Govt. Policy & Intervention 28-Sep-2026
भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण यानी ट्राई ने मोबाइल रिचार्ज से जुड़े नियमों में बदलाव किया है। इन नए नियमों का मुख्य उद्देश्य ऐसे उपभोक्ताओं को अधिक विकल्प देना है, जिन्हें मोबाइल डेटा की जरूरत कम या बिल्कुल नहीं होती और जो मुख्य रूप से वॉयस कॉल तथा एसएमएस सेवाओं का इस्तेमाल करते हैं।
Govt. Policy & Intervention 24-Sep-2026
हाल ही में भारत सरकार ने अंग और ऊतक प्रत्यारोपण में प्रयोग होने वाली दवाओं और जैविक उत्पादों की सुरक्षा निगरानी को मजबूत करने के लिए भारत का बायोविजिलेंस कार्यक्रम (Biovigilance Programme of India) मंजूर किया है।
Govt. Policy & Intervention 21-Sep-2026
ग्रामीण विकास केवल योजनाओं और संसाधनों तक सीमित नहीं है। किसी भी योजना की वास्तविक सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि उसका लाभ अंतिम व्यक्ति और अंतिम गांव तक कितनी प्रभावी ढंग से पहुंचता है। इसी उद्देश्य को पूरा करने में देशभर में कार्यरत अग्रिम पंक्ति के कार्यकर्ताओं और सामुदायिक कैडरों की महत्वपूर्ण भूमिका है। ये स्थानीय कार्यकर्ता ग्रामीण समुदायों और सरकारी संस्थाओं के बीच सेतु का काम करते हुए जागरूकता, क्षमता निर्माण, सेवा वितरण और योजनाओं तक पहुंच को मजबूत करते हैं।
Govt. Policy & Intervention 18-Sep-2026
स्मार्टफोन से लेकर ऑटोमोबाइल, दूरसंचार नेटवर्क, स्वास्थ्य उपकरण और औद्योगिक प्रणालियों तक इलेक्ट्रॉनिक्स आज आधुनिक अर्थव्यवस्था की रीढ़ बन चुका है। संचार, स्वास्थ्य सेवा, परिवहन, वित्त, विनिर्माण और डिजिटल बुनियादी ढांचे जैसी लगभग हर महत्वपूर्ण व्यवस्था इलेक्ट्रॉनिक्स पर निर्भर है। ऐसे में मजबूत घरेलू इलेक्ट्रॉनिक्स पारिस्थितिकी तंत्र तकनीकी मजबूती, आर्थिक सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए महत्वपूर्ण है।
Govt. Policy & Intervention 18-Sep-2026
भारत जैसे विकासशील देश में आर्थिक विकास की सफलता केवल सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) की वृद्धि से नहीं, बल्कि रोजगार की गुणवत्ता, श्रमिकों की सामाजिक सुरक्षा और गरिमापूर्ण जीवन सुनिश्चित करने से भी निर्धारित होती है। इसी संदर्भ में कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (ईपीएफओ) के तहत अनिवार्य कवरेज की वेतन सीमा को ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रतिमाह करना सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के ईपीएफओ के दायरे में आने की संभावना है।
Govt. Policy & Intervention 11-Sep-2026
भारत की स्कूली शिक्षा आज एक ऐसे मोड़ पर है, जहाँ केवल स्कूलों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाना पर्याप्त नहीं है। चुनौती अब ऐसी शिक्षा व्यवस्था तैयार करने की है, जो हर बच्चे को गुणवत्तापूर्ण, समान, समावेशी और भविष्य के लिए उपयोगी शिक्षा दे सके। देश के करीब 14.71 लाख स्कूलों में 24.69 करोड़ से अधिक विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। इतनी विशाल व्यवस्था में बदलाव लाना आसान नहीं, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 ने इसकी दिशा स्पष्ट कर दी है। इसी दिशा को स्कूल स्तर पर जमीन पर उतारने की कोशिश है—‘प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया’ यानी ‘पीएम श्री’ योजना।
Govt. Policy & Intervention 09-Sep-2026
कुपोषण भारत की प्रमुख सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों में से एक है। इसका प्रभाव केवल बच्चों के शारीरिक विकास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह उनके मानसिक विकास, सीखने की क्षमता और भविष्य की उत्पादकता को भी प्रभावित करता है। महिलाओं के स्वास्थ्य पर भी इसका सीधा असर पड़ता है। इसी चुनौती से निपटने और पोषण को विकास के केंद्र में रखने के उद्देश्य से भारत सरकार ने मार्च 2018 में पोषण अभियान की शुरुआत की। इसका लक्ष्य विभिन्न मंत्रालयों और विभागों के बीच समन्वय स्थापित कर पोषण संबंधी सेवाओं को मजबूत करना और इसे जन आंदोलन का स्वरूप देना था।
Govt. Policy & Intervention 07-Sep-2026
सरकार ने वाइब्रेंट विलेजेस प्रोग्राम (वीवीपी) शुरू किया। वर्ष 2023 में शुरू किए गए इस कार्यक्रम का उद्देश्य सीमावर्ती गांवों का समग्र विकास कर उन्हें देश के ‘अंतिम गांव’ के बजाय ‘पहले गांव’ के रूप में विकसित करना है। सरकार का मानना है कि सशक्त और समृद्ध सीमावर्ती समुदाय देश की सुरक्षा की महत्वपूर्ण कड़ी हैं।
Govt. Policy & Intervention 02-Sep-2026
हाल ही में नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अहमदाबाद से 'हब एंड स्पोक' इंटरनेशनल फ़्लाइट ऑपरेशन शुरू किया। इसके साथ ही, वाराणसी और अमृतसर के बाद यह देश का तीसरा ऐसा एयरपोर्ट बन गया है जिसे इंटरनेशनल पैसेंजर मूवमेंट के लिए भारत के 'हब एंड स्पोक' फ़्रेमवर्क में शामिल किया गया है।
Indian Economy 27-Aug-2026
भारत में वाणिज्यिक बागवानी को बढ़ावा देने और किसानों को आधुनिक बागवानी परियोजनाओं के लिए वित्तीय सहायता उपलब्ध कराने वाले राष्ट्रीय बागवानी बोर्ड (एनएचबी) ने अपनी योजना के दिशा-निर्देशों में महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं। संशोधित व्यवस्था में पात्रता के नियमों को अधिक कड़ा किया गया है, परिवार की परिभाषा का विस्तार किया गया है तथा सब्सिडी की दरों में कमी की गई है। इन बदलावों का उद्देश्य सरकारी सहायता का अधिक न्यायसंगत वितरण, दोहरे लाभ की रोकथाम और सब्सिडी व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ाना है।
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