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बंधक न्याय एवं मानवाधिकार हनन

चर्चा में क्यों?

टोक्यो ओलंपिक से जुड़े रिश्वतखोरी के आरोपों में दोषी ठहराए गए एक प्रमुख जापानी प्रकाशन गृह के पूर्व अध्यक्ष ने 28 जून को तथाकथित "बंधक न्याय" प्रणाली को लेकर जापान सरकार पर मुकदमा दायर किया है। 

क्या है जापान की बंधक न्याय प्रणाली 

  • ‘बंधक न्याय’ (Hostage Justice) या जापानी भाषा में ‘हितोजीची शिहो’ एक जापानी भाषा का मुहावरा है जिसका इस्तेमाल जापानी न्यायपालिका की आलोचना में किया जाता है।
  • यह उस अवधि को संदर्भित करता है जिसके दौरान एक प्रतिवादी को आरोप से इंकार करने पर अधिक समय तक हिरासत में रखा जाता है। 
  • यह जापानी आपराधिक प्रक्रिया में उन मामलों की तुलना में अधिक लंबा है जिनमें प्रतिवादी आरोप से इंकार नहीं करता है।
  • इसमें संदिग्धों को बिना किसी आरोप के पूछताछ के लिए  23 दिनों तक हिरासत में रखा जा सकता है और इसे अनिश्चित काल तक बढ़ाया जा सकता है।
  • जापान की ‘बंधक न्याय’ प्रणाली के अंतर्गत आरोप की स्वीकारोक्ति प्राप्त करने के लिए अपमानजनक पूछताछ, परिवार और अन्य लोगों के साथ संचार पर प्रतिबंध, गैर-ज़िम्मेदार वकील और पर्याप्त स्वास्थ्य देखभाल की कमी आदि मानवाधिकारों का हनन शामिल होता है।
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