संदर्भ
प्राकृतिक आपदाओं और खराब मौसम की स्थिति में समय पर चेतावनी लोगों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। इसी दिशा में भारत में सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम (Cell Broadcast System-CBS) को फिर से शुरू किया गया है। इस प्रणाली को सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (Centre for Development of Telematics-C-DOT) ने विकसित किया है। इसका उद्देश्य किसी आपदा या आपात स्थिति में प्रभावित क्षेत्र में मौजूद मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक कुछ ही सेकंड में चेतावनी पहुँचाना है।
क्या है सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम?
- सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम एक टेलीकॉम-इनेबल्ड पब्लिक वॉर्निंग सिस्टम (Telecom-enabled Public Warning System) है। इसके माध्यम से अधिकृत अधिकारी किसी निश्चित भौगोलिक क्षेत्र में मौजूद मोबाइल फोन पर एक साथ चेतावनी संदेश भेज सकते हैं।
- इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि संदेश पूरे नेटवर्क के सभी उपयोगकर्ताओं को भेजने के बजाय केवल उस क्षेत्र में मौजूद मोबाइल उपकरणों को लक्षित करके प्रसारित किए जा सकते हैं।
- यह भारत में विकसित की गई इंडिजिनस टेक्नोलॉजी (Indigenous Technology) यानी स्वदेशी तकनीक है। इसे डिपार्टमेंट ऑफ टेलीकम्युनिकेशंस (Department of Telecommunications-DoT) के अंतर्गत सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमैटिक्स (C-DOT) ने नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट अथॉरिटी (National Disaster Management Authority-NDMA) और मिनिस्ट्री ऑफ होम अफेयर्स (Ministry of Home Affairs-MHA) के सहयोग से विकसित किया है।
एसएमएस से कैसे अलग है सीबीएस?
- सीबीएस को सामान्य एसएमएस अलर्ट (SMS Alert) की तुलना में अधिक तेज और प्रभावी बनाया गया है। एसएमएस में संदेश एक-एक करके उपयोगकर्ताओं तक पहुँच सकते हैं और नेटवर्क पर अधिक भार होने की स्थिति में देरी हो सकती है। इसके विपरीत, सेल ब्रॉडकास्ट (Cell Broadcast) के माध्यम से किसी क्षेत्र में मौजूद सभी मोबाइल फोन पर संदेश एक साथ प्रसारित किया जाता है।
- इस कारण नेटवर्क पर अत्यधिक भीड़ होने के बावजूद चेतावनी कुछ ही सेकंड में उपयोगकर्ताओं तक पहुँच सकती है। संदेश लगभग नियर रियल-टाइम (Near Real-Time) में पहुँचते हैं और उन्हें किसी कतार में प्रतीक्षा नहीं करनी पड़ती।
सटीक क्षेत्र में भेजी जा सकती है चेतावनी
- सीबीएस की एक महत्वपूर्ण विशेषता इसकी जियो-टार्गेटिंग (Geo-targeting) क्षमता है। इसके जरिए चेतावनी को किसी एक सेल टावर (Cell Tower) या मोबाइल टावरों के समूह से जुड़े क्षेत्र तक सीमित किया जा सकता है।
- उदाहरण के लिए, यदि किसी विशेष इलाके में अचानक बाढ़, भूकंप या अन्य आपदा का खतरा है, तो उस क्षेत्र में मौजूद मोबाइल उपयोगकर्ताओं को सीधे चेतावनी दी जा सकती है। इससे गैर-प्रभावित क्षेत्रों के लोगों को अनावश्यक अलर्ट मिलने की संभावना कम होती है।
रोमिंग उपयोगकर्ताओं तक भी पहुँच
- सीबीएस की पहुँच केवल स्थानीय मोबाइल उपयोगकर्ताओं तक सीमित नहीं है। लक्षित क्षेत्र में मौजूद रोमिंग यूजर्स (Roaming Users) को भी चेतावनी मिल सकती है। इस तरह यह प्रणाली किसी क्षेत्र में उस समय मौजूद लोगों तक सूचना पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है, भले ही वे उस क्षेत्र के स्थायी निवासी न हों।
- इसके अलावा, सीबीएस 2जी से लेकर 5जी नेटवर्क (2G to 5G Networks) तक समर्थित है। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों क्षेत्रों में इसकी व्यापक पहुँच सुनिश्चित होती है और दूरदराज के इलाकों तक भी आपदा चेतावनी पहुँचाने में मदद मिलती है।
अलर्ट का स्वरूप भी प्रभावी
- सीबीएस के माध्यम से भेजी जाने वाली चेतावनियों को सामान्य संदेशों की तरह नजरअंदाज होने से बचाने के लिए इन्हें प्रायोरिटी नोटिफिकेशन (Priority Notifications) के रूप में प्रदर्शित किया जाता है। मोबाइल स्क्रीन पर ये पॉप-अप मैसेज (Pop-up Messages) के रूप में दिखाई दे सकते हैं और इनके साथ एक विशिष्ट तेज ध्वनि यानी लाउड टोन (Loud Tone) भी होती है।
- समर्थित मोबाइल हैंडसेट में मल्टीलिंगुअल अलर्ट (Multilingual Alerts) वाले टेक्स्ट संदेशों को आवाज में पढ़कर सुनाने की सुविधा भी उपलब्ध हो सकती है। इससे अलग-अलग भाषाएँ बोलने वाले लोगों और आपात स्थिति में तुरंत सूचना प्राप्त करने वाले उपयोगकर्ताओं को लाभ मिल सकता है।
आपदा प्रबंधन में बढ़ेगी क्षमता
- भारत जैसे विशाल और विविध भौगोलिक परिस्थितियों वाले देश में बाढ़, चक्रवात, भूकंप, सुनामी, भूस्खलन और अत्यधिक मौसम जैसी आपदाओं के दौरान तेजी से सूचना पहुँचाना एक बड़ी चुनौती है। ऐसे समय में कुछ सेकंड भी बेहद महत्वपूर्ण हो सकते हैं।
- सेल ब्रॉडकास्ट सिस्टम इस चुनौती से निपटने के लिए एक महत्वपूर्ण तकनीकी माध्यम बन सकता है। फास्ट डिलीवरी (Fast Delivery), प्रिसाइज जियो-टार्गेटिंग (Precise Geo-targeting), वाइड नेटवर्क सपोर्ट (Wide Network Support) और रोमिंग यूजर्स तक पहुँच जैसी विशेषताएँ इसे सार्वजनिक सुरक्षा और आपदा प्रबंधन के लिए उपयोगी बनाती हैं।
- कुल मिलाकर, सीबीएस का उद्देश्य केवल चेतावनी भेजना नहीं, बल्कि सही समय पर सही क्षेत्र में मौजूद सही लोगों तक महत्वपूर्ण सूचना पहुँचाना है। आपदा प्रबंधन की व्यवस्था में इसका प्रभावी उपयोग जनहानि को कम करने और लोगों को समय रहते सुरक्षित स्थानों तक पहुँचने में मदद कर सकता है।