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हीट डोम

(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र-1 : विश्व एवं भारत का भूगोल, महत्त्वपूर्ण भू-भौतिकीय घटनाएँ)

संदर्भ 

पश्चिमी अमेरिका भीषण गर्मी की चपेट में है। अत्यधिक प्रभावित कैलिफोर्निया के कई शहरों में तापमान उच्चतम स्तर तक पहुँच गया है। विशेषज्ञों के अनुसार मौसम में ये बदलाव हीट डोम बनने के कारण हो रहे है।

HEATDOME

क्या है हीट डोम 

  • हीट डोम एक मौसमी परिघटना है जहां वायुमंडल में एक उच्च दबाव प्रणाली बर्तन पर ढक्कन की तरह ऊष्ण वायु (गर्म हवा) को लंबे समय तक रोके रखती है।
  • हीट डोम परिघटना में गर्म वायु किसी विशेष क्षेत्र में एक ही स्थान पर लंबे समय तक फंस (रुक) जाती है। इससे गर्म वायु का गुंबद (डोम) निर्मित होने लगता है। 
  • उच्च दबाव प्रणाली में पृथ्वी पर सूर्य की अधिक किरण पहुंचने से स्थल भाग अधिक गर्म होकर सूखने लगती है तथा वाष्पीकरण कम होता है और वर्षा के बादल निर्माण की संभावना कम हो जाती है।
  • आमतौर पर हीट डोम की स्थिति दो दिन से लेकर एक हफ्ते तक रहती है। हालाँकि, कभी-कभी यह कई हफ्तों तक बढ़ सकती है, जिसके कारण हीट वेव चलने लगती है। 

हीट डोम के निर्माण के लिए उत्तरदाई कारक 

  • समुद्री तापमान में परिवर्तन
  • समुद्र का तापमान बढ़ने से गर्म वायु इसकी सतह से ऊपर उठती है और ऐसे में जब वायुमंडल में उच्च दबाव का क्षेत्र बनता है तो गर्म वायु ऊपर की ओर उठने के बजाए वातावरण में ही रुक (फंस) जाती है और हीट डोम की स्थिति बन जाती है।   
  • जेट स्ट्रीम की भूमिका 
    • हीट डोम का निर्माण जेट स्ट्रीम के व्यवहार से भी जुड़ा हुआ है। यह वायुमंडल में तेजी से प्रवाहित होने वाली हवा का एक क्षेत्र है, जो प्राय: पृथ्वी की सतह पर मौसम प्रणालियों को गति देने में मदद करती है।
    • आमतौर पर जेट स्ट्रीम में लहर जैसा पैटर्न होता है जो उत्तर से दक्षिण और फिर उत्तर की ओर बढ़ती रहती है। बड़ी एवं लम्बी होने पर ये लहरें धीरे-धीरे चलती हैं और कभी-कभी स्थिर भी हो सकती हैं।
    • उच्च दबाव प्रणाली के कारण यही स्थिर हवाएँ एक ही स्थान पर फंस जाती है और हीट डोम की घटना होती है।
  • जलवायु परिवर्तन 
  • वैज्ञानिकों के अनुसार वैश्विक तापन के कारण जलवायु परिवर्तन में वृद्धि लगातार मौसमी घटनाओं को प्रभावित कर रहा है जिससे हीट डोम जैसी घटनाओं की तीव्रता में वृद्धि हो रही है। 
  • हीट डोम के प्रभाव 
  • हीट डोम के कारण बढ़ने वाली गर्मी से निर्जलीकरण, हीट स्ट्रोक जैसी स्थितियाँ मनुष्य के स्वास्थ्य को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर सकती है।  
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