संदर्भ
हाल ही में वित्त मंत्रालय के वित्तीय सेवा विभाग (डीएफएस) ने पीएसबी एलायंस के सहयोग से विकसित बिना दावे वाली वित्तीय परिसंपत्तियों के लिए कॉमन लैंडिंग पोर्टल का शुभारंभ किया, ताकि बिना दावे वाली वित्तीय परिसंपत्तियों से संबंधित जानकारी तक सुगम पहुंच सुनिश्चित की जा सके।
अनक्लेम्ड एसेट्स पोर्टल के बारे में
- यह पोर्टल https://www.unclaimedassetsportal.in पर उपलब्ध है।
- यह पोर्टल, वित्तीय जगत में विद्यमान बिना दावे वाले बैंक जमा, बीमा दावों, शेयरों, लाभांश और म्यूचुअल फंड से संबंधित सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करने वाला एक एकीकृत मंच है।
- यह पहल वित्तीय क्षेत्र के नियामकों, बैंकों और अन्य हितधारकों के समन्वय से वित्तीय सेवा विभाग द्वारा बिना दावे वाली वित्तीय परिसंपत्तियों के बारे में जागरूकता बढ़ाने, उनका पता लगाने और उन्हें वापस लौटाने की सुविधा के लिए चलाए गए राष्ट्रव्यापी अभियान आपकी पूंजी, आपका अधिकार पर आधारित है।
- यह पोर्टल एक ही मंच पर कई सर्च सुविधाओं तक पहुंच प्रदान करके नागरिकों की सुविधा में सुधार करेगा और व्यक्तियों को उनकी उचित वित्तीय परिसंपत्तियों से पुनः जोड़ने की दिशा में चल रहे प्रयासों को सुदृढ करेगा।
- कॉमन लैंडिंग पोर्टल अधिक सुलभ, पारदर्शी और नागरिक-केंद्रित वित्तीय प्रणाली के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- इस पहल से जन जागरूकता बढ़ने, सूचना तक पहुंच आसान होने और वित्तीय सशक्तिकरण, समावेशन और वित्तीय प्रणाली में विश्वास बढ़ाने के माध्यम से विकसित भारत 2047 के विजन को साकार करने में योगदान मिलने की उम्मीद है।
आपकी पूंजी, आपका अधिकार अभियान के बारे में
भारत सरकार ने बैंक जमा, बीमा, लाभांश (डिविडेंड), शेयर, म्यूचुअल फंड तथा पेंशन सहित विभिन्न अदावाकृत वित्तीय परिसंपत्तियों को उनके वैध दावेदारों तक पहुँचाने के उद्देश्य से 4 अक्टूबर 2025 को आपकी पूंजी, आपका अधिकार नामक एक राष्ट्रव्यापी अभियान प्रारम्भ किया है।
अभियान का रणनीतिक आधार: 3A फ्रेमवर्क
- यह अभियान 3A फ्रेमवर्क – जागरूकता (Awareness), पहुँच (Access) और कार्यवाही (Action) पर आधारित है।
- अक्टूबर से दिसंबर 2025 तक चलने वाले इस तीन माह के अभियान को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में लागू किया गया है।
जमीनी क्रियान्वयन और जन-पहुँच:
- अक्टूबर से 5 दिसंबर 2025 तक 477 जिलों में जनप्रतिनिधियों, जिला प्रशासन तथा वित्तीय संस्थानों के अधिकारियों की सहभागिता से विशेष शिविर आयोजित किए गए हैं।
- अभियान के अंतर्गत अधिकतम जन-पहुँच सुनिश्चित करने के लिए मानक संचालन प्रक्रियाएँ (SOPs), प्रायः पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs), प्रमुख क्षेत्रीय भाषाओं में जागरूकता सामग्री तथा लघु वीडियो संदेशों का व्यापक प्रचार-प्रसार किया गया है।
- दावा प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाने हेतु जिला-स्तरीय शिविरों का आयोजन किया जा रहा है, जिनमें डिजिटल प्रदर्शन, हेल्पडेस्क तथा मार्गदर्शित सहायता जैसी सुविधाएँ उपलब्ध कराई गई हैं।
अंतर-नियामक समन्वय:
- इस अभियान में वित्तीय क्षेत्र के प्रमुख नियामक संस्थानों में
- भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई),
- भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी),
- भारतीय बीमा विनियामक और विकास प्राधिकरण (आईआरडीएआई),
- पेंशन निधि विनियामक और विकास प्राधिकरण (पीएफआरडीए) तथा
- निवेशक शिक्षा और संरक्षण निधि प्राधिकरण (आईईपीएफए) की सक्रिय भागीदारी शामिल है।
डिजिटल अवसंरचना: दावों के लिए एकीकृत मंच
नागरिकों की सहायता के लिए विभिन्न नियामकों के डिजिटल पोर्टल्स को इस अभियान के प्रमुख उपकरण के रूप में उपयोग किया गया है:
- आरबीआई का उद्गम (UDGAM) पोर्टल - अदावाकृत बैंक जमाओं के लिए
- आईआरडीएआई का बीमा भरोसा मंच - अदावाकृत बीमा राशि के लिए तथा
- सेबी का मित्रा (MITRA) मंच - अदावाकृत म्यूचुअल फंड निवेशों के लिए नागरिकों को अपनी अदावाकृत वित्तीय परिसंपत्तियों का पता लगाने और उन पर दावा करने में सहायता प्रदान करना।
अभियान की सफलता
अभियान के प्रारम्भिक दो महीनों के दौरान लगभग ₹2,000 करोड़ मूल्य की अदावाकृत धनराशि पर उनके वास्तविक स्वामियों अथवा वैध दावेदारों द्वारा सफलतापूर्वक दावा किया गया।