चर्चा में क्यों ?
हाल ही में बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO) ने प्रोजेक्ट संपार्क के अंतर्गत चटरगला दर्रे पर एक सफल उच्च-ऊँचाई बचाव अभियान तथा सड़क पुनर्निर्माण कार्य पूरा किया। इस अभियान का उद्देश्य दुर्गम पर्वतीय क्षेत्र में यातायात बहाली, सैनिक आवागमन, तथा स्थानीय लोगों की सुरक्षित कनेक्टिविटी सुनिश्चित करना था।
यह अभियान अत्यंत कठिन मौसम, भारी बर्फबारी और भूस्खलन जैसी चुनौतियों के बावजूद सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो BRO की तकनीकी दक्षता और आपातकालीन प्रतिक्रिया क्षमता को दर्शाता है।

चटरगला दर्रे के बारे में
स्थान
- चटरगला दर्रा जम्मू और कश्मीर केंद्र शासित प्रदेश के जम्मू क्षेत्र में स्थित है।
- यह भदेरवाह–चटरगला अक्ष (Bhadarwah–Chattergala Axis) पर स्थित है।
- यह दर्रा कठुआ जिले के बानी क्षेत्र को डोडा जिले के भदेरवाह से जोड़ता है।
- यह दर्रा वृहत्तर हिमालय (Greater Himalayas) की चंबा–डोडा पर्वत श्रृंखला में स्थित है।
भौगोलिक विशेषताएँ
- यह एक ऊँचाई वाला पर्वतीय दर्रा (High Altitude Mountain Pass) है।
- क्षेत्र में:
- अल्पाइन घास के मैदान
- बर्फ से ढकी ऊँची चोटियाँ
- घने देवदार और चीड़ के जंगल
- संकरे, घुमावदार पर्वतीय मार्ग पाए जाते हैं।
- सर्दियों में भारी हिमपात के कारण कई बार यह मार्ग अस्थायी रूप से बंद हो जाता है।
जैव विविधता (Flora & Fauna)
- यह क्षेत्र जैव विविधता से समृद्ध है।
- यहाँ पाए जाने वाले प्रमुख वन्यजीव:
- हिमालयी मोनाल (राजकीय पक्षी – हिमाचल प्रदेश)
- आइबेक्स
- कस्तूरी मृग (Musk Deer)
- यह क्षेत्र पारिस्थितिक दृष्टि से संवेदनशील है।
सामरिक एवं रणनीतिक महत्व
- यह दर्रा:
- सेना की तेज़ आवाजाही में सहायक है।
- सीमावर्ती क्षेत्रों की निगरानी और रसद आपूर्ति को आसान बनाता है।
- आपदा के समय राहत और बचाव कार्य में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
- यह जम्मू क्षेत्र के दूरस्थ इलाकों को मुख्य संपर्क मार्ग से जोड़ता है।
प्रोजेक्ट संपार्क का महत्व
- प्रोजेक्ट संपार्क BRO की एक प्रमुख परियोजना है जिसका उद्देश्य:
- सीमावर्ती और दुर्गम क्षेत्रों में सड़क कनेक्टिविटी सुधारना
- वर्षभर परिवहन योग्य मार्ग विकसित करना
- सामरिक तैयारी को मजबूत करना
- चटरगला दर्रे पर पुनर्निर्माण कार्य से क्षेत्र में:
- यातायात सुरक्षा बढ़ेगी
- पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा
- स्थानीय आर्थिक गतिविधियों में तेजी आएगी
बॉर्डर रोड्स ऑर्गनाइजेशन (BRO)

- BRO भारत की एक प्रमुख सड़क निर्माण कार्यकारी संस्था है।
- यह मुख्य रूप से भारतीय सशस्त्र बलों को लॉजिस्टिक और इंफ्रास्ट्रक्चर सपोर्ट प्रदान करती है।
स्थापना एवं प्रशासन
- स्थापना: 7 मई 1960
- उद्देश्य:
- सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़क निर्माण
- उत्तर एवं पूर्वोत्तर भारत के दुर्गम क्षेत्रों में आधारभूत संरचना विकास
- प्रशासनिक नियंत्रण:
- 2015 से पूर्णतः रक्षा मंत्रालय के अधीन
कार्यक्षेत्र
- भारत के सीमावर्ती इलाकों में:
- सड़क, पुल, सुरंगों का निर्माण और रखरखाव
- मित्र पड़ोसी देशों में भी बुनियादी ढांचा विकास
संगठनात्मक संरचना
- कार्यकारी प्रमुख:
- सीमा सड़क महानिदेशक (Director General Border Roads – DGBR)
- रैंक: लेफ्टिनेंट जनरल के समकक्ष
- मुख्य कैडर:
- जनरल रिजर्व इंजीनियर फोर्स (GREF)
- इसमें:
- भारतीय सेना के इंजीनियर कोर से प्रतिनियुक्त अधिकारी एवं सैनिक भी शामिल होते हैं।
आदर्श वाक्य:-“श्रमेण सर्वम् साध्यम्”(कड़ी मेहनत से सब कुछ प्राप्त किया जा सकता है।)