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भूमिगत हाइड्रोकार्बन का निष्कर्षण

संदर्भ 

सहस्राब्दियों से पृथ्वी की भू-पर्पटी में भूवैज्ञानिक प्रक्रियाओं के कारण मृत जीवों के अवशेष अत्यधिक ताप एवं दाब हाइड्रोकार्बन के रूप में परिवर्तित हो गए। इनका उपयोग वर्तमान में ऊर्जा के स्रोत के रूप में किया जा रहा है। 

हाइड्रोकार्बन के स्रोत 

  • सबसे सामान्य रूप में हाइड्रोकार्बन भूमिगत चट्टान संरचनाओं में प्राकृतिक गैस, कोयला, कच्चा तेल और पेट्रोलियम मौजूद होते हैं। 
  • वे आमतौर पर भूमिगत भंडारों में पाए जाते हैं, जब एक अधिक प्रतिरोधी चट्टान एक कम प्रतिरोधी चट्टान को ढक देतीहै। 
    • इससे निर्मित बॉक्स में  हाइड्रोकार्बन जमा हो जाता है। ऐसी संरचनाएँ महत्वपूर्ण होती हैं क्योंकि इसके अभाव में हाइड्रोकार्बन सतह पर तैरेते हुए नष्ट हो जायेंगे।
  • विशेषज्ञ इन चट्टानों का आकलन करने के लिए उनकी सरंध्रता और पारगम्यता की जाँच करते हैं । 
  • यदि कोई चट्टान अत्यधिक छिद्रपूर्ण है, तो उसमें बड़ी मात्रा में हाइड्रोकार्बन हो सकते हैं। 
    • इसी प्रकार, चट्टान जितनी अधिक पारगम्य होगी, हाइड्रोकार्बन उतनी ही आसानी से उसमें प्रवाहित होंगे।

केरोजन के रूप में हाइड्रोकार्बन 

  •  भूमिगत चट्टानी संरचना में हाइड्रोकार्बन के प्राथमिक स्रोत को केरोजेन कहा जाता है। 
  •  केरोजेन को तीन संभावित स्रोतों से प्राप्त किया जा सकता है:
    • झील के अवशेष(लैक्स्ट्रिन) 
    • बड़े समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र
    •  स्थलीय पारिस्थितिकी तंत्र
  • केरोजेन के आसपास की चट्टानें समय के साथ गर्म होने एवं अधिक सघन हो सकती हैं जिससे केरोजेन पर दबाव पड़ने से यह टूट जाता है। 
  • लैक्स्ट्रिन केरोजेन से मोम समुद्री केरोजेन, तेल, गैस, स्थलीय केरोजेन, हल्के तेल, और कोयला होता है।
  • केरोजेन युक्त चट्टान को स्रोत अथवा प्राथमिक चट्टान भी कहा जाता है। 

हाइड्रोकार्बन निष्कर्षण की प्रक्रिया 

  • पेट्रोलियम भूवैज्ञानिकों द्वारा किसी विशेष स्थान को हाइड्रोकार्बन का लाभदायक स्रोत निर्धारित करने के बाद ड्रिलिंग शुरू की जाती है।
  • पहला कार्य एक उत्पादन कुँए के रूप में एक छिद्र का निर्माण करना है जिससे हाइड्रोकार्बन भण्डारण को सतह पर लाया जाता है। 
    • चट्टानों की कटाई को गहराई से रिकॉर्ड करने और उनके गुणों का अध्ययन करने की प्रक्रिया को मड-लॉगिंग कहा जाता है।
  • उत्पादन कुँए की खुदाई के बाद बोरहोल में छोटे छिद्र किए जाते हैं। कुँए के अंदर का दबाव आसपास की चट्टान की तुलना में काफी कम होता है ताकि हाइड्रोकार्बन कुँए में प्रवाहित हो सकें। 
  • कुँए से एक संकरी ट्यूब के माध्यम से हाइड्रोकार्बन को बाहर निकला जाता है। 

उत्पादन कुँए का क्षरण 

  • निष्कर्षण प्रक्रिया के समाप्त होने के पश्चात यदि खनन जारी रखना लाभदायक न हो तब निष्कर्षण बंद किया सकता है।
  • इस प्रकार परित्यक्त  कुँए को बंद करने की आवश्यकता होती है ताकि हाइड्रोकार्बन और बोरहोल में जमा होने वाली गैसें उनके आसपास  के वातावरण में न उत्सर्जित हों। 
  • हाइड्रोकार्बन निकालने के लिए आवश्यक विभिन्न घटकों के उत्पादन एवं उपयोग के दौरान जारी उत्सर्जन के साथ अनुचित तरीके से छोड़े गए कुँए मीथेन उत्सर्जन का एक प्रमुख स्रोत हैं। 
    • वर्ष 2018 के एक अध्ययन  के अनुसार वर्ष 2015 में 90 देशों के 9,000 तेल क्षेत्रों ने 1.7 बिलियन टन कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जित किया।
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