(प्रारंभिक परीक्षा: अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, भारत एवं विश्व का भूगोल) (मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 1: महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ, भौगोलिक विशेषताएँ) |
संदर्भ
हाल ही में, आइसलैंड ने अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC) के संभावित पतन को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा एवं अस्तित्व के लिए सीधा खतरा घोषित किया है।
अटलांटिक मेरिडियनल ओवरटर्निंग सर्कुलेशन (AMOC) के बारे में
- यह समुद्री धाराओं की एक विशाल प्रणाली है जो गर्म व खारे पानी को उष्णकटिबंधीय क्षेत्रों से उत्तर की ओर ले जाती है और ठंडे, गहरे पानी को दक्षिण की ओर लौटाती है जिसे प्राय: अटलांटिक महासागर का ‘जलवायु इंजन’ कहा जाता है।
- यह विशाल समुद्री दूरियों में गर्म एवं ठंडे पानी की गति को नियंत्रित करता है जो मौसम के पैटर्न, समुद्र के स्तर और वैश्विक तापमान को प्रभावित करता है।
- यह तापमान (थर्मल) और लवणता (हैलाइन) में अंतर से संचालित होता है, इसलिए इसे ‘थर्मोहेलाइन सर्कुलेशन’ कहा जाता है।
- AMOC का सबसे प्रसिद्ध घटक गल्फ स्ट्रीम है जो मैक्सिको की खाड़ी से गर्म पानी को उत्तरी अटलांटिक के पार यूरोप तक ले जाती है।
AMOC का महत्व
- क्षेत्रीय तापमान को नियंत्रित करता है और विशेष रूप से उत्तरी यूरोप की जलवायु को हल्का रखता है।
- समुद्री पोषक तत्वों को वितरित करता है और समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र और मत्स्य पालन का समर्थन करता है।
- मौसम के पैटर्न को स्थिर करता है और चरम घटनाओं की आवृत्ति को कम करता है।
- विशेषकर उत्तरी अमेरिका के पूर्वी तट के साथ समुद्र के स्तर को नियंत्रित करता है।
कमजोर होने के संकेत
हाल के दशकों में वैज्ञानिकों ने ऐसे संकेत देखे हैं कि AMOC मंद हो रहा है जिसके मुख्य संकेतकों में शामिल हैं-
- ग्रीनलैंड की बर्फ के तेजी से पिघलने से उत्तरी अटलांटिक में मीठा पानी में वृद्धि होती है जो लवणता को बाधित करता है।
- बढ़ता समुद्री तापमान से घनत्व प्रवणता में बदलाव आता है और पानी के नीचे जाने की प्रक्रिया कम हो जाती है।
- अटलांटिक समुद्री-सतह पैटर्न में बदलाव को उपग्रह एवं समुद्री डेटा के माध्यम से देखा गया है।
- नेचर क्लाइमेट चेंज (2021) में एक अध्ययन के अनुसार, AMOC अब एक सहस्राब्दी से अधिक समय में अपने सबसे कमजोर बिंदु पर है जो एक संभावित टिपिंग पॉइंट का संकेत देता है।
AMOC के पतन के परिणाम
- AMOC के पूर्ण या आंशिक पतन से गंभीर और अपरिवर्तनीय जलवायु परिवर्तन हो सकते हैं, जिनमें शामिल हैं:
- यूरोप में कठोर सर्दियाँ और फसल उगाने का मौसम छोटा होना
- समुद्री द्रव्यमान के पुनर्वितरण के कारण अमेरिकी पूर्वी तट के साथ समुद्र के स्तर में वृद्धि
- मानसून प्रणालियों में व्यवधान से अफ्रीका एवं एशिया में अरबों लोगों पर प्रभाव
- समुद्री जैव विविधता में बदलाव और प्रमुख मत्स्य पालन स्थल का पतन
- ये व्यापक प्रभाव अर्थव्यवस्थाओं, पारिस्थितिकी तंत्र और यहाँ तक कि भू-राजनीतिक संबंधों को भी अस्थिर कर सकते हैं।