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वुली फ्लाइंग गिलहरी

  • हिमाचल प्रदेश की मियार घाटी में पहली बार वुली फ्लाइंग गिलहरी (Woolly Flying Squirrel) के अस्तित्व का पहला फोटोग्राफिक साक्ष्य दर्ज किया गया। 
  • यह खोज हिमाचल प्रदेश वन विभाग के वन्यजीव प्रकोष्ठ एवं नेचर कंज़र्वेशन फाउंडेशन (NCF) द्वारा मिलकर किए गए ‘भारत में हिम तेंदुआ संख्या आकलन’ (Snow Leopard Population Assessment in India : SPAI) कार्यक्रम के अंतर्गत की गई थी।

वुली फ्लाइंग गिलहरी के बारे में

  • परिचय : यह उत्तर-पश्चिमी हिमालय क्षेत्र में पाई जाने वाली रात्रिचर गिलहरी है जो अपने घने एवं ऊनी बालों व ग्लाइडिंग क्षमता के लिए प्रसिद्ध है।
    • इसे ‘वेस्टर्न वुली फ्लाइंग गिलहरी’ (Western Woolly Flying Squirrel) भी कहा जाता है।  
  • वंश : युपेटारस (Eupetaurus)
  • परिवार : स्कियुरिडे (Sciuridae)
  • अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ के अनुसार संरक्षण स्थिति : लुप्तप्राय (Endangered)
  • प्रमुख विशेषताएँ
    • यह एक पतली झिल्लीदार त्वचा (Patagium) के सहारे वृक्ष-से-वृक्ष तक ग्लाइड कर सकती है।
    • यह मुख्य रूप से रात में सक्रिय होती है।
    • यह एक शाकाहारी जीव है जो पेड़ों की छाल, पत्तियां, फल आदि खाती है।
    • यह अत्यंत शर्मीला जीव है जिससे इसे देखना या रिकॉर्ड करना बहुत कठिन है।

प्रमुख जोखिम

  • आवास का क्षरण
  • उच्च हिमालयी क्षेत्रों में जलवायु परिवर्तन के कारण प्रभावित पारितंत्र 
  • इसके व्यवहार, संख्या एवं पारिस्थितिकी के बारे में सीमित वैज्ञानिक विवरण 

महत्व

  • यह माना जाता रहा है कि यह गिलहरी केवल पाकिस्तान एवं कश्मीर के कुछ भागों में ही पाई जाती है। यह हिमाचल प्रदेश के स्तनधारी जीवों की सूची में एक नई एवं दुर्लभ प्रजाति है।
  • यह खोज न केवल हिमाचल प्रदेश की जैव-विविधता में वृद्धि को दर्शाता है बल्कि उच्च हिमालयी क्षेत्रों के संवेदनशील पारितंत्र के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी एवं इसे संरक्षित करने की आवश्यकता को भी रेखांकित करती है। 

इसे भी जानिए!

मियार घाटी के बारे में

  • अवस्थिति : यह घाटी हिमाचल प्रदेश के लाहौल-स्पीति जिले के पश्चिमी भाग में स्थित है।
    • यह पीर पंजाल एवं ज़ांस्कर रेंज के बीच स्थित लाहौल रेंज का एक हिस्सा है।
    • इसका 50% से अधिक क्षेत्र ग्लेशियरों से ढका है।

विशेषताएँ : 

  • हिमालयी घास के मैदान, चट्टानी पर्वत और विविध क्षेत्र वन्यजीवों के लिए आदर्श आवास  
  • इस घाटी में वुली फ्लाइंग गिलहरी के अलावा स्नो लेपर्ड, रेड फॉक्स, हिमालयी वुल्फ एवं माउंटेन वीज़ल जैसी कई दुर्लभ प्रजातियों के साक्ष्य
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