं संचालित करने लिए सहमति जारी करती हैं।

औद्योगिक क्षेत्रों के विशिष्ट पर्यावरण मानकों की निगरानी:- 

  • केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB)एवं SPCB / PCC के सहयोग से राष्ट्रीय जल गुणवत्ता निगरानी कार्यक्रम (NWMP) के तहत नदियों पर 2155 निगरानी स्थानों सहित 4703 स्थानों पर जलीय संसाधनों की जल गुणवत्ता की निगरानी करता है, जिसमें कावेरी नदी का डेटा भी शामिल है।

दण्ड के प्रावधान:- 

  • मानकों के अनुपालन न करने की स्थिति में उद्योगों के खिलाफ जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम, 1974, वायु प्रदूषण की रोकथाम एवं नियंत्रण अधिनियम, 1981 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाती है।
  • वर्ष 2018 में प्रदूषित नदी खंडों के कायाकल्प के लिए, तमिलनाडु सहित संबंधित राज्य सरकार/केंद्रशासित प्रदेश प्रशासन द्वारा गठित नदी कायाकल्प समिति (RRC) द्वारा कार्य योजना तैयार की गई थी। 

नदी कायाकल्प कार्य योजना:-

  • नगरपालिका सीवेज प्रबंधन, औद्योगिक प्रदूषण नियंत्रण, अपशिष्ट प्रबंधन, नदी जलग्रहण/बेसिन प्रबंधन (सिंचाई प्रथाओं को अपनाना, उपचारित सीवेज का उपयोग, भूजल पुनर्भरण पहलू) और बाढ़ मैदान क्षेत्र का प्रबंधन आदि महत्वपूर्ण पहलुओं को शामिल किया गया है। 
  • जैव-विविधता पार्कों की स्थापना, अतिक्रमण हटाना, वर्षा जल संचयन, नदी के दोनों किनारों पर वृक्षारोपण, पारिस्थितिक या पर्यावरणीय प्रवाह (ई-फ्लो) और वाटरशेड प्रबंधन आदि को भी बढ़ावा देना चाहिए।

प्रारंभिक परीक्षा प्रश्न:- औद्योगिक क्षेत्रों के विशिष्ट पर्यावरण मानकों के अनुपालन नहीं करने पर किस प्रावधान के तहत कार्रवाई की जा सकती है ? 

  1. जल प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम, 1974
  2. वायु प्रदूषण की रोकथाम और नियंत्रण अधिनियम, 1981
  3. पर्यावरण संरक्षण अधिनियम, 1986

उपर्युक्त में से कितने सही हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी तीन

(d) कोई भी नहीं

उत्तर - (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न:- भारत सरकार के द्वारा जारी औद्योगिक क्षेत्रों के विशिष्ट पर्यावरण मानकों की व्याख्या कीजिए।  

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