हाल ही में चीन के वाणिज्य मंत्रालय और जनरल एडमिनिस्ट्रेशन ऑफ कस्टम्स ने तत्काल प्रभाव से हीलियम के निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने की घोषणा की है।
हीलियम (Helium) के बारे में
हीलियम एक निष्क्रिय (Inert) गैस है, जो सामान्य परिस्थितियों में अन्य पदार्थों के साथ रासायनिक अभिक्रिया नहीं करती और न ही ज्वलनशील होती है।
इसका पता वर्ष 1868 में वैज्ञानिक जूल्स जैनसन और नॉर्मन लॉकियर ने सूर्य ग्रहण के दौरान सूर्य के स्पेक्ट्रम में दिखाई देने वाली पीली रेखा के आधार पर लगाया था।
हीलियम गैर नवीकरणीय प्राकृतिक संसाधन है। यह पृथ्वी की गहराई में यूरेनियम और थोरियम जैसे रेडियोधर्मी तत्वों के क्षय से उत्पन्न अल्फा कणों द्वारा इलेक्ट्रॉन ग्रहण करने पर बनता है।
हीलियम की प्रमुख विशेषताएँ:
इसका परमाणु क्रमांक 2 है, इसलिए यह हाइड्रोजन के बाद दूसरा सबसे हल्का तत्व माना जाता है।
इसका क्वथनांक (Boiling Point) –268.9°C है, जिसके कारण अत्यंत निम्न तापमान पर भी यह गैसीय अवस्था में बना रहता है।
यह रासायनिक अभिक्रियाओं में बहुत कम भाग लेता है, इसलिए इसे अत्यधिक स्थिर गैस माना जाता है।
हीलियम प्राकृतिक रूप से प्राप्त होता है और कृत्रिम रूप से इसका उत्पादन नहीं किया जाता।
यह विषैला नहीं है, लेकिन केवल हीलियम गैस में श्वास लेने से शरीर को आवश्यक ऑक्सीजन नहीं मिलती, जिससे दम घुटने का खतरा हो सकता है।
सामान्य वायुमंडलीय दाब पर केवल तापमान कम करने से इसे ठोस अवस्था में परिवर्तित नहीं किया जा सकता।
विश्व में हीलियम के सबसे बड़े भंडार संयुक्त राज्य अमेरिका, अल्जीरिया और रूस में स्थित हैं।
भारत में झारखंड का राजमहल ज्वालामुखीय बेसिन हीलियम का एक महत्वपूर्ण प्राकृतिक भंडार माना जाता है, जहाँ यह अरबों वर्षों से संरक्षित है।
हीलियम के प्रयोग:
शीतलक (Coolant) : एमआरआई मशीनों के शक्तिशाली चुंबकों, सेमीकंडक्टर उद्योग में सिलिकॉन वेफर्स तथा क्वांटम कंप्यूटिंग उपकरणों को ठंडा रखने के लिए इसका उपयोग किया जाता है।
लीकेज की पहचान : इंजीनियर विभिन्न प्रणालियों में गैस रिसाव (Leak Detection) का पता लगाने के लिए हीलियम का प्रयोग करते हैं।
ऑप्टिकल फाइबर निर्माण : ऑप्टिकल फाइबर बनाते समय पिघले हुए काँच को तेजी और समान रूप से ठंडा करने तथा ऑक्सीजन एवं नाइट्रोजन से बनने वाले बुलबुलों को रोकने के लिए हीलियम का उपयोग किया जाता है।
अंतरिक्ष एवं रॉकेट प्रौद्योगिकी : इसरो, नासा और स्पेसएक्स जैसी अंतरिक्ष एजेंसियाँ रॉकेट के ईंधन टैंकों में आवश्यक दबाव बनाए रखने के लिए हीलियम का उपयोग करती हैं।
अन्य उपयोग :वैज्ञानिक अनुसंधान, पर्यटन उद्योग तथा गुब्बारों और एयरशिप को भरने में भी हीलियम का व्यापक उपयोग किया जाता है।