चर्चा में क्यों?
हाल ही में भारत ने ओडिशा के चांदीपुर स्थित इंटीग्रेटेड टेस्ट रेंज (ITR) से अग्नि-4 मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) का सफल यूजर ट्रायल किया। यह परीक्षण स्ट्रैटेजिक फोर्सेज कमांड (SFC) की देखरेख में संपन्न हुआ, जिसमें मिसाइल के सभी प्रमुख तकनीकी और परिचालन मानकों का सफलतापूर्वक सत्यापन किया गया।
अग्नि-4 बैलिस्टिक मिसाइल के बारे में
- अग्नि-4 भारत की स्वदेशी, परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल है।
- इसका विकास रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन (DRDO) ने किया है।
- यह भारत की लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने की क्षमता को मजबूत बनाती है और देश की सामरिक प्रतिरोधक शक्ति का महत्वपूर्ण हिस्सा है।
प्रमुख विशेषताएं:
- यह एक मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (MRBM) है।
- इसकी मारक क्षमता लगभग 4,000 किलोमीटर है।
- यह परमाणु और पारंपरिक, दोनों प्रकार के वारहेड ले जाने में सक्षम है।
- इसमें दो चरणों वाली ठोस ईंधन आधारित प्रणोदन प्रणाली का उपयोग किया गया है।
- मिसाइल में रिंग लेज़र जायरोस्कोप (RLG), माइक्रो नेविगेशन सिस्टम (MINGS) तथा स्वदेशी एवियोनिक्स आधारित मार्गदर्शन प्रणाली लगी है।
- उन्नत जड़त्वीय नेविगेशन और ऑनबोर्ड गाइडेंस प्रणाली के कारण यह लक्ष्य पर उच्च सटीकता से प्रहार कर सकती है।
- इसे रोड-मोबाइल लॉन्चर से प्रक्षेपित किया जाता है, जिससे इसकी त्वरित तैनाती और जीवित रहने की क्षमता बढ़ती है।
- इसका री-एंट्री वाहन विशेष हीट शील्ड से सुरक्षित है, जो वायुमंडल में पुनः प्रवेश के दौरान 3,000°C से अधिक तापमान सहन कर सकता है।
- यह भारत को लंबी दूरी तक सटीक प्रहार करने की क्षमता प्रदान करती है और देश की सामरिक मिसाइल शक्ति को मजबूत बनाती है।
महत्त्व:
- अग्नि-4, अग्नि-2 और अग्नि-5 के बीच की क्षमता को मजबूत करते हुए भारत की विश्वसनीय न्यूनतम प्रतिरोधक क्षमता तथा द्वितीय प्रहार क्षमता को और सशक्त बनाती है।
- अग्नि-4 भारतीय सामरिक बलों की एक महत्वपूर्ण मिसाइल है, जो देश की लंबी दूरी तक मार करने की क्षमता को बढ़ाने के साथ-साथ राष्ट्रीय सुरक्षा को भी मजबूती प्रदान करती है।