New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 8th June 2026, 6:30 AM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 7th June 2026, 8:00 AM

ब्रेक्जिट समझौते के बाद होने वाले बदलाव

(प्रारंभिक परीक्षा- राष्ट्रीय व अंतर्राष्ट्रीय महत्त्व की सामयिक घटनाएँ)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2 : द्विपक्षीय, क्षेत्रीय और वैश्विक समूह और भारत के हितों को प्रभावित करने वाले करार)

संदर्भ

यू.के. ने 47 वर्ष बाद यूरोपीय संघ की सदस्यता त्याग दी है। यू.के. और यूरोपीय संघ के मध्य ब्रेक्जिट के बाद आर्थिक संबंध और उसकी प्रकृति को लेकर चल रही 11 माह की संक्रमण अवधि 31 दिसम्बर को समाप्त हो जाएगी। इस अवधि के समाप्त होने से कुछ दिन पूर्व ही दोनों पक्षों ने व्यापार और सहयोग समझौता किया है। यूरोपीय संघ के राष्ट्रों द्वारा सर्वसम्मति से स्वीकृत किया गया नया समझौता 1 जनवरी से लागू होगा। इस समझौते की पुष्टि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन के संसद द्वारा की जानी है और जब तक समझौते को औपचारिक रूप से अनुमोदित व हस्ताक्षरित नहीं किया जाता है, तब तक यह अनंतिम आधार पर लागू होगा।

01 जनवरी से होने वाले बदलाव : व्यापार 

  • यू.के. 31 दिसंबर को 23:00 जी.एम.टी. (GMT) पर यूरोपीय संघ के एकल बाज़ार और सीमा शुल्क संघ के साथ-साथ यूरोपीय संघ की सभी नीतियों तथा अंतर्राष्ट्रीय समझौतों को त्याग देगा। सीमा शुल्क संघ के तहत यू.के. अब यूरोपीय संघ के अन्य सदस्य देशों के साथ अलग से बातचीत नहीं कर सकता है।
  • इसका तात्पर्य यह है कि वस्तुओं, सेवाओं और पूँजी के साथ-साथ लोगों की मुक्त आवाजाही एक जनवरी से बंद हो जाएगी क्योंकि यूरोपीय संघ और ब्रिटेन अब अलग-अलग नियमों के साथ दो अलग-अलग बाज़ार बन जाएंगे।
  • यूरोपीय संघ का सदस्य रहते हुए यू.के. अलग से अमेरिका और ऑस्ट्रेलिया जैसे देशों के साथ व्यापार वार्ता नहीं कर सकता था, लेकिन अब वह अपनी व्यापार नीति का निर्धारण कर सकेगा।
  • साथ ही, एक मुक्त व्यापार समझौते के तहत यू.के. और यूरोपीय संघ ने 100% टैरिफ उदारीकरण पर सहमति व्यक्त की है, जिसका अर्थ है कि ब्रिटेन और यूरोपीय संघ के बीच आने-जाने वाले सामानों पर कोई टैरिफ या कोटा लागू नहीं होगा।
  • कोई टैरिफ लागू न होने का अर्थ है कि वस्तुओं के व्यापार पर कोई कर नहीं लगेगा और शून्य कोटा का अर्थ है कि व्यापार के लिये वस्तुओं की मात्रा पर कोई सीमा नहीं होगी।
  • यह पहला मौका है, जब यूरोपीय संघ किसी व्यापारिक भागीदार के साथ शून्य कोटा और शून्य टैरिफ के लिये सहमत हुआ है। हालाँकि, नए व्यापार समझौते के प्रभावी होने से कागजी कार्रवाई और लालफीताशाही बढ़ने की आशंका है।

यात्रा  और मत्स्यन संबंधी बदलाव

  • यू.के. और यूरोपीय संघ के बीच यात्रा करने वाले लोगों के लिये प्रवेश अभी भी वीज़ा मुक्त रहेगा, परंतु उनकी स्क्रीनिंग व जाँच हो सकती है और अब वे बायोमेट्रिक पासपोर्ट का उपयोग नहीं कर सकेंगे। साथ ही, यू.के. अब यूरोपीय संघ के डिज़ाइन को अपनाने से पूर्व जारी किये गए नीले पासपोर्ट पर लौट आएगा।
  • इसके अलावा, यू.के. को अपने मछली पकड़ने वाले क्षेत्र पर संप्रभुता प्राप्त होगी जो वार्ता के प्रमुख बिंदुओं में एक था। यू.के. 31 दिसंबर को यूरोपीय संघ की सामान्य मत्स्य नीति को त्याग देगा परंतु वर्तमान नियम काफी हद तक संक्रमण काल (5 वर्ष तक) के दौरान बने रहेंगे।
  • इसका आशय है कि यूरोपीय नौकाओं को यू.के. के मछली पकड़ने वाले क्षेत्र तक अधिक पहुँच प्राप्त होती रहेगी और दोनों पक्ष संयुक्त रूप से यूरोपीय संघ और यू.के. के जल क्षेत्र में मछली के स्टॉक का प्रबंधन करेंगे।

समझौते के अन्य पहलू

  • इनमें मोबाइल रोमिंग जैसे मुद्दे शामिल हैं। यूरोपीय संघ के देशों और यू.के. के मध्य यात्रा करने वाले लोगों को रोमिंग शुल्क देना पड़ सकता है। हालाँकि, यह नेटवर्क ऑपरेटर पर निर्भर करेगा।
  • साथ ही, एक जनवरी से इलेक्ट्रॉनिक्स और कपड़ों की टैक्स-फ्री एयरपोर्ट बिक्री (Tax-Free Airport Sales of Electronics and Clothing) बंद हो जाएगी। ब्रिटेन में जारी किये गए घरेलू पासपोर्ट यूरोपीय संघ में मान्य नहीं होंगे और यू.के. से आने वाले यात्री गैर-यूरोपीय संघ के देशों से आने वाले यात्रियों पर लगाए गए प्रतिबंधों के अधीन होंगे।
  • यह समझौता अंतर्राष्ट्रीय कानूनों पर आधारित है न कि यूरोपीय संघ के कानून पर अर्थात् यूरोपीय न्यायालय अब पुरानी भूमिका नहीं निभा सकता और न ही ब्रिटेन को अब यूरोपीय संघ के कानून का पालन करने की आवश्यकता है।

ब्रेक्जिट प्रक्रिया का प्रारंभ 

  • इसकी शुरुआत जनवरी 2013 में एक जनमत संग्रह की घोषणा के साथ हुई, जिसमें ब्रिटिश जनता को ब्रेक्जिट के पक्ष या विपक्ष में मतदान करना था। कैमरून के दूसरे कार्यकाल के दौरान यूरोपीय संघ के जनमत संग्रह अधिनियम, 2015 को पारित किया गया और जनमत संग्रह जून 2016 में आयोजित किया गया।
  • ब्रेक्जिट 29 मार्च 2019 को होने वाला था परंतु सांसदों द्वारा यूरोपीय संघ के साथ ‘थेरेसा मे’ द्वारा किये गए सौदे को अस्वीकार करने के बाद 29 मार्च की समय सीमा दो बार विलंबित हुई।
  • अंततः 2020 के प्रारंभ में यूरोपीय संघ को छोड़ने की औपचारिक घोषणा के बाद 11 माह की संक्रमण अवधि की शुरुआत हुई।

आयरिश बैकस्टॉप

  • थेरेसा मे के बाद बोरिस जॉनसन ने पदभार संभाला। सांसदों के लिये सबसे महत्त्वपूर्ण बिंदुओं में से एक आयरिश बैकस्टॉप (Irish Backstops: उत्तरी आयरलैंड और आयरलैंड के बीच प्रस्तावित सीमा व्यवस्था) था जो उत्तरी आयरलैंड (यू.के. का एक हिस्सा) और आयरलैंड गणराज्य (यूरोपीय संघ का हिस्सा) के बीच सीमा की प्रकृति को नियंत्रित करता है।
  • इस समझौते का आशय यह सुनिश्चित करना था कि उत्तरी आयरलैंड और आयरलैंड गणराज्य के बीच कोई कठोर सीमा न हो। जॉनसन के नेतृत्व में बैकस्टॉप हटा दिये गए और इसकी बजाय एक आयरिश सागर सीमा बनाई गई।
  • अब, 1 जनवरी से उत्तरी आयरलैंड और यू.के. के बाकी हिस्सों के बीच एक नई व्यापार सीमा होगी, जिसका अर्थ है कि उत्तरी आयरलैंड अभी भी यूरोपीय संघ के एकल बाज़ार के अधीन होगा और उसके सीमा शुल्क नियमों का पालन करेगा।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR