New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th Sept. 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 14th Oct. 2026, 06:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 22nd Sept. 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 26th Sept. 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 19th Aug 2026, 11:00 AM

तापी गैस पाइपलाइन परियोजना

संदर्भ

अफगानिस्तान की तालिबान सरकार ने तापी (TAPI) गैस पाइपलाइन परियोजना पर 10 अरब डॉलर के अपने हिस्से का कार्य शुरू करने की घोषणा की है। अफगानिस्तान में राजनीतिक अस्थिरता से उपजी सुरक्षा चिंताओं और संघर्ष के कारण परियोजना में लगातार देरी हो रही थी। 

तापी गैस पाइपलाइन परियोजना के बारे में 

  • परिचय : यह परियोजना एक प्राकृतिक गैस ट्रांसमिशन (पारेषण) परियोजना है जिसके माध्यम से तुर्कमेनिस्तान से तीन दक्षिण एशियाई देशों में सालाना 33 बिलियन क्यूबिक मीटर गैस स्थानांतरित की जाएगी।  
    • यह इस क्षेत्र की सबसे बड़ी गैस ट्रांसमिशन परियोजनाओं में से एक है। 
  • नाम : TAPI नाम तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान, पाकिस्तान, इंडिया (भारत) का संक्षिप्त रूप है। इस पाइपलाइन की कुल लंबाई लगभग 1814 किमी. है। 
    • इसे ट्रांस-अफगानिस्तान पाइपलाइन के रूप में भी जाना जाता है। 
  • प्रारंभ : इस परियोजना का शिलान्यास 13 दिसंबर, 2015 को तुर्कमेनिस्तान में हुआ था जिसे वर्ष 2019 तक पूरा किया जाना था।  
  • निर्माण : इसे एशियाई विकास बैंक की भागीदारी के साथ गैल्किनीश-टीएपीआई पाइपलाइन कंपनी लिमिटेड द्वारा विकसित किया जा रहा है। 
    • इस पाइपलाइन का निर्माण पश्चिमी अफगानिस्तान में कंधार-हेरात राजमार्ग के साथ और फिर पाकिस्तान में क्वेटा एवं मुल्तान के माध्यम से किया जाएगा।  
    • इस पाइपलाइन का अंतिम गंतव्य भारत की सीमा के पास पंजाब का फाजिल्का शहर होगा। 
  • लाभान्वित देश : इस प्रोजेक्ट के तहत तुर्कमेनिस्तान के गल्किनीश गैस क्षेत्र से एक पाइपलाइन अफगानिस्तान से होते हुए पाकिस्तान और फिर भारत में आएगी।
    • परियोजना के तहत भारत एवं पाकिस्तान प्राकृतिक गैस का 42-42% हिस्सा तथा अफगानिस्तान 16% गैस खरीदेगा।
    • गैल्किनिश गैस फील्ड में लगभग 16 से 26 ट्रिलियन क्यूबिक मीटर प्राकृतिक गैस भंडार होने का अनुमान है। 

भारत के लिए निहितार्थ 

  • जनसंख्या वृद्धि, शहरीकरण एवं औद्योगीकरण के कारण भारत की ऊर्जा मांग लगातार बढ़ रही है। तापी इस बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए ऊर्जा का एक अतिरिक्त स्रोत प्रदान करता है। 
  • तापी भारत की ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाती है। ऊर्जा स्रोतों में विविधता लाने से ऊर्जा आयात के लिए किसी एक देश या क्षेत्र पर निर्भरता से जुड़े जोखिमों को कम करने में भी मदद मिलती है।   
  • तापी गैस पाइपलाइन भारत, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच क्षेत्रीय सहयोग राजनयिक संबंधों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। 
  • भारत के ऊर्जा मिश्रण में प्राकृतिक गैस का बढ़ता उपयोग पर्यावरण संबंधी चिंताओं को दूर करने और वायु प्रदूषण को कम करने के प्रयासों में योगदान दे सकता है। 
  • तापी पाइपलाइन भारत को भविष्य के लिए प्राकृतिक गैस की स्थिर आपूर्ति सुनिश्चित करते हुए दीर्घकालिक ऊर्जा योजना में शामिल होने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यह आने वाले दशकों में देश की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए महत्वपूर्ण हो सकता है। 
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR