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आनंद विवाह अधिनियम  

प्रारंभिक परीक्षा: समसामयिकी, आनंद विवाह अधिनियम, अनुच्छेद-370 
मुख्य परीक्षा: सामान्य अध्ययन, पेपर-3, पेपर-2

चर्चा में क्यों:

वर्ष 2012 में संसद ने आनंद विवाह (संशोधन) विधेयक पारित किया था। इसके तहत सिख पारंपरिक विवाह को कानूनी मान्यता के दायरे में लाया गया था। यह 11 साल के बाद दिसम्बर, 2023 से जम्मू कश्मीर में भी लागू हो गया।

Anand-natrimony-actआनंद विवाह:

  • से आनंद कारज के नाम से भी जाना जाता है।
  • इसका अर्थ है ‘खुशी की ओर कार्य करना’ या ‘खुशहाल जीवन की ओर कार्य करना’
  • सिख गुरु अमर दास द्वारा इसे शुरू किया गया था।
  • समारोह के मूल में शामिल चार लावां (भजन) गुरु राम दास द्वारा रचित थे।

इस कानून का उद्देश्य सिख परंपराओं के अनुसार किए गए विवाह को कानूनी रूप से मान्य करना है।

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आनंद विवाह प्रक्रिया:

  • सिख धर्म में शादी के रीति-रिवाज अन्य धर्मों से अलग हैं।  
  • इस विवाह में शुभ मुहूर्त, कुण्डली मिलान नहीं किया जाता है।
  • सिख धर्म में शादी गुरुद्वारे में करते हैं।
  • हिंदू में 7 फेरे लेते हैं, वहीं इस विवाह में केवल 4 फेरे लिए जाते हैं।
  • इसमें रीति के वक्त अरदास चलती रहती है।
  • फेरे खत्म होने के बाद नव विवाहित जोड़ा गुरु ग्रंथ साहिब और ग्रंथियों के सामने सिर झुकाता है।
  • अंत में प्रसाद बांटा जाता है और शादी सम्पन्न हो जाती है।

आनंद विवाह अधिनियम का घटना क्रम:

  • इस कानून का उद्देश्य सिख परंपराओं के अनुसार किए गए विवाह को कानूनी रूप से मान्य करना है।
  • पहली बार आनंद मैरिज एक्ट को 1909 में ब्रिटिश काल में बनाया गया था।
  • किसी कारणवश इस एक्ट को लागू नहीं किया जा सका।
  • साल 2007 में सुप्रीम कोर्ट ने सभी धर्मों के लिए मैरिज रजिस्ट्रेशन अनिवार्य कर दिया।
  • सिख समुदाय ने भी आनंद मैरिज एक्ट को लागू करने की मांग उठाई।
  • सिख समुदाय के लोगों की शादियां हिंदू मैरिज एक्ट के तहत रजिस्टर की जाती थी।
  • आनंद मैरिज एक्ट में पहले कई बार बदलाव भी किए जा चुके हैं।
  • 2012 में आनंद विवाह अधिनियम,1909 में संशोधन करते हुए दोनों सदनों ने आनंद विवाह संशोधन विधेयक 2012 को पारित किया था।
  • इस अधिनियम से सिख पारंपरिक विवाहों को कानूनी मान्यता के दायरे में लाया गया।
  •  आनंद विवाहों के पंजीकरण के लिए अपने-अपने नियम बनाने का काम अलग-अलग राज्यों पर छोड़ दिया गया।
  • अनुच्छेद 370 होने के कारण यह जम्मू कश्मीर में लागू नहीं था लेकिन अब यह 11 साल बाद जम्मू कश्मीर में भी लागू हो गया।

केंद्र शासित प्रदेश जम्मू कश्मीर में आनंद मैरिज एक्ट : 

  • जम्मू कश्मीर सरकार के कानून, न्याय और संसदीय मामलों के विभाग ने एसओ- 597 को जारी कर दिया है।
  • इस एक्ट की धारा 6 और केंद्रीय गृह मंत्रालय के 19 अप्रैल 2016 के आदेश के तहत मिले अधिकारियों का प्रयोग करते हुए जम्मू कश्मीर आनंद मैरिज रजिस्ट्रेशन नियम 2023 को लागू करने को मंजूरी दी है।

प्रश्न:- आनंद विवाह के सम्बन्ध में, निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:

  1. यह विवाह सिख धर्म से संबंधित है।
  2. सिख गुरु अमर दास द्वारा इसे शुरू किया गया था।
  3. पहली बार आनंद मैरिज एक्ट को 1962 में बनाया गया था।

उपर्युक्त में से कितना/कितने कथन सही है/हैं?

(a) केवल एक

(b) केवल दो

(c) सभी  तीनों

(d) कोई नहीं

उत्तर- (b)

मुख्य परीक्षा के लिए प्रश्न: आनंद विवाह का उल्लेख करते हुए भारत में इसकी कानूनी मान्यता की चर्चा करें।

स्रोत: The Indian Express

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