नीली अर्थव्यवस्था को नई गति

Current Affairs 11-Sep-2026

भारत में समुद्र केवल प्राकृतिक संपदा का स्रोत नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की आजीविका और देश की खाद्य एवं आर्थिक सुरक्षा का आधार भी है। लगभग तीन करोड़ लोगों, विशेषकर हाशिए पर रहने वाले और तटीय समुदायों की आजीविका मत्स्य क्षेत्र पर निर्भर है। पिछले कुछ वर्षों में यह क्षेत्र पारंपरिक मछली पकड़ने की गतिविधि से आगे बढ़कर आधुनिक जलीय कृषि, निर्यात, तकनीक और नीली अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार बन रहा है। इसी परिवर्तन को गति देने के लिए वर्ष 2020 में प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना (PMMSY) शुरू की गई थी। 10 सितंबर 2026 को योजना के छह वर्ष पूरे होना भारत के मत्स्य क्षेत्र के लिए एक महत्वपूर्ण पड़ाव है।

सर्दियों में तीन गुना तक बढ़ता कचरे का धुआँ: छोटे शहरों पर सबसे ज्यादा बोझ

Current Affairs 10-Sep-2026

भारत में सर्दी आते ही वायु प्रदूषण पर बहस तेज हो जाती है। वाहनों का धुआँ, उद्योगों का उत्सर्जन, निर्माण कार्य और पराली जलाने को लेकर खूब चर्चा होती है। लेकिन शहरों की गलियों, खाली प्लॉटों और कूड़े के ढेरों में सुलगती आग अक्सर नजरअंदाज कर दी जाती है। वर्ल्ड रिसोर्सेज इंस्टीट्यूट (WRI) इंडिया के एक अध्ययन ने इसी उपेक्षित समस्या की गंभीरता सामने रखी है। इसके मुताबिक सर्दियों में खुले में कचरा जलाने की घटनाएँ, जलाए जाने वाले कचरे की मात्रा और उससे होने वाला उत्सर्जन गर्मियों की तुलना में तीन गुना तक बढ़ सकता है।

महासागर अनुसंधान पोत (ओआरवी) सागर मंथन

Current Affairs 10-Sep-2026

हाल ही में केंद्रीय पृथ्वी विज्ञान मंत्री ने कोलकाता स्थित ऋषि बंकिम शिपयार्ड में भारत के उन्नत महासागर अनुसंधान पोत (ORV) ‘सागर मंथन’ का शुभारंभ किया। 

नार्कोलेप्सी (Narcolepsy)

Current Affairs 10-Sep-2026

नार्कोलेप्सी (Narcolepsy) पर महत्वपूर्ण शोध करने वाले दो वैज्ञानिकों को हाल ही में एक प्रतिष्ठित विज्ञान पुरस्कार से सम्मानित किया गया। नार्कोलेप्सी एक तंत्रिका संबंधी विकार है, जिसमें व्यक्ति को अचानक नींद आने लगती है और वह बिना चेतावनी के सो सकता है। 

नैवियर-स्टोक्स समीकरण विवाद

Current Affairs 10-Sep-2026

गणित की दुनिया में इन दिनों एक ऐसा विवाद चर्चा में है, जिसमें विज्ञान, कृत्रिम बुद्धिमत्ता और अकादमिक नैतिकता तीनों आमने-सामने दिखाई दे रहे हैं। विवाद का केंद्र है नैवियर-स्टोक्स समीकरण, जो द्रवों यानी पानी और हवा जैसी चीजों की गति का वर्णन करते हैं। इन समीकरणों से जुड़ी एक समस्या दुनिया की सबसे कठिन अनसुलझी गणितीय समस्याओं में शामिल है और इसे हल करने वाले के लिए 10 लाख डॉलर के मिलेनियम पुरस्कार का प्रावधान है। 

जैविक अपशिष्ट से चिकित्सा विज्ञान की नई उम्मीद तक

Current Affairs 10-Sep-2026

लंबे समय तक मासिक धर्म के रक्त को केवल शरीर से बाहर निकलने वाले जैविक अपशिष्ट के रूप में देखा गया। लेकिन विज्ञान की दुनिया में अब इस धारणा को चुनौती मिल रही है। शोधकर्ताओं के लिए मासिक धर्म का रक्त अब ऐसी जैविक सामग्री बनता जा रहा है, जिसमें बीमारी की पहचान, दवाओं के विकास और क्षतिग्रस्त ऊतकों की मरम्मत तक की संभावनाएँ छिपी हो सकती हैं।  

पोषण से स्वस्थ भारत की ओर

Current Affairs 09-Sep-2026

कुपोषण भारत की प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इसका प्रभाव केवल बच्चों के शारीरिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके मानसिक विकास, सीखने की क्षमता और भविष्य की उत्पादकता को भी प्रभावित करता है। महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। इसी चुनौती से निपटने और पोषण को विकास के केंद्र में रखने के उद्देश्य से भारत सरकार ने मार्च 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की। इसका लक्ष्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूत करना और इसे जन आंदोलन का स्वरूप देना था। 

भारत-जापान रक्षा संबंध

Current Affairs 09-Sep-2026

भारत और जापान के बीच संबंध अब केवल राजनीतिक एवं कूटनीतिक सहयोग तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे धीरे-धीरे ठोस रक्षा सहयोग और परिचालन अभिसरण (ऑपरेशनल कन्वर्जेंस) की दिशा में बढ़ रहे हैं। दोनों देश ‘विशेष रणनीतिक एवं वैश्विक साझेदारी’ के अंतर्गत मुक्त एवं खुले हिंद-प्रशांत (फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक–एफओआईपी) की साझा दृष्टि रखते हैं। हालिया उच्चस्तरीय चर्चाओं में परिचालन अंतर-संचालनीयता (ऑपरेशनल इंटरऑपरेबिलिटी), नौसैनिक जहाज निर्माण तथा ‘मेक इन इंडिया’ के तहत रक्षा प्रौद्योगिकी हस्तांतरण पर जोर इस बदलती साझेदारी को दर्शाता है। 

एशियाई-प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू)

Current Affairs 09-Sep-2026

वरिष्ठ भारतीय डाक सेवा (आईपीओएस) अधिकारी डॉ. विनय प्रकाश सिंह को एशियाई-प्रशांत डाक संघ (एपीपीयू) के महासचिव के रूप में लगातार दूसरी बार निर्विरोध चुना गया है। वे 2027–2030 के दूसरे चार-वर्षीय कार्यकाल के लिए सर्वसम्मति से इस पद पर पुनर्निर्वाचित हुए हैं। 

आईएएफ ड्रोनथॉन 2026

Current Affairs 09-Sep-2026

आधुनिक युद्धक्षेत्र में मानवरहित हवाई प्रणालियों यानी ड्रोन की भूमिका लगातार बढ़ रही है। निगरानी और टोही से लेकर खुफिया जानकारी जुटाने, स्वायत्त अभियानों और विशेष सैन्य अभियानों तक ड्रोन तकनीक रक्षा तैयारियों का महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुकी है। इसी बदलते तकनीकी और सामरिक परिदृश्य के बीच भारतीय वायु सेना (आईएएफ) 14 से 16 सितंबर 2026 तक राजस्थान के जैसलमेर स्थित पोखरण रेंज में ‘ड्रोनथॉन-2026’ का आयोजन करने जा रही है।

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