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अमेरिका में जन्म से नागरिकता का समापन

(प्रारंभिक परीक्षा : राष्ट्रीय एवं अंतर्राष्ट्रीय घटनाक्रम)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों तथा राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय) 

संदर्भ 

  • 20 जनवरी, 2025 को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ‘अमेरिकी नागरिकता के अर्थ एवं मूल्य की रक्षा’ (Protecting the Meaning and Value of American Citizenship) शीर्षक से एक कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किया। 
  • इस आदेश के लागू होने के पश्चात् अमेरिका में जन्मे बच्चों को तब तक स्वत: अमेरिकी नागरिकता नहीं मिल सकेगी, जब तक कि उसके माता या पिता में से कोई एक अमेरिकी नागरिक या वैध स्थायी निवासी (ग्रीन कार्ड धारक) न हों।
  • आदेश लागू होने की तिथि : यह कार्यकारी आदेश जारी होने के 30 दिनों के बाद अर्थात् 19 फरवरी, 2025 से प्रभावी होगा।
  • वर्तमान स्थिति : सिएटल के एक संघीय न्यायाधीश ने कार्यकारी आदेश के प्रवर्तन पर 14 दिनों के लिए रोक लगा दिया है। 

अमेरिका में जन्म से नागरिकता

  • अमेरिका में जन्म से नागरिकता संवैधानिक रूप से संरक्षित अधिकार है जिसके तहत देश में जन्मे शिशुओं को स्वतः अमेरिकी नागरिकता प्रदान होती है, चाहे उनके माता या पिता में से कोई भी अमेरिकी नागरिक न हो।
  • यह नीति अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन (जुलाई 1868) में निहित है। इसका उद्देश्य अमेरिकी गृहयुद्ध के बाद गुलामी के शिकार अश्वेत अमेरिकियों के लिए नागरिकता का पूर्ण अधिकार प्रदान करना था।
  • प्यू सेंटर फॉर रिसर्च के अनुसार, वर्ष 2022 की स्थिति के अनुसार अमेरिका में 1.3 मिलियन वयस्क ऐसे हैं जिनके माता-पिता बिना दस्तावेज़ वाले अप्रवासी (Undocumented Immigrants) हैं।

आदेश द्वारा मुख्य परिवर्तन

  • 14वें संशोधन की पुनर्व्याख्या : कार्यकारी आदेश ‘इसके अधिकार क्षेत्र के अधीन’ (Subject to the Jurisdiction thereof) खंड की पुनर्व्याख्या करता है जिसके तहत ऐतिहासिक रूप से अमेरिकी भूमि में जन्मे लगभग सभी लोगों को नागरिकता प्रदान की गई है।
  • लक्षित परिवार : यह मुख्य रूप से उन परिवारों को प्रभावित करता है जहाँ माँ अस्थायी वीज़ा (जैसे- H-1B, H-4, L, F) पर है और पिता अमेरिकी नागरिक या ग्रीन कार्ड धारक नहीं है।

संबंधित चुनौतियां एवं समस्याएँ 

  • कार्यकारी आदेश की आलोचना : कानूनी विशेषज्ञों का तर्क है कि यह कार्यकारी आदेश असंवैधानिक है क्योंकि यह 14वें संशोधन और सर्वोच्च न्यायालय के पहले के फैसलों (जैसे- यूनाइटेड स्टेट्स बनाम वोंग किम आर्क ऑफ़ 1898) का खंडन करता है।
  • विभिन्न मुकदमें : 22 अमेरिकी राज्यों के अटॉर्नी जनरल और अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन (ACLU) जैसे संस्थाओं ने मुकदमें दायर किए हैं, जिनका तर्क है कि राष्ट्रपति ट्रंप द्वारा जारी कार्यकारी आदेश संवैधानिक अधिकारों का उल्लंघन है।
  • संवैधानिक संशोधन : 14वें संशोधन में परिवर्तन के लिए एक संवैधानिक संशोधन की आवश्यकता होगी। इसके लिए कांग्रेस के दो-तिहाई और राज्य विधानमंडलों के तीन-चौथाई से अनुमोदन आवश्यक है जोकि चुनौतीपूर्ण होगा।
  • समय पूर्व जन्म : मार्च के आस-पास जन्म देने वाली अप्रवासी महिलाएँ, इस आदेश के बाद 19 फ़रवरी से पूर्व बच्चे के जन्म के लिए प्रयासरत हैं। इससे अल्पविकसित शिशुओं के जन्म का अस्थाई जोखिम बढ़ गया है। 

भारतीय सहित अन्य प्रवासियों पर प्रभाव

  • भारतीय-अमेरिकी समुदाय : यह समुदाय अमेरिका में सबसे तेजी से बढ़ते अप्रवासी समूहों में से एक है। वर्ष 2022 तक लगभग 4.8 मिलियन भारतीय-अमेरिकी हैं।
  • ग्रीन कार्ड बैकलॉग में फंसे भारतीय : यह दस लाख से अधिक भारतीय परिवारों को प्रभावित करता है। इससे विशेष रूप से वे प्रभावित होंगे जो लंबे समय से ग्रीन कार्ड बैकलॉग में फंसे हुए हैं।
  • सुरक्षा जाल की क्षति : जन्म से नागरिकता अमेरिका में जन्मे बच्चों को 21 वर्ष की आयु होने पर अपने माता-पिता की आव्रजन स्थिति (Immigration Status) के लिए याचिका दायर करने की अनुमति देता है। यह विकल्प अब खतरे में है।
  • कानूनी अनिश्चितता : H-1B और अन्य अस्थायी वीजा वाले भारतीय परिवारों को अपने बच्चों की नागरिकता के बारे में अनिश्चितताओं का सामना करना पड़ सकता है।
    • अमेरिकी नागरिकता एवं होमलैंड सेवाओं के अनुसार, वर्ष 2023 में दिए गए कुल H-1B का 72% भारतीय नागरिकों को प्रदान किया गया।
  • अन्य देशों की ओर आव्रजन : भारतीय पेशेवर, छात्र एवं परिवार अमेरिका में अनिश्चितता का सामना करने के बजाय कनाडा व ऑस्ट्रेलिया जैसे अधिक आव्रजन-अनुकूल नीतियों वाले देशों को चुन सकते हैं।

अमेरिकी अर्थव्यवस्था पर प्रभाव

  • भारतीय सहित अन्य देशों के पेशेवर प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य सेवा एवं शिक्षा जैसे उद्योगों में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं। कार्यकारी आदेश कुशल श्रमिकों और प्रतिभाशाली छात्रों को अमेरिका आने से हतोत्साहित कर सकता है।
  • वाशिंगटन डी.सी. स्थित थिंक टैंक ‘इकोनॉमिक पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ के अनुसार, अनुमानतः अमेरिका में 600,000 अप्रवासी श्रमिक H-1B वीजा पर हैं।
  • प्यू रिसर्च सेंटर के अनुसार, कुल मिलाकर अमेरिकी कार्यबल में 30 मिलियन से अधिक अप्रवासी कर्मचारी शामिल हैं।
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