चर्चा में क्यों ?
हाल ही में अफ्रीका, एशिया, यूरोप, कैरेबियन और प्रशांत क्षेत्र के 15 देशों ने मोम्बासा घोषणा (Mombasa Declaration) को अपनाया। इसका उद्देश्य अवैध मत्स्यन (Illegal Fishing) के विरुद्ध वैश्विक सहयोग को मजबूत करना तथा मत्स्य क्षेत्र में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है।

मोम्बासा घोषणा क्या है ?
- मोम्बासा घोषणा 15 देशों द्वारा अपनाया गया एक अंतरराष्ट्रीय समझौता है, जिसका उद्देश्य अवैध, अप्रतिवेदित और अनियमित मत्स्यन (Illegal, Unreported and Unregulated Fishing - IUU Fishing) पर रोक लगाना है।
- इस घोषणा को केन्या के मोम्बासा शहर में आयोजित 11वें आवर ओशन सम्मेलन (Our Ocean Conference - OOC) के दौरान अपनाया गया। इसी कारण इसका नाम "मोम्बासा घोषणा" रखा गया।
घोषणा के प्रमुख उद्देश्य
- मोम्बासा घोषणा देशों से निम्नलिखित कदम उठाने का आग्रह करती है -
- मत्स्यन पोतों (Fishing Vessels), उनके स्वामित्व और लाइसेंस संबंधी सूचनाओं को अधिक सुलभ बनाना।
- देशों के बीच डेटा साझाकरण (Data Sharing) को मजबूत करना।
- समुद्री गतिविधियों की बेहतर निगरानी और नियमन सुनिश्चित करना।
- मत्स्य क्षेत्र में पारदर्शिता और सुशासन को बढ़ावा देना।
- समुद्री जैव विविधता तथा मत्स्य संसाधनों का संरक्षण करना।
घोषणा पर हस्ताक्षर करने वाले देश
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मोम्बासा घोषणा पर बेल्जियम, कैमरून, चिली, डोमिनिकन गणराज्य, फ्रांस, गाम्बिया, घाना, गिनी, लाइबेरिया, पनामा, पापुआ न्यू गिनी, पेरू, रिपब्लिक ऑफ कांगो, सोमालिया और दक्षिण कोरिया सहित 15 देशों ने हस्ताक्षर किए हैं।
वैश्विक मत्स्य पारदर्शिता चार्टर से संबंध
- यह घोषणा ग्लोबल चार्टर फॉर फिशरीज ट्रांसपेरेंसी (Global Charter for Fisheries Transparency) को भी समर्थन प्रदान करती है।
- इस चार्टर में 10 प्रमुख नीतिगत सिद्धांत शामिल हैं, जिनका उद्देश्य मत्स्य शासन (Fisheries Governance) को अधिक पारदर्शी और प्रभावी बनाना है।
चार्टर के प्रमुख प्रावधान :
- पोत पंजीकरण प्रणाली का आधुनिकीकरण।
- मत्स्यन लाइसेंस और प्राधिकरणों को सार्वजनिक करना।
- मत्स्य गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ाना।
- कम लागत वाले प्रशासनिक सुधारों को प्रोत्साहित करना।
Illegal, Unreported and Unregulated (IUU) Fishing क्या है ?
- Illegal, Unreported and Unregulated (IUU) Fishing से तात्पर्य ऐसी मत्स्य गतिविधियों से है जो -
- राष्ट्रीय या अंतरराष्ट्रीय कानूनों का उल्लंघन करती हैं।
- संबंधित अधिकारियों को रिपोर्ट नहीं की जातीं।
- बिना अनुमति या उचित नियमन के संचालित होती हैं।
IUU Fishing के दुष्प्रभाव
- मछली संसाधनों का अत्यधिक दोहन
- समुद्री जैव विविधता को नुकसान
- तटीय समुदायों की आजीविका पर प्रतिकूल प्रभाव
- खाद्य सुरक्षा के लिए खतरा
- समुद्री पारिस्थितिकी तंत्र का क्षरण
आवर ओशन सम्मेलन (Our Ocean Conference - OOC)
- आवर ओशन सम्मेलन की शुरुआत वर्ष 2014 में अमेरिकी विदेश विभाग द्वारा पूर्व विदेश मंत्री जॉन केरी के नेतृत्व में की गई थी।
- यह महासागरों के संरक्षण और सतत उपयोग से जुड़े मुद्दों पर सरकारों, उद्योगों, गैर-सरकारी संगठनों तथा शैक्षणिक संस्थानों को एक मंच पर लाता है।
OOC के प्रमुख फोकस क्षेत्र
- समुद्री संरक्षित क्षेत्र (Marine Protected Areas)
- सतत ब्लू इकोनॉमी (Sustainable Blue Economy)
- जलवायु परिवर्तन (Climate Change)
- समुद्री सुरक्षा (Maritime Security)
- सतत मत्स्यन (Sustainable Fisheries)
- समुद्री प्रदूषण (Marine Pollution)
OOC 2026
- स्थान: मोम्बासा, केन्या
- विषय: "Our Ocean, Our Heritage, Our Future"
- विशेषता: यह पहली बार था जब यह वैश्विक सम्मेलन अफ्रीकी महाद्वीप में आयोजित किया गया।
निष्कर्ष
मोम्बासा घोषणा अवैध, अप्रतिवेदित और अनियमित मत्स्यन के विरुद्ध वैश्विक सहयोग को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। यह समुद्री संसाधनों के सतत उपयोग, मत्स्य क्षेत्र में पारदर्शिता तथा समुद्री जैव विविधता के संरक्षण को बढ़ावा देती है। साथ ही, यह महासागरों के बेहतर शासन और सतत विकास लक्ष्यों की प्राप्ति के प्रति वैश्विक प्रतिबद्धता को भी दर्शाती है।