New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

यूरोपीय आयोग की आयु सत्यापन योजना

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: भारत के हितों पर विकसित तथा विकासशील देशों की नीतियों व राजनीति का प्रभाव; प्रवासी भारतीय)

संदर्भ

  • यूरोपीय आयोग (European Commission: EC) ने बच्चों को हानिकारक ऑनलाइन सामग्री से बचाने और यूरोपीय संघ में सुरक्षित डिजिटल स्पेस सुनिश्चित करने के लिए एक एकीकृत आयु सत्यापन योजना का प्रस्ताव रखा है।
  • डेनमार्क, ग्रीस, स्पेन, फ्रांस एवं इटली उन प्रारंभिक देशों में शामिल हैं जो भविष्य में अपनी भाषाओं में अपने राष्ट्रीय आयु सत्यापन ऐप लॉन्च करने के उद्देश्य से यूरोपीय आयोग के साथ मिलकर काम करेंगे।
    • फ्रांस उन देशों में से एक है जो सबसे पहले आयु सत्यापन ऐप प्रोटोटाइप का परीक्षण करेगा।

प्रस्ताव की मुख्य विशेषताएँ

  • विश्वसनीय आयु सत्यापन ढाँचा : यह गोपनीयता से समझौता किए बिना उपयोगकर्ताओं की आयु सत्यापित करने के लिए एक सामान्य यूरोपीय संघ-व्यापी तंत्र की स्थापना करता है।
    • उपयोगकर्ता गुमनाम रूप से अपनी आयु प्रमाणित करने के लिए विश्वसनीय तृतीय-पक्ष सत्यापनकर्ताओं का चयन कर सकते हैं।
    • ई-आईडी के अलावा आगे के अपडेट में उपयोगकर्ताओं के लिए 18 वर्ष से अधिक आयु सिद्ध करने के अतिरिक्त विकल्प शामिल होंगे। 
  • बच्चों की डिजिटल सुरक्षा पर ध्यान : यह नाबालिगों को पोर्नोग्राफ़ी, हिंसा एवं व्यसनकारी प्लेटफ़ॉर्म जैसी सामग्री से बचाता है।
    • प्लेटफ़ॉर्म को कम उम्र के उपयोगकर्ताओं के लिए हेरफेर करने वाले एल्गोरिदम का उपयोग करने से रोकता है।
  • सभी प्लेटफ़ॉर्म पर लागू : इसके अंतर्गत सोशल मीडिया, स्ट्रीमिंग सेवाएँ, गेमिंग साइटें एवं वयस्क सामग्री वाली वेबसाइटें सभी को शामिल किया गया है।
  • गोपनीयता-केंद्रित दृष्टिकोण : यूरोपीय संघ के जनरल डाटा प्रोटेक्शन रेगुलेशन (GDPR) मानदंडों के अनुरूप डाटा न्यूनीकरण एवं सुरक्षा सुनिश्चित करता है।
    • गोपनीयता सुरक्षा के उच्चतम स्तर को सुनिश्चित करने के लिए आयु सत्यापन को नवीनतम तकनीकी समाधानों (शून्य-ज्ञान प्रमाण) के साथ भी बेहतर बनाया जाएगा।

आयु सत्यापन योजना की आवश्यकता 

  • हानिकारक ऑनलाइन सामग्री के संपर्क में आने वाले बच्चों को लेकर बढ़ती चिंता
  • तकनीकी कंपनियों द्वारा अप्रभावी स्व-नियमन
  • सीमा पार डिजिटल चुनौतियों से निपटने के लिए पूरे यूरोपीय संघ में एकसमान विनियमन को प्रोत्साहित करना

आलोचना 

  • आलोचकों का मानना है कि यह प्रस्ताव गोपनीयता के अधिकारों का उल्लंघन करता है और उनकी ऑनलाइन सुरक्षा को खतरे में डाल सकता है। 
  • यह उनकी ब्राउज़िंग गतिविधियों को ट्रैक करना और उनसे पैसा कमाना आसान बना सकता है।
  • इस बात पर भी चर्चा जारी है कि वयस्क सामग्री वाले कुछ सोशल मीडिया प्लेटफ़ॉर्म (जैसे कि X) को पोर्न प्लेटफ़ॉर्म के रूप में वर्गीकृत किया जा सकता है। 
    • इसका भी पूरे यूरोपीय संघ में वयस्क सोशल मीडिया उपयोगकर्ताओं के अनुभव पर प्रभाव पड़ सकता है।

भारत के लिए निहितार्थ

  • भारत अपने डिजिटल इंडिया अधिनियम के मसौदे एवं डाटा सुरक्षा व्यवस्था के लिए इससे सीख सकता है।
  • यह बाल सुरक्षा एवं डिजिटल अधिकारों के बीच संतुलन बनाने के महत्त्व पर प्रकाश डालता है।
  • यह भारत के आई.टी. नियमों के ढाँचे में भविष्य के आयु-सीमा मानदंडों को प्रभावित कर सकता है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR