| (प्रारंभिक परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्न पत्र 1 पर्यावरण एवं पारिस्थिकी) (मुख्य परीक्षा : सामान्य अध्ययन प्रश्नप्रत्र-3 : जैव विविधता, पर्यावरण, संरक्षण, पर्यावरण प्रदूषण और क्षरण, पर्यावरण प्रभाव का आकलन) |
संदर्भ
अंतर्राष्ट्रीय प्रकृति संरक्षण संघ (IUCN) द्वारा शेर (पेंथेरा लियो) के लिए पहला हरित स्थिति मूल्यांकन (Green Status Assessment) जारी किया गया है जोकि शेरों के गहन संरक्षण की आवश्यकता को रेखांकित करता है।
मूल्यांकन के अनुसार इस प्रजाति की संख्या बड़े क्षेत्रों में कम हो गई है जिनमें उत्तरी अफ्रीका एवं दक्षिण-पश्चिम एशिया ऐसे क्षेत्र हैं जहां से यह प्रजाति विलुप्त हो गई है।
मूल्यांकन में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि विभिन्न मानवीय प्रभाव, जैसे कि आवास की हानि और विखंडन आदि के कारण वे अपने पारिस्थितिक तंत्र में पूरी तरह कार्यात्मक नहीं हैं।
शेरों की संख्या काफी हद तक समाप्त हो चुकी है। हालाँकि, इस प्रजाति को आई.यू.सी.एन. रेड लिस्ट में अभी भी संकटग्रस्त (Vulnerable) सूची में रखा गया है।
मूल्यांकन में शेरों के समक्ष आने वाली चुनौतियों से निपटने और उनके पुनरुद्धार एवं मौजूदा आबादी को बनाए रखने के लिए के लिए गहन संरक्षण प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया गया है।
विभिन्न चुनौतियों के बावजूद भी मूल्यांकन ने इस बात पर प्रकाश डाला है कि संरक्षण प्रयासों ने पश्चिम और दक्षिणी मध्य अफ्रीका, दक्षिण अफ्रीका एवं भारत से संभावित विलुप्ति को रोका है।
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