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बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022:-पर्यावरणीय उत्तरदायित्व की दिशा में भारत का महत्वपूर्ण कदम

  • भारत सरकार ने 22 अगस्त 2022 को बैटरी अपशिष्ट प्रबंधन नियम, 2022 अधिसूचित किए, जो 2001 के पुराने नियमों को प्रतिस्थापित करते हैं। 
  • इन नए नियमों का उद्देश्य देश में सभी प्रकार की बैटरियों के संग्रहण, पुनर्चक्रण (recycling), पुनरुद्धार (refurbishment) और पर्यावरण के अनुकूल निपटान (disposal) की सुनिश्चित व्यवस्था करना है।

मुख्य उद्देश्य

  • पर्यावरणीय सुरक्षा: बैटरियों से निकलने वाले खतरनाक पदार्थों (जैसे - सीसा, पारा, कैडमियम) से पर्यावरण को सुरक्षित रखना।
  • सर्कुलर इकोनॉमी को बढ़ावा देना।
  • Extended Producer Responsibility (EPR) को लागू करके उत्पादकों को उत्तरदायी बनाना।
  • EV बैटरियों, ऑटोमोटिव, पोर्टेबल और औद्योगिक बैटरियों के सतत प्रबंधन को सुनिश्चित करना।

नए नियमों की प्रमुख विशेषताएँ

  1. EPR – विस्तारित उत्पादक उत्तरदायित्व
    • उत्पादकों को बैटरियों का संग्रह, पुनर्चक्रण या पुनरुद्धार करना अनिवार्य है।
    • प्रत्येक वर्ष के लिए विशिष्ट लक्ष्य निर्धारित।
  2. ऑनलाइन पंजीकरण
    • सभी उत्पादकों, पुनरुद्धारकर्ताओं और रीसाइक्लरों को CPCB (केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड) के पोर्टल पर पंजीकरण अनिवार्य।
  3. वार्षिक रिपोर्टिंग
    • उत्पादकों को हर साल कितनी बैटरियाँ एकत्रित और पुनर्चक्रित की गईं, इसका विवरण देना अनिवार्य।
  4. लेबलिंग आवश्यकताएँ
    • प्रत्येक बैटरी पर खतरनाक रासायनिक संकेत (Pb, Hg, Cd) दर्शाने वाले चिन्ह अनिवार्य।
  5. निषिद्ध गतिविधियाँ
    • बैटरी कचरे का लैंडफिल या दहन (incineration) द्वारा निपटान पूरी तरह प्रतिबंधित

Environmental Compensation (EC) पर्यावरणीय क्षतिपूर्ति क्या है?

  • यह एक दंडात्मक आर्थिक तंत्र है, जिसे "Polluter Pays Principle" पर आधारित बनाया गया है।

लागू संस्थाएँ:-

निकाय

कार्य

CPCB

उत्पादकों पर EC लागू करता है (EPR न निभाने पर)

SPCB

स्थानीय स्तर पर पुनरुद्धारकर्ताओं, संग्राहकों, और रीसाइक्लरों पर लागू करता है

EC के दो प्रमुख प्रकार

EC Regime

लागू परिस्थिति

Regime 1

उत्पादक द्वारा EPR लक्ष्य पूरा न करना

Regime 2

नियमों का अन्य प्रकार से उल्लंघन (जैसे – बिना पंजीकरण कार्य करना, झूठी जानकारी देना आदि)

Carry Forward और Refund प्रणाली

  • यदि कोई उत्पादक किसी वर्ष अपना EPR लक्ष्य पूरा नहीं करता है, तो वह लक्ष्य अगले तीन वर्षों तक आगे ले जाया जा सकता है। 
  • यदि वह बाद में पूरा कर लिया गया, तो दंड की आंशिक वापसी (refund) मिल सकती है:

पूर्ति अवधि

EC Refund (%)

1 वर्ष के भीतर

75%

2 वर्षों के भीतर

60%

3 वर्षों के भीतर

40%

3 वर्षों के बाद

शून्य

EC फंड का उपयोग

  • EC के अंतर्गत एकत्र धन को अलग ‘एस्क्रो खाता’ (escrow account) में रखा जाएगा।
  • इस धन का उपयोग बैटरियों के संग्रह, पुनरुद्धार व रीसाइक्लिंग के लिए किया जाएगा।
  • इसकी सिफारिश Implementation Committee द्वारा की जाएगी और केंद्रीय सरकार की मंजूरी आवश्यक होगी।

प्रासंगिक तथ्य (Quick Facts for Revision)

तत्व

विवरण

नियम का नाम

Battery Waste Management Rules, 2022

अधिसूचना तिथि

22 अगस्त 2022

लागू बैटरियाँ

EV, पोर्टेबल, ऑटोमोटिव, औद्योगिक

प्रमुख विशेषता

EPR, ऑनलाइन पंजीकरण, EC दंड, लैंडफिल निषेध

रद्द किए गए पुराने नियम

बैटरियों (प्रबंधन और संचालन) नियम, 2001

नोडल संस्था

CPCB एवं SPCBs

चुनौतियाँ और समाधान

चुनौतियाँ:-

  • ग्रामीण क्षेत्रों में अनुपालन की कठिनाई
  • अनौपचारिक क्षेत्र में बैटरियों का संग्रह व निपटान
  • निगरानी और ट्रैकिंग की सीमित क्षमताएँ
  • जन जागरूकता की कमी

समाधान:-

  • ग्रामीण व शहरी निकायों में स्थानीय संग्रहण केंद्र बनाना
  • डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम द्वारा निगरानी
  • NGOs व CSR के माध्यम से जन-जागरूकता अभियान
  • स्थानीय स्तर पर स्क्रैप डीलर्स को प्रशिक्षित करना
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