लिम्फेडेमा शरीर के किसी हिस्से (अधिकतर हाथ या पैर) में होने वाली असामान्य और लगातार सूजन है, जो तब होती है जब लसीका तंत्र (Lymphatic System) ठीक से काम नहीं करता।
लसीका तंत्र क्या करता है?
लसीका तंत्र शरीर का “ड्रेनेज सिस्टम” है, जो
- ऊतकों से अतिरिक्त तरल पदार्थ हटाता है
- प्रोटीन और विषैले पदार्थ (toxins) साफ करता है
- तरल को वापस रक्तप्रवाह में भेजता है
जब यह प्रणाली बाधित हो जाती है, तो तरल जमा होने लगता है और सूजन (edema) बन जाती है यही लिम्फेडेमा है।

किन हिस्सों में होता है?
- सबसे सामान्य: हाथ और पैर
- अन्य: चेहरा, गर्दन, स्तन, जननांग क्षेत्र
कारण (Causes)
प्राथमिक (Primary Lymphedema)
- जन्मजात या आनुवंशिक समस्या
- बिना किसी स्पष्ट कारण के अचानक विकसित
द्वितीयक (Secondary Lymphedema) – सबसे आम
- कैंसर सर्जरी में लिम्फ नोड हटाना
- रेडियोथेरेपी से नुकसान
- संक्रमण (जैसे फाइलेरिया)
- चोट या जलन
- ट्यूमर द्वारा दबाव
लक्षण (Symptoms)
शुरुआती
- हल्की सूजन
- भारीपन या जकड़न
- कपड़े या अंगूठी तंग लगना
उन्नत अवस्था
- अंग हिलाने में कठिनाई
- त्वचा मोटी व कठोर होना
- बार-बार त्वचा संक्रमण
- घाव, रिसाव
- सेप्सिस का खतरा
उपचार (Treatment)
ध्यान दें: लिम्फेडेमा स्थायी (chronic) होता है — पूरी तरह ठीक नहीं होता, लेकिन नियंत्रित किया जा सकता है।
मुख्य उपचार
- कम्प्रेशन थेरेपी (Compression stockings/bandage)
- लिम्फ ड्रेनेज मसाज (Manual lymph drainage)
- व्यायाम और फिजियोथेरेपी
- त्वचा की देखभाल (इन्फेक्शन रोकने के लिए)
- कुछ मामलों में सर्जरी
उद्देश्य:
- सूजन कम करना
- दर्द घटाना
- रोज़मर्रा के काम आसान बनाना
नई शोध क्यों महत्वपूर्ण है?
- हाल ही में वैज्ञानिकों ने एक नई कोशिकीय प्रक्रिया खोजी है जो लसीका प्रवाह को नियंत्रित करती है।
- भविष्य में इससे लिम्फेडेमा का अधिक प्रभावी और लक्षित उपचार संभव हो सकता है जो अभी केवल नियंत्रित किया जाता है, ठीक नहीं किया जा सकता।