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दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना 2018 में संशोधन 

प्रारंभिक परीक्षा- समसामयिकी, मॉब लीचिंग मुआवजा योजना
मुख्य परीक्षा- सामान्य अध्ययन, पेपर- 2

संदर्भ-

  • 29 दिसंबर, 2023 को दिल्ली के उपराज्यपाल वी.के. सक्सेना ने ‘दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना, 2018’ में संशोधन को मंजूरी दे दी। 

दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना 2018 में संशोधन

Delhi-Victim

मुख्य बिंदु-

  • अब ‘भीड़ हिंसा’ (Mob Lynching)  के पीड़ितों और पीट-पीटकर हत्या के मामलों में मृतकों के परिजनों को भी मुआवजा दिया जाएगा। 
  • उच्चतम न्यायालय ने 17 जुलाई 2018 को तहसीन पूनावाला बनाम भारत संघ और अन्य के मामले में राज्य सरकारों को निर्देश दिया था। 
  • इसके तहत राज्य सरकारें सीआरपीसी की धारा 357 A के प्रावधानों के आलोक में ‘मॉब लीचिंग मुआवजा योजना’ तैयार करेंगी। 
  • कोर्ट ने दिशा निर्देश जारी किए थे कि मुआवजा प्रदान करने वाली इस योजना में राज्य सरकारें शारीरिक चोट, मानसिक पीड़ा और रोजगार के नुकसान को  भी ध्यान में रखेंगी।
  • दिल्ली सरकार ने प्रस्ताव पारित करने में पांच साल लगा दिए। 
  • संशोधित योजना में पीड़ित की परिभाषा में बदलाव किया गया है। 
    1. अब मॉब लीचिंग के पीड़ित व्यक्ति या मृतक के परिजनों या उनके कानूनी उत्तराधिकारी को भी इसमें शामिल किया गया है।
    2. घटना के 30 दिनों के भीतर पीड़ित या मृतक के परिजनों को अंतरिम राहत का भुगतान करने का प्रस्ताव किया गया है।
    3. मॉब लीचिंग की वजह से पीड़ित के रोजगार के अवसर को हुई क्षति का आकलन किया जाएगा। 
    4. शिक्षा का मौका छूटने, कानूनी, मेडिकल और अन्य मदों पर होने वाले खर्च पर भी ध्यान दिया जाएगा। 
  • ‘दिल्ली पीड़ित मुआवजा योजना, 2018’ को 27 जून 2019 को तत्कालीन उप राज्यपाल अनिल बैजल ने मंजूरी दी थी। लेकिन, इसमें मॉब लीचिंग  को इस शामिल नहीं किया गया था। 

प्रारंभिक परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- उच्चतम न्यायालय ने किस मामले (केस) में राज्य सरकारों को ‘मॉब लीचिंग मुआवजा योजना’ बनाने का निर्देश दिया था?

  1. श्री राम श्रीधर चिमुरकर बनाम भारत संघ
  2. गणेश पवार और अन्य बनाम भारत संघ
  3. शैलेन्द्र मणि त्रिपाठी बनाम भारत संघ एवं अन्य
  4. तहसीन पूनावाला बनाम भारत संघ एवं अन्य

 उत्तर- (d)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न-

प्रश्न- दिल्ली सरकार द्वारा पारित ‘मॉब लीचिंग मुआवजा योजना’ की विवेचना करें।

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