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कैदियों से मिलने वालों का आधार सत्यापन

प्रारंभिक परीक्षा – आधार सत्यापन (Aadhaar verification)
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर-2    

संदर्भ 

गृह मंत्रालय ने जेल अधिकारियों को कैदियों से मिलने वालों का आधार सत्यापित करने की अनुमति दी।

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प्रमुख बिंदु 

  • केंद्र सरकार की नई पहल के तहत कैदियों की सुरक्षा को मजबूत करने के लिए अब सभी कैदियों और उनके आगंतुकों को आधार प्रमाणीकरण से गुजरना होगा।
  • हिरासत में बंद लोगों की सुरक्षा मजबूत करने के अलावा उन्हें सभी उचित लाभ सुनिश्चित करने के लिए केंद्र सरकार की नई पहल के तहत यह कदम उठाया है।
  • गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों की सरकारों को भेजे गए एक संदेश में कहा है कि राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र (National Informatics Centre(NIC) और ई-प्रिजन्स (ePrisons) टीम ने कैदियों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया (Standard Operating Procedure) (SOP)  दस्तावेज तैयार किया है।
  • इसका मकसद कैदियों और उनसे मिलने आने वाले सभी लोगों के आधार को ई-प्रिजन मंच से जोड़ना है। इससे जेल अधिकारियों को सुविधा होगी।
  • गृह मंत्रालय ने सभी राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के जेल अधिकारियों से अनुरोध किया है कि वे कैदियों की सुरक्षा मजबूत करने और उचित लाभ सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उनकी एवं उनसे मुलाकात करने वालों के आधार सत्यापन की सुविधा का उपयोग करें।
  • वर्ष 2023 के शुरुआत में केंद्रीय गृह मंत्रालय को जेल के कैदियों और उनके आगंतुकों के आधार प्रमाणीकरण के लिए अधिकृत किया गया।
  • केंद्रीय गृह मंत्रालय ने  6 मार्च और 29 सितंबर 2023 को आवश्यक राजपत्र अधिसूचनाएं जारी कीं, जिसमें राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जेल विभागों को जेल के कैदियों और उनके आगंतुकों का आधार प्रमाणीकरण करने की अनुमति है।
  • यह अधिसूचना सुशासन के लिए आधार प्रमाणीकरण (समाज कल्याण, नवाचार, ज्ञान) नियम, 2020 के नियम 5 के तहत जारी की गई है, जिसमें कहा गया है कि जेल के कैदियों के आगंतुकों को प्रमाणित करने के लिए स्वैच्छिक आधार पर आधार प्रमाणीकरण का प्रदर्शन हां/नहीं प्रमाणीकरण सुविधा का इस्तेमाल करके किया जा सकता है।
  • अधिसूचना में कहा गया है कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जेल विभाग को जेल के कैदियों से मिलने आने वाले लोगों का आधार सत्यापन करने की अनुमति है।
  • गृह मंत्रालय ने कहा कि राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के जेल विभाग को 18 साल से कम उम्र के व्यक्तियों के प्रमाणीकरण के संबंध में आधार अधिनियम की धारा 3ए और 8 के प्रावधानों का पालन करना होगा।
  •  साथ ही,अधिनियम के सभी प्रासंगिक प्रावधानों के तहत बनाए गए नियमों और विनियमों और भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण द्वारा जारी निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा।

लाभ 

  • देश के जेलों में कैदियों की बढ़ती आबादी के कारण जेल अधिकारियों पर उन्हें प्रबंधित करने और उनके रिकॉर्ड की पहचान करने का दबाव है।
  • कैदियों और जेलों के अन्य हितधारकों की पहचान की आवश्यकता है। इसे कैदियों के आधार आधारित सत्यापन द्वारा हासिल किया जा सकता है
  • एनआईसी ने ई-प्रिज़न प्रणाली के साथ एकीकृत आधार सेवाओं को विकसित किया है और इसे देश की 1,378 जेलों में से 1,309 में कार्यात्मक बना दिया है।
  • ई-प्रिज़न एकीकृत आधार सेवाओं का उपयोग जेल के कैदियों, उनके आगंतुकों का सटीक सत्यापन करने, जेल प्रणाली के भीतर पहचान धोखाधड़ी को कम करने और कैदियों के प्रबंधन से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए किया जा सकता है।

आधार (Aadhaar)

  • आधार कार्ड भारत सरकार द्वारा भारत के नागरिकों को जारी किया जाने वाला पहचान पत्र है। 
  • इसमें 12 अंकों की एक विशिष्ट संख्या छपी होती है जिसे भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण  जारी करता है।
  • आधार कार्ड एक पहचान पत्र मात्र है तथा यह नागरिकता का प्रमाणपत्र नहीं है।
  • यह संख्या भारत में कहीं भी व्यक्ति की पहचान और पते का प्रमाण होता है।
  • कोई भी व्यक्ति जो भारत का निवासी हो और जो यू.आई.डी.ए.आई. द्वारा निर्धारित सत्यापन प्रक्रिया को पूरा करता हो, वह आधार के लिए नामांकन करवा सकता है।
  • प्रत्येक व्यक्ति केवल एक बार नामांकन करवा सकता है। नामांकन निशुल्क है।
  • आधार संख्या प्रत्येक व्यक्ति की जीवनभर की पहचान है।
  • आधार संख्या से आपको बैंकिंग, मोबाईल फोन कनेक्शन और सरकारी व गैर-सरकारी सेवाओं की सुविधाएं प्राप्त करने में सुविधा होगी।
  • भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करता है।
  • 28 जनवरी, 2009 को  यूआईडीएआई के गठन का नोटिफिकेशन जारी किया।
  • 2010 में सरकार ने पहली बार एक ट्रायल के तौर पर महाराष्ट्र में आधार योजना लॉन्च की। 

प्रश्न: निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए 

  1. ई-प्रिज़न एकीकृत आधार सेवाओं का उपयोग जेल के कैदियों, उनके आगंतुकों का सटीक सत्यापन करने, जेल प्रणाली के भीतर पहचान धोखाधड़ी को कम करने और कैदियों के प्रबंधन से संबंधित प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सुव्यवस्थित करने के लिए किया जा सकता है।
  2. राष्ट्रीय सूचना विज्ञान केंद्र  और ई-प्रिजन्स (ePrisons) टीम ने कैदियों के लिए एक मानक संचालन प्रक्रिया दस्तावेज तैयार किया है।

उपर्युक्त में से कितने कथन सही हैं ?

 (a) केवल 1   

(b) केवल 2  

(c) कथन 1 और 2  

(d)  न तो 1, न ही 2

उत्तर: (c)

मुख्य परीक्षा प्रश्न : जेल सुधार के क्रम में कैदियों से मिलने वालों का आधार सत्यापित करने की प्रक्रिया के निहितार्थों उल्लेख कीजिए। 

स्रोत: the hindu

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