| प्रारंभिक परीक्षा: डेंगू वायरस, QDENGA (TAK-003), भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI), WHO प्रीक्वालिफिकेशन, वेक्टर-जनित रोग। मुख्य परीक्षा GS पेपर II: लोक स्वास्थ्य, निवारक स्वास्थ्य देखभाल (Preventive Healthcare), और सार्वभौमिक टीकाकरण GS पेपर III: जैव प्रौद्योगिकी (Biotechnology), वैक्सीन विकास, अनुसंधान एवं नवाचार, और स्वास्थ्य सुरक्षा। मुख्य शब्द (Keywords): डेंगू वैक्सीन, QDENGA, TAK-003, DCGI, टाकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स, डेंगू वायरस, WHO, लाइव एटिन्यूएटेड वैक्सीन, टेट्रावेलेंट वैक्सीन, डेंगू सेरोटाइप, लोक स्वास्थ्य, UPSC करेंट अफेयर्स। |
भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) ने टाकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स इंडिया (जापानी कंपनी टाकेडा की भारतीय इकाई) की QDENGA (TAK-003) को बाजार प्राधिकरण (Market Authorization) प्रदान किया है, जिससे यह भारत में स्वीकृत होने वाली पहली डेंगू वैक्सीन बन गई है।
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विशेषता |
विवरण |
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वैक्सीन का नाम |
QDENGA (TAK-003) |
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विकसित की गई |
टाकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स (जापान) द्वारा |
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स्वीकृति दी गई |
भारतीय औषधि महानियंत्रक (DCGI) द्वारा |
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आयु वर्ग |
4 से 60 वर्ष |
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वैक्सीन का प्रकार |
लाइव एटिन्यूएटेड टेट्रावेलेंट वैक्सीन (Live Attenuated Tetravalent Vaccine) |
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खुराक की संख्या |
दो खुराक |
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खुराक के बीच अंतराल |
तीन महीने |
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सुरक्षा |
डेंगू वायरस के सभी चार सेरोटाइप्स के खिलाफ |
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टीकाकरण-पूर्व जांच |
आवश्यक नहीं |
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WHO स्थिति |
WHO द्वारा अनुशंसित एवं प्रीक्वालिफाइड |
डेंगू वैक्सीन विकसित करना वैज्ञानिक रूप से चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि इसके लिए सभी चार सेरोटाइप्स के खिलाफ एक साथ सुरक्षा की आवश्यकता होती है। टाकेडा ने एक कमजोर किए गए लाइव DENV-2 वायरस को जेनेटिक बैकबोन के रूप में उपयोग करके TAK-003 विकसित किया। शेष तीन सेरोटाइप्स के आनुवंशिक घटकों को इसमें शामिल किया गया ताकि एक टेट्रावेलेंट वैक्सीन तैयार की जा सके, जो चारों डेंगू वायरसों के खिलाफ प्रतिरक्षा (Immunity) उत्पन्न करने में सक्षम हो।
वैक्सीन के विकास में शामिल चरण:
वैक्सीन एक जैविक तैयारी (Biological Preparation) है जो शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली (Immune System) को किसी व्यक्ति के संक्रमित होने से पहले एक विशिष्ट बीमारी पैदा करने वाले रोगजनक (वायरस या बैक्टीरिया) को पहचानने और उससे लड़ने के लिए प्रशिक्षित करती है। बीमारी पैदा करने के बजाय, एक वैक्सीन प्रतिरक्षा प्रणाली को सुरक्षित रूप से रोगजनक के कमजोर, निष्क्रिय या हानिरहित हिस्से के संपर्क में लाती है, जिससे शरीर में प्रतिरक्षा विकसित होती है।
डेंगू एक मच्छर जनित वायरल बीमारी है जो डेंगू वायरस (DENV) के कारण होती है, जो फ्लेविविरस (Flavivirus) परिवार से संबंधित है। यह संक्रमित एडीज एजिप्टी (Aedes aegypti) और एडीज एल्बोपिक्टस (Aedes albopictus) मच्छरों के काटने से फैलता है, जो दिन के समय सक्रिय होते हैं।
इसके चार अलग-अलग सेरोटाइप हैं:
एक सेरोटाइप से संक्रमण केवल उसी सेरोटाइप के खिलाफ आजीवन प्रतिरक्षा प्रदान करता है। किसी अन्य सेरोटाइप से बाद में होने वाला संक्रमण गंभीर डेंगू (डेंगू रक्तस्रावी बुखार या डेंगू शॉक सिंड्रोम) विकसित होने के जोखिम को बढ़ा देता है।
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सूचकांक |
आंकड़े |
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वैश्विक डेंगू बोझ में भारत की हिस्सेदारी |
लगभग एक-तिहाई |
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दर्ज मामलों में वृद्धि (पिछले दो दशक) |
लगभग 11 गुना |
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वायरस सेरोटाइप |
चार |
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पीक ट्रांसमिशन सीजन (चरम संचरण मौसम) |
जुलाई–नवंबर |
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सर्वाधिक प्रभावित क्षेत्र |
शहरी और अर्ध-शहरी क्षेत्र |
भारत दुनिया के डेंगू के कुल बोझ का लगभग एक-तिहाई हिस्सा वहन करता है, और पिछले दो दशकों में दर्ज मामलों में लगभग ग्यारह गुना वृद्धि हुई है।
इसके मुख्य कारणों में शामिल हैं:
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पैरामीटर |
निष्कर्ष |
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कुल प्रतिभागी |
28,000+ |
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शामिल देश |
8 डेंगू-स्थानिक देश |
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प्रयोगशाला-पुष्टि वाले डेंगू के खिलाफ सुरक्षा |
80.2% |
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डेंगू से संबंधित अस्पताल में भर्ती होने से सुरक्षा (18 महीने) |
90.4% |
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अस्पताल में भर्ती होने से सुरक्षा (4.5 वर्ष) |
84.1% |
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दीर्घकालिक फॉलो-अप |
7 वर्षों तक निरंतर सुरक्षा |
QDENGA की स्वीकृति भारत की सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणाली में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। जलवायु परिवर्तन, तीव्र शहरीकरण और बदलते मच्छर आवासों के कारण डेंगू के मामलों में लगातार हो रही वृद्धि के बीच टीकाकरण एक महत्वपूर्ण निवारक उपकरण बन सकता है। हालांकि, टीकाकरण को वेक्टर नियंत्रण, पर्यावरण स्वच्छता, निगरानी और जन जागरूकता पहलों के पूरक के रूप में कार्य करना चाहिए, न कि उनके विकल्प के रूप में।
प्रारंभिक परीक्षा MCQप्र. हाल ही में भारत में स्वीकृत QDENGA (TAK-003) के संदर्भ में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए:
उपर्युक्त कथनों में से कौन-सा/से सही है/हैं? A. केवल 1 B. केवल 1 और 2 C. केवल 2 और 3 D. 1, 2 और 3 मुख्य परीक्षा प्रश्न"डेंगू भारत में एक प्रमुख लोक स्वास्थ्य चुनौती बना हुआ है। परीक्षण कीजिए कि QDENGA (TAK-003) की स्वीकृति भारत की निवारक स्वास्थ्य देखभाल रणनीति को कैसे मजबूत कर सकती है। राष्ट्रीय स्तर पर डेंगू टीकाकरण को लागू करने से जुड़ी चुनौतियों की भी चर्चा कीजिए।" |
1. QDENGA (TAK-003) क्या है?QDENGA एक लाइव एटिन्यूएटेड टेट्रावेलेंट डेंगू वैक्सीन है जिसे टाकेडा बायोफार्मास्युटिकल्स द्वारा डेंगू वायरस के सभी चार सेरोटाइप्स से रक्षा करने के लिए विकसित किया गया है। 2. भारत में यह वैक्सीन कौन प्राप्त कर सकता है?वैक्सीन को 4 से 60 वर्ष की आयु के व्यक्तियों के लिए स्वीकृत किया गया है। 3. क्या टीकाकरण से पहले पूर्व डेंगू संक्रमण आवश्यक है?नहीं। QDENGA को पिछले डेंगू संक्रमण के इतिहास की परवाह किए बिना दिया जा सकता है और इसके लिए टीकाकरण-पूर्व जांच (Pre-vaccination Screening) की आवश्यकता नहीं होती है। 4. कितनी खुराकों की आवश्यकता है?तीन महीने के अंतराल पर दो खुराकें दी जाती हैं। 5. क्या केवल वैक्सीन डेंगू को समाप्त कर सकती है?नहीं। डेंगू के संचरण को प्रभावी ढंग से कम करने के लिए टीकाकरण को मच्छर नियंत्रण, पर्यावरण स्वच्छता, बीमारी की निगरानी और सार्वजनिक जागरूकता के साथ जोड़ा जाना चाहिए। |
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