वर्ष 2025 में विश्व कुष्ठ दिवस 26 जनवरी को मनाया गया।
भारत में यह प्रत्येक वर्ष 30 जनवरी को मनाया जाता है।
उद्देश्य :
कुष्ठ रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाना, इससे प्रभावित व्यक्तियों के सामने आने वाली चुनौतियों को उजागर करना तथा इसे खत्म करने के लिए सहयोगात्मक कार्रवाई को प्रेरित करना
वर्ष 2025 के लिए थीम :
एकजुट होना, कार्य करना, कुष्ठ रोग को समाप्त करना : एक वैश्विक अनिवार्यता (Unite, Act, Eliminate Leprosy: A Global Imperative)
आरंभ :
इस दिवस को मनाने की शुरुआत वर्ष 1954 में फ़्रांसीसी लेखक और परोपकारी राउल फ़ोलेरो द्वारा की गयी।
महत्व :
यह अंतर्राष्ट्रीय दिवस कुष्ठ रोग से पीड़ित लोगों का सम्मान करने, रोग के बारे में जागरूकता बढ़ाने तथा कुष्ठ रोग से संबंधित कलंक और भेदभाव को समाप्त करने का आह्वान करने का महत्वपूर्ण अवसर है।