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चाइम दूरबीन और तीव्र रेडियो प्रस्फोट 

(प्रारंभिक परीक्षा- राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ, सामान्य विज्ञान)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-3 : विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष)

संदर्भ 

  • हाल ही में, वैज्ञानिकों ने ‘कनाडाई हाइड्रोजन तीव्रता मानचित्रण प्रयोग’ (Canadian Hydrogen Intensity Mapping Experiment- CHIME) के सहयोग से टेलीस्कोप के पहले कैटलॉग में ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोटों’ (Fast Radio Bursts- FRBs) का सबसे बड़ा संग्रह एकत्रित किया है।
  • इस शोध में पुणे स्थित ‘टाटा इंस्टीट्यूट फॉर फंडामेंटल रिसर्च’ (TIFR) और ‘राष्ट्रीय रेडियो खगोल भौतिकी केंद्र’ (NCRA) के शोधकर्ता शामिल हैं।

चाइम दूरबीन

  • चाइम दूरबीन कनाडा के ब्रिटिश कोलंबिया के डोमिनियन रेडियो खगोल-भौतिकी वेधशाला में स्थित एक विशाल स्थैतिक रेडियो दूरबीन है। पृथ्वी के परिघूर्णन के कारण इस टेलिस्कोप को आकाश के आधे हिस्से से प्रतिदिन रेडियो संकेत प्राप्त होते हैं।
  • इस दूरबीन का कोई भी भाग गतिमान नहीं होने के कारण यह पृथ्वी का चक्कर काटने पर प्रत्येक दिन आकाश के आधे हिस्से का ही अवलोकन करने में सक्षम है। इसका संचालन वर्ष 2018 में प्रारंभ हुआ।
  • इस दौरान दोहराव वाले तीव्र रेडियो प्रस्फोटों (रिपीट बर्स्ट) का भी पता चला है। रिपीट बर्स्ट को केवल एक बार दीप्त (फ्लैश) होने वाली बर्स्ट की तुलना में थोड़ा अधिक समय तक विद्यमान पाया गया।
  • चाइम की डाटा हैंडलिंग क्षमता कुछ ऐसी है कि यह प्रति सेकंड 7 टेराबिट्स की जानकारी को प्रोसेस करती है।

‘तीव्र रेडियो प्रस्फोट’ (Fast Radio Burst- FRB)

  • तीव्र रेडियो प्रस्फोट (FRB) विद्युत चुंबकीय स्पेक्ट्रम के रेडियो बैंड में प्रकट होने वाली प्रकाश की असामान्य प्रकार की चमकीली दीप्ति होती है। यह केवल कुछ मिलीसेकंड के लिये प्रदीप्त होती है और फिर बिना कोई निशान छोड़े गायब हो जाती है।
  • ये सूक्ष्म और रहस्यमयी प्रकाश-दीप्तियाँ ब्रह्मांड के विभिन्न और दूरस्थ हिस्सों के साथ-साथ हमारी आकाशगंगा में भी देखी जाती हैं। तीव्र रेडियो प्रस्फोट को खगोल-विज्ञान के महान अनसुलझे रहस्यों में से एक माना जाता है। 
  • इनकी उत्पत्ति के बारे में अभी तक कोई स्पष्ट जानकारी उपलब्ध नहीं है और बड़े पैमाने पर अच्छी तरह से स्थानीयकृत एफ.आर.बी. के अभाव के कारण उनका प्रकटन अत्यधिक अप्रत्याशित है। 

महत्त्व

  • रेडियो खगोल विज्ञान के क्षेत्र में किसी ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोटों’ (FRBs) को देख पाना एक दुर्लभ घटना माना जाता है। रेडियो खगोलविदों ने ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोट’ को पहली बार वर्ष 2007 में देखा था। 
  • इसके बाद, चाइम प्रोजेक्ट से पहले वैज्ञानिकों के अपने टेलीस्कोप से लगभग सौ के आस-पास ही ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोटों’ (FRBs) को देखा जा सका था। चाइम ने अपने संचालन के पहले वर्ष के दौरान ही पाँच सौ से भी अधिक नए ‘तीव्र रेडियो प्रस्फोटों’ का पता लगाया है। संभवतः ये ब्रह्मांड में मौजूद युवा न्यूट्रॉन तारों से निकल रहा है।
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