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हंतावायरस (Hantavirus) संचरण, लक्षण ,जोखिम समूह ,उपचार और रोकथाम

चर्चा में क्यों ?

  • अटलांटिक महासागर में एक क्रूज जहाज पर संदिग्ध हंतावायरस (Hantavirus Pulmonary Syndrome) संक्रमण फैलने से दहशत, जिसमें अब तक 3 लोगों की मौत हो चुकी है और कई यात्री बीमार हैं।
  • डब्ल्यूएचओ और दक्षिण अफ्रीका के स्वास्थ्य विभाग ने मामले की पुष्टि की है; एक मरीज ICU में गंभीर हालत में है, जबकि संक्रमण के खतरे को देखते हुए जहाज को केप वर्डे तट के पास रोककर यात्रियों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया गया है।

हंतावायरस (Hantavirus)

हंतावायरस एक दुर्लभ लेकिन अत्यंत घातक वायरस है, जो मुख्य रूप से कृन्तकों (rodents), विशेषकर चूहों जैसे स्तनधारियों के माध्यम से फैलता है। यह वायरस मनुष्यों में दो गंभीर रोगों का कारण बन सकता है —

  • Hantavirus Pulmonary Syndrome (HPS) 
  • रीनल सिंड्रोम विद हेमरेजिक फीवर (HFRS) 

इन रोगों में फेफड़ों और गुर्दों पर गंभीर प्रभाव पड़ता है तथा मृत्यु दर काफी अधिक हो सकती है।

संचरण (Transmission)

हंतावायरस का संक्रमण मुख्यतः निम्न तरीकों से होता है :

  • वायुजनित संक्रमण (Aerosol transmission) :
    चूहों के सूखे मल, मूत्र या लार के कण हवा में मिलकर सांस के माध्यम से शरीर में प्रवेश करते हैं। 
  • प्रत्यक्ष संपर्क :
    संक्रमित चूहों या उनकी गंदगी को छूने से संक्रमण हो सकता है। 
  • दुर्लभ मामले :
    चूहों के काटने से भी संक्रमण संभव है। 

मानव से मानव में इसका प्रसार अत्यंत दुर्लभ माना जाता है।

लक्षण (Symptoms)

1. प्रारंभिक चरण (1–8 सप्ताह के भीतर)

  • बुखार और ठंड लगना 
  • मांसपेशियों में दर्द 
  • अत्यधिक थकान 
  • सिरदर्द 
  • मतली, उल्टी और कभी-कभी दस्त 

2. गंभीर चरण (HPS के विकास पर)

  • सांस लेने में कठिनाई 
  • तेज खांसी 
  • सीने में जकड़न 
  • फेफड़ों में द्रव भरना (pulmonary edema) 
  • गंभीर मामलों में हृदय और श्वसन विफलता 

जोखिम समूह (High Risk Groups)

  • किसान और खेतिहर श्रमिक 
  • निर्माण कार्यकर्ता 
  • जंगल/कैंपिंग में रहने वाले लोग 
  • चूहों से प्रभावित क्षेत्रों में कार्य करने वाले व्यक्ति 
  • छोटे बच्चे, गर्भवती महिलाएं और कमजोर प्रतिरक्षा वाले लोग (विशेष रूप से संवेदनशील) 

उपचार (Treatment)

हंतावायरस के लिए कोई विशिष्ट एंटीवायरल दवा उपलब्ध नहीं है। उपचार मुख्यतः सहायक होता है :

  • ऑक्सीजन थेरेपी 
  • ICU में गहन देखभाल 
  • गंभीर मामलों में वेंटिलेटर सपोर्ट 
  • शरीर के तरल और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन का प्रबंधन 

रोकथाम (Prevention)

हंतावायरस से बचाव मुख्यतः स्वच्छता और सावधानी पर आधारित है :

  • घर और कार्यस्थलों को चूहों से मुक्त रखना 
  • भोजन को सुरक्षित और ढककर रखना 
  • दीवारों, दरवाजों और छिद्रों को सील करना 
  • चूहों की सफाई के समय मास्क और दस्ताने का उपयोग करना 
  • संक्रमित क्षेत्रों की सफाई करते समय सूखी झाड़ू के बजाय गीली सफाई करना
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