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CURRENT AFFAIRS

इंस्टाग्राम से टेलीग्राम तक बाल यौन शोषण का कंटेंट का विस्तार

Governance 09-Sep-2026

राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग यानी एनएचआरसी ने इंस्टाग्राम पर चलाए गए ऐसे पेड विज्ञापनों के मामले में इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय यानी एमईआईटीवाई, सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय यानी एमआईबी और दिल्ली पुलिस को नोटिस जारी किया है, जिनके जरिए कथित तौर पर यूजर्स को ऐसे टेलीग्राम चैनलों तक पहुंचाया गया, जहां बच्चों के यौन शोषण से जुड़ी सामग्री यानी सीएसएएम उपलब्ध थी। 

निकोटीन पाउच: भारत में बढ़ता चलन और कानूनी चुनौती

Governance 08-Sep-2026

भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद यानी आईसीएमआर के राष्ट्रीय कैंसर रोकथाम एवं अनुसंधान संस्थान के नेतृत्व में किए गए एक अध्ययन ने भारत में निकोटीन पाउच की बढ़ती उपलब्धता को लेकर गंभीर चिंता सामने रखी है। अध्ययन के अनुसार, ये उत्पाद ऑनलाइन मंचों, हुक्का दुकानों और गिग डिलीवरी सेवाओं के माध्यम से भारतीय शहरों तक पहुंच रहे हैं। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ ने भी मई 2026 में निकोटीन पाउच से जुड़े स्वास्थ्य जोखिमों को लेकर चेतावनी जारी की थी। इसके बावजूद भारत में इनके नियमन की कानूनी स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। 

कमर्शियल एलपीजी महंगा : घरेलू सिलेंडर पर राहत बरकरार

Governance 08-Sep-2026

लगातार दो महीनों तक एलपीजी की कीमतों में गिरावट के बाद तेल विपणन कंपनियों (ओएमसी) ने कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत में करीब 10 रुपये प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी कर दी है। यह बढ़ोतरी 1 सितंबर 2026 से लागू हुई है। दिल्ली में अब 19 किलोग्राम वाले कमर्शियल एलपीजी सिलेंडर की कीमत बढ़कर 2,747.50 रुपये हो गई है। हालांकि, घरेलू उपयोग में आने वाले 14.2 किलोग्राम के एलपीजी सिलेंडर की कीमत में कोई बदलाव नहीं किया गया है। 

बायो-निवेश प्लेटफॉर्म

Governance 05-Sep-2026

हाल ही में विज्ञान और प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) द्वारा शुरू किया गया 'बायो-निवेश' प्लेटफॉर्म, जैव प्रौद्योगिकी (बायोटेक्नोलॉजी) स्टार्टअप्स को निवेशकों से जोड़ने और स्केल-अप के लिए निजी पूंजी जुटाने की एक अभिनव पहल है।

ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) फ्रेमवर्क

Governance 05-Sep-2026

जाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) भारत का पहला स्कूल शिक्षा बोर्ड और महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय (MDU), रोहतक, पहला विश्वविद्यालय बन गया है, जो भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) के ऑफलाइन वेरिफिकेशन सीकिंग एंटिटी (OVSE) फ्रेमवर्क से जुड़ गया है। 

एकीकृत उर्वरक प्रबंधन प्रणाली (iFMS)

Governance 31-Aug-2026

भारत में फर्टिलाइज़र मैनेजमेंट का डिजिटल आधार, 'इंटीग्रेटेड फर्टिलाइज़र मैनेजमेंट सिस्टम' (iFMS) एक नए दौर में प्रवेश कर चुका है। इसके तहत कई डिजिटल पहल शुरू की गई हैं, जिसका मकसद पारदर्शिता बढ़ाना, फर्टिलाइज़र की उपलब्धता में सुधार करना और फर्टिलाइज़र सप्लाई चेन की ज़्यादा असरदार और डेटा-आधारित निगरानी को संभव बनाना है।

आदि वाणी प्लेटफॉर्म (Adi Vaani Platform)

Governance 27-Aug-2026

केंद्र सरकार ने जनजातीय भाषाओं के संरक्षण और इनके माध्यम से बेहतर संवाद को बढ़ावा देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की है। जनजातीय कार्य मंत्रालय ने कर्नाटक के मैसूरु में आयोजित तीन दिवसीय राष्ट्रीय जनजातीय भाषा एवं संग्रहालय सम्मेलन के दौरान ‘आदि वाणी’ नामक एआई आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म का पूर्ण संस्करण पेश किया।  

प्रगति प्लेटफॉर्म

Governance 26-Aug-2026

हाल ही में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी ने सक्रिय शासन और समय पर काम पूरा करने के लिए बनाए गए आईसीटी-आधारित, मल्टी-मॉडल प्लेटफॉर्म प्रगति की 53वीं बैठक की अध्यक्षता की। प्रधानमंत्री ने बैठक के दौरान, रेलवे, सड़क और ऊर्जा क्षेत्रों से जुड़ी छह प्रमुख बुनियादी ढांचागत परियोजनाओं की समीक्षा की। ये परियोजनाएं नौ राज्यों में फैली हुई हैं और इनकी कुल लागत ₹30,000 करोड़ से अधिक है। 

प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा)

Governance 22-Aug-2026

भारत की अर्थव्यवस्था में कृषि का महत्व केवल खाद्य सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि करोड़ों किसानों की आजीविका भी इससे जुड़ी है। कृषि क्षेत्र में किसानों के सामने सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक उनकी उपज का उचित और लाभकारी मूल्य सुनिश्चित करना है। बाजार में कीमतों का उतार-चढ़ाव, बंपर उत्पादन, मांग-आपूर्ति में असंतुलन और फसल कटाई के समय कीमतों में गिरावट किसानों को कई बार अपनी उपज मजबूरी में कम दाम पर बेचने के लिए विवश करती है। इसी चुनौती से निपटने और न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) के लाभ को प्रभावी बनाने के उद्देश्य से सरकार ने सितंबर 2018 में प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (पीएम-आशा) की शुरुआत की। 

विमल इलायची के विज्ञापन पर एफडीए का शिकंजा

Governance 21-Aug-2026

विज्ञापन की दुनिया में किसी ब्रांड की पहचान केवल उसके उत्पाद तक सीमित नहीं रहती। कई बार ब्रांड का नाम, लोगो, रंग, प्रस्तुति और प्रचार का तरीका उपभोक्ताओं के मन में एक खास उत्पाद की छवि बना देता है। यही वजह है कि तंबाकू और पान मसाला जैसे प्रतिबंधित या नियंत्रित उत्पादों के विज्ञापन पर कानून की नजर लगातार बनी रहती है। महाराष्ट्र में ‘विमल इलायची’ के विज्ञापन को लेकर उठे विवाद ने एक बार फिर सरोगेट विज्ञापन के मुद्दे को चर्चा के केंद्र में ला दिया है।

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