संदर्भ
- कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ESIC) छह राज्यों में अपने स्वास्थ्य अवसंरचना नेटवर्क में सात नई स्वास्थ्य सुविधाएँ शामिल करेगा। केंद्रीय श्रम मंत्री मनसुख मांडविया तेलंगाना के सनतनगर में इन परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे।
- नई सुविधाओं में ईएसआईसी अस्पताल, सनतनगर का नया आउटपेशेंट विभाग (ओपीडी) ब्लॉक, असम के बेलटोला में उन्नत 200-बेड वाला ईएसआईसी अस्पताल, तमिलनाडु के श्रीपेरंबुदूर में 100-बेड वाला ईएसआईसी अस्पताल, आंध्र प्रदेश के राजमहेंद्रवरम में अस्पताल, गुजरात के सुरेंद्रनगर तथा राजस्थान के कोटा में ईएसआई औषधालय (डिस्पेंसरी) एवं शाखा कार्यालय, और राजस्थान के भवानी मंडी में ईएसआई औषधालय शामिल हैं।
कर्मचारी राज्य बीमा के बारे में
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कर्मचारी राज्य बीमा अधिनियम, 1948 (ईएसआई अधिनियम) का संसद द्वारा पारित किया जाना स्वतंत्र भारत में श्रमिकों के लिए सामाजिक सुरक्षा से संबंधित पहला प्रमुख कानून था। उस समय देश का औद्योगिक विकास प्रारंभिक अवस्था में था और भारत विकसित तथा तीव्र गति से विकसित हो रहे देशों से आयातित वस्तुओं पर काफी हद तक निर्भर था।
ईएसआई अधिनियम, 1948 का उद्देश्य :
ईएसआई अधिनियम, 1948 उन विभिन्न स्वास्थ्य संबंधी परिस्थितियों को समाहित करता है जिनका सामना श्रमिकों को अपने कार्यकाल के दौरान करना पड़ सकता है, जैसे -
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- बीमारी (Sickness)
- मातृत्व (Maternity)
- अस्थायी या स्थायी दिव्यांगता (Temporary or Permanent Disablement)
- व्यावसायिक रोग (Occupational Disease)
- रोजगार के दौरान लगी चोट के कारण मृत्यु (Death due to Employment Injury)
- इन परिस्थितियों के कारण श्रमिकों की मजदूरी या आय अर्जित करने की क्षमता आंशिक अथवा पूर्ण रूप से प्रभावित हो सकती है।
- अधिनियम में किए गए सामाजिक सुरक्षा प्रावधानों का उद्देश्य ऐसी परिस्थितियों में उत्पन्न शारीरिक एवं आर्थिक कठिनाइयों को कम करना या समाप्त करना है। इससे संकट के समय श्रमिकों की मानवीय गरिमा की रक्षा होती है, उन्हें अभाव, निर्धनता और सामाजिक उपेक्षा से सुरक्षा मिलती है तथा समाज को एक उत्पादक और उपयोगी श्रमशक्ति बनाए रखने में सहायता मिलती है।
योजना की शुरुआत: