स्वच्छ सर्वेक्षण के 9वें संस्करण की टूलकिट

चर्चा में क्यों?

  • केंद्रीय मंत्री श्री मनोहर लाल खट्टर ने शहरी स्वच्छता के लिए विश्व के सबसे बड़े सर्वे ‘स्वच्छ सर्वेक्षण (SS)’ के 9वें संस्करण की टूलकिट को एक नए अवतार में लॉन्च किया।
  • इस अवसर पर, उन्होंने 'सुपर स्वच्छ लीग' की शुरुआत की घोषणा की।
  • 9वें संस्करण के लिए स्वच्छ सर्वेक्षण-क्षेत्र मूल्यांकन का अंतिम चरण 15 फरवरी 2025 को शुरू होगा और मार्च 2025 के अंत तक पूरा हो जाएगा।

स्वच्छ सर्वेक्षण की नई टूलकिट:

  • नई टूलकिट को नागरिकों और शहरी स्थानीय निकायों के लिए उपयोग में आसान बनाया गया है।
  • डेटा-संचालित मूल्यांकन और पारदर्शिता को प्राथमिकता दी गई है।
  • सभी प्रकार के शहरों और स्थानीय निकायों के लिए उपयुक्त मापदंड तय किए गए हैं।
  • इस वर्ष पहली बार शहरों को जनसंख्या पर आधारित 5 श्रेणियों में वर्गीकृत किया गया है; इनमें-

श्रेणी

जनसंख्या

बहुत छोटा (Very Small)

< 20,000

छोटा (Small)

20,000 - 50,000

मध्यम वर्गीय (Medium)

50,000 - 3,00,000

बड़ा (Big)

3,00,000 - 10,00,000

दस लाख से अधिक (Million-Plus)

> 10,00,000

  • इस वर्ष, स्वच्छता लक्षित इकाइयों (CTUs) और 'स्वभाव स्वच्छता संस्कार स्वच्छता' जैसे पहलों को शामिल करके दैनिक जीवन में व्यवहार परिवर्तन को भी मूल्यांकन में शामिल किया गया है।
  • शैक्षणिक संस्थानों में स्वच्छता मूल्यों को बढ़ावा देने और युवा पीढ़ी को स्वच्छता के प्रति जागरूक बनाने के लिए, स्कूलों का मूल्यांकन भी शुरू किया गया है।
  • एक नए ढांचे में व्यवस्थित नई स्वच्छ सर्वेक्षण टूलकिट में सभी संकेतकों को 10 बकेट में बांटा गया है-
    1. दृश्यमान स्वच्छता
    2. कचरे का पृथक्करण, संग्रह और परिवहन
    3. ठोस अपशिष्ट प्रबंधन
    4. स्वच्छता तक पहुंच
    5. उपयोग किए गए जल का प्रबंधन
    6. डीस्लजिंग सेवाओं का मशीनीकरण
    7. स्वच्छता को बढ़ावा देना
    8. पारिस्थितिकी तंत्र और संस्थागत मापदंडों को मजबूत करना
    9. सफाई कर्मचारियों का समग्र कल्याण
    10. नागरिक प्रतिक्रिया और शिकायत निवारण

सुपर स्वच्छ लीग:

  • यह सबसे स्वच्छ शहरों के बीच एक प्रतियोगिता है।
  • पिछले 3 वर्षों (2021-2023) में से कम से कम 2 वर्षों तक शीर्ष 3 स्थानों पर रहने वाले शहरों को इस लीग में शामिल किया गया है।
  • कुल 12 शहरों को इस लीग में स्थान दिया गया है।
  • प्रत्येक जनसंख्या श्रेणी से शीर्ष 3 रैंकिंग वाले शहरों को इस लीग में स्थान मिलेगा।
  • लीग में शामिल होने वाले शहरों का मूल्यांकन अतिरिक्त आकांक्षात्मक संकेतकों के आधार पर किया जाएगा।
  • शहरों को लीग में अपनी जगह बनाए रखने के लिए 85% या उससे अधिक का स्कोर बनाए रखना होगा।

‘सुपर स्वच्छ लीग’ में शामिल शहर:

श्रेणी

शहर

बहुत छोटे शहर

पंचगनी, पाटन

छोटे शहर

वीटा, सासवड़

मध्यम वर्गीय शहर

अंबिकापुर, तिरुपति, नई दिल्ली नगरपालिका परिषद

बड़े शहर

नोएडा, चंडीगढ़

10 लाख से अधिक

नवी मुंबई, इंदौर, सूरत

स्वच्छ सर्वेक्षण: 

  • स्वच्छ सर्वेक्षण भारत सरकार की स्वच्छ भारत मिशन-शहरी (SBM-U) योजना के तहत शुरू किया गया एक वार्षिक कार्यक्रम है। 
  • इसे 2016 में आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था।
  • यह विश्व का सबसे बड़ा शहरी स्वच्छता सर्वेक्षण है।
  • इसका उद्देश्य  शहरी क्षेत्रों में स्वच्छता के स्तर को सुधारना और नागरिकों को स्वच्छता प्रयासों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करना है। 

प्रश्न.  स्वच्छ सर्वेक्षण किस मंत्रालय द्वारा शुरू किया गया था?

(a) ग्रामीण विकास मंत्रालय

(b) स्वास्थ्य और परिवार कल्याण मंत्रालय

(c) आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय

(d) पर्यावरण, वन और जलवायु परिवर्तन मंत्रालय

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