भारत पिछले एक दशक से अपनी प्राकृतिक गैस व्यवस्था में बायोगैस को सम्मिलित करने का प्रयास कर रहा है। इस दिशा में वर्ष 2018 में SATAT (Sustainable Alternative Towards Affordable Transportation) पहल की शुरुआत हुई, जिसके अंतर्गत वर्ष 2023 तक 5,000 संपीडित बायोगैस संयंत्रों की स्थापना का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। हालांकि, 3 जून 2026 तक केवल 132 संयंत्र ही स्थापित हो सके, जिससे स्पष्ट है कि निर्धारित लक्ष्य और वास्तविक उपलब्धि के बीच उल्लेखनीय अंतर बना हुआ है।
किफायती परिवहन की दिशा में सतत वैकल्पिक व्यवस्था ( SATAT) योजना के बारे में:
|