चीन द्वारा हीलियम के निर्यात पर अस्थायी रोक लगाने का निर्णय ऐसे समय में सामने आया है जब दुनिया पहले से ही इस रणनीतिक गैस की सीमित उपलब्धता और बढ़ती मांग का सामना कर रही है। यद्यपि चीन स्वयं हीलियम का बड़ा उत्पादक नहीं है, फिर भी उसका यह कदम वैश्विक बाजार, उच्च प्रौद्योगिकी उद्योगों और चिकित्सा क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। इससे यह भी स्पष्ट होता है कि आज दुर्लभ संसाधनों का महत्व केवल आर्थिक नहीं, बल्कि रणनीतिक और भू-राजनीतिक भी हो गया है।