हंतावायरस (Hantavirus)

संदर्भ 

  • हाल ही में एमवी होंडियस नामक खोजी अभियान वाले क्रूज जहाज पर हंतावायरस के प्रसार ने एक बार फिर दुनिया का ध्यान इस दुर्लभ लेकिन खतरनाक वायरस की ओर खींचा है। इस घटना में तीन यात्रियों की मृत्यु हो गई और कई अन्य संक्रमित पाए गए। गौरतलब है कि पिछले वर्ष प्रसिद्ध अभिनेता जीन हैकमैन की पत्नी बेट्सी हैकमैन के निधन के समय भी यह वायरस चर्चा में रहा था। 

जहाज पर संक्रमण की कड़ियां 

  • नीदरलैंड का यह क्रूज जहाज अर्जेंटीना के उशुआइया से अपनी यात्रा शुरू कर दक्षिण अटलांटिक के रास्ते केप वर्डे और कैनरी द्वीप समूह की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान यात्रियों और चालक दल में संक्रमण के लक्षण उभरे। 
  • विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की रिपोर्ट के अनुसार, कुल 8 मामलों की पुष्टि हुई, जिनमें से तीन की मृत्यु हंतावायरस के घातक एंडीज स्ट्रेन से हुई। चूंकि यात्री संक्रमण की पहचान होने से पहले ही अलग-अलग देशों के लिए प्रस्थान कर चुके थे, इसलिए अमेरिका, स्पेन, दक्षिण अफ्रीका और सिंगापुर जैसे देशों के स्वास्थ्य विभाग अब गहन निगरानी और कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग कर रहे हैं। 

हंतावायरस क्या है ? 

  • हंतावायरस मुख्य रूप से चूहों और अन्य कृंतकों (Rodents) द्वारा फैलने वाला वायरस है। मनुष्य इसके संपर्क में तब आते हैं जब वे संक्रमित चूहों के मल, मूत्र या लार से दूषित वातावरण में सांस लेते हैं या सीधे संपर्क में आते हैं। 
  • यह वायरस या तो फेफड़ों को प्रभावित करता है (पल्मोनरी सिंड्रोम) या किडनी और रक्त वाहिकाओं को (हैमरेजिक फीवर)।
  • यद्यपि अधिकांश हंतावायरस इंसानों के बीच नहीं फैलते, लेकिन दक्षिण अमेरिका में सक्रिय एंडीज वायरस स्ट्रेन के मामलों में इंसानों से इंसानों में संक्रमण के प्रमाण मिले हैं, जो इसे अधिक चिंताजनक बनाता है।  

लक्षण और पहचान की चुनौतियाँ  

संक्रमण के संपर्क में आने के 1 से 8 सप्ताह के भीतर लक्षण दिखाई दे सकते हैं। शुरुआती संकेत सामान्य फ्लू जैसे होते हैं: 

  • तेज बुखार, मांसपेशियों में दर्द और अत्यधिक थकान।
  • सिरदर्द, ठंड लगना और चक्कर आना। 
  • गंभीर स्थिति में फेफड़ों में पानी भरना (Fluid build-up) और सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई। 

चूंकि इसके लक्षण डेंगू, कोविड-19 या निमोनिया जैसे रोगों से मिलते-जुलते हैं, इसलिए कई बार सही निदान में देरी हो जाती है, जो मरीज के लिए जानलेवा साबित हो सकती है।  

जोखिम 

  • सबसे अधिक खतरा उन लोगों को है जो चूहों की मौजूदगी वाले स्थानों जैसे खेतों, जंगलों, निर्माण स्थलों या पुराने बंद पड़े गोदामों में काम करते हैं।

उपचार 

  • वर्तमान में हंतावायरस के लिए न तो कोई विशेष एंटीवायरल दवा उपलब्ध है और न ही कोई टीका। इसका उपचार पूरी तरह से सपोर्टिव केयर पर निर्भर है, जिसमें ऑक्सीजन थेरेपी और गहन चिकित्सा सहायता (ICU) शामिल है। जितनी जल्दी चिकित्सा सहायता मिले, बचने की संभावना उतनी ही अधिक होती है। 

क्या यह अगली महामारी है ? 

  • स्वास्थ्य विशेषज्ञों और विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्पष्ट किया है कि हंतावायरस के कोविड-19 जैसी वैश्विक महामारी बनने की संभावना बहुत कम है। इसका कारण यह है कि यह वायरस इन्फ्लुएंजा या कोरोना की तरह हवा के जरिए इंसानों के बीच आसानी से नहीं फैलता। 
  • हालांकि, यह घटना वैश्विक यात्रा और पशु-मानव अंतःक्रिया के बढ़ने से होने वाले ज़ूनोटिक (जानवरों से फैलने वाले) रोगों के खतरों की याद दिलाती है। वस्तुतः प्रभावी निगरानी तंत्र और देशों के बीच आपसी समन्वय ही ऐसे खतरों को रोकने का एकमात्र तरीका है। 
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