संदर्भ
हाल ही में केंद्रीय पत्तन, पोत परिवहन और जलमार्ग मंत्री ने वित्तीय वर्ष 2024-25 के लिए लॉजिस्टिक्स पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPPI) जारी करने के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र के डिजिटलीकरण और सेवा दक्षता को बढ़ाने के उद्देश्य से चार महत्वपूर्ण डिजिटल पहलों का शुभारंभ किया है।
लॉजिस्टिक्स पोर्ट परफॉर्मेंस इंडेक्स (LPPI) के बारे में
- एलपीपीआई को सागर आकलन (Sagar Aankalan) ढांचे के अंतर्गत विकसित किया गया है।
- यह भारतीय बंदरगाहों के परिचालन प्रदर्शन का मूल्यांकन करने तथा उनमें निरंतर सुधार को प्रोत्साहित करने के लिए तैयार किया गया एक राष्ट्रीय बेंचमार्किंग तंत्र है।
- यह सूचकांक बंदरगाहों का आकलन तीन प्रमुख कार्गो श्रेणियों,
- शुष्क थोक (Dry Bulk),
- तरल थोक (Liquid Bulk) और
- कंटेनर कार्गो (Container Cargo) के आधार पर करता है।
मूल्यांकन के लिए संकेतक
-
- कार्गो प्रबंधन क्षमता,
- पोतों का टर्नअराउंड समय,
- बर्थ की निष्क्रिय अवधि,
- बर्थ आवंटन से पूर्व प्रतीक्षा समय,
- कंटेनर ड्वेल टाइम तथा शिप बर्थ डे आउटपुट
- इस ढाँचे की विशेषता यह है कि इसमें पूर्ण प्रदर्शन (Absolute Performance) और वर्ष-दर-वर्ष सुधार (Year-on-Year Improvement) दोनों को समान महत्व दिया गया है।
- इसका उद्देश्य केवल वर्तमान प्रदर्शन का आकलन करना नहीं, बल्कि बंदरगाहों को निरंतर दक्षता वृद्धि के लिए प्रेरित करना भी है।
- एलपीपीआई को पीएम गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान, मैरीटाइम इंडिया विज़न 2030 तथा मैरीटाइम अमृत काल विज़न 2047 के अनुरूप तैयार किया गया है।
- यह भारत की वैश्विक लॉजिस्टिक्स प्रतिस्पर्धात्मकता तथा समुद्री व्यापार क्षमता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
एलपीपीआई 2024-25 के प्रमुख निष्कर्ष
शुष्क थोक कार्गो श्रेणी
इस श्रेणी में 5 मिलियन टन से अधिक कार्गो का प्रबंधन करते हुए पारादीप पोर्ट अथॉरिटी ने सर्वोच्च स्थान प्राप्त किया।
तरल थोक कार्गो श्रेणी
तरल थोक कार्गो खंड में सिक्का पोर्ट एंड टर्मिनल्स शीर्ष प्रदर्शनकर्ता के रूप में उभरा।
कंटेनर कार्गो श्रेणी
0.5 मिलियन टीईयू (TEU) से अधिक कंटेनर कार्गो का प्रबंधन करते हुए मुंद्रा पोर्ट इस श्रेणी में प्रथम स्थान पर रहा। वहीं प्रमुख कंटेनर बंदरगाहों की श्रेणी में जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी ने दूसरा स्थान हासिल किया।
प्रारंभ की गई प्रमुख डिजिटल पहलें
1. 24×7 शिकायत निवारण मॉड्यूल
- समुद्री क्षेत्र में सेवाओं को अधिक पारदर्शी और उत्तरदायी बनाने के उद्देश्य से ई-नाविक (e-Navik) प्लेटफॉर्म के अंतर्गत 24×7 शिकायत निवारण मॉड्यूल शुरू किया गया है।
- इसके अतिरिक्त ई-समुद्र (e-Samudra) प्लेटफॉर्म पर तीन नए मॉड्यूल- शिप रजिस्ट्रेशन मॉड्यूल, मेडिकल प्रैक्टिशनर मॉड्यूल तथा यूनिफाइड शिप रीसाइक्लिंग क्रेडिट नोट मॉड्यूल भी लॉन्च किए गए हैं।
2. एकीकृत शिप रीसाइक्लिंग पोर्टल
- सरकार द्वारा वर्ष 2025 में घोषित ₹70,000 करोड़ के समुद्री विकास पैकेज के अंतर्गत शिप रीसाइक्लिंग क्रेडिट योजना को लागू करने के लिए एकीकृत शिप रीसाइक्लिंग पोर्टल की शुरुआत की गई है।
- इस योजना के तहत यदि कोई जहाज स्वामी अपने पोत का पुनर्चक्रण हांगकांग कन्वेंशन (Hong Kong Convention) के अनुरूप भारतीय शिप रीसाइक्लिंग यार्डों में कराता है, तो उसे जहाज के स्क्रैप मूल्य के 40 प्रतिशत तक के बराबर क्रेडिट नोट प्राप्त हो सकता है। इस क्रेडिट नोट का उपयोग भारत में नई जहाज निर्माण परियोजनाओं में निवेश या भुगतान के लिए किया जा सकेगा।
- यह पहल जहाज पुनर्चक्रण उद्योग को बढ़ावा देने, पर्यावरणीय मानकों के अनुपालन को प्रोत्साहित करने तथा देश में जहाज निर्माण क्षेत्र की प्रतिस्पर्धात्मकता को सुदृढ़ करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।