New
GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM New Year offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 03 Jan 26 GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM New Year offer UPTO 75% + 10% Off | Valid till 03 Jan 26 GS Foundation (P+M) - Delhi : 19th Jan. 2026, 11:30 AM GS Foundation (P+M) - Prayagraj : 09th Jan. 2026, 11:00 AM

भारत का पहला पूर्ण साक्षर राज्य

(प्रारंभिक परीक्षा : राष्ट्रीय घटनाक्रम,योजनाएं एवं कार्यक्रम)
(मुख्य परीक्षा, सामान्य अध्ययन प्रश्नपत्र- 2: कल्याणकारी योजनाएँ और इन योजनाओं का कार्य-निष्पादन, स्वास्थ्य, शिक्षा, मानव संसाधनों से संबंधित सामाजिक क्षेत्र)

संदर्भ 

  • 20 मई, 2025 को मिज़ोरम के मुख्यमंत्री श्री लालदुहोमा ने राज्य को आधिकारिक रूप से ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ घोषित किया। इस प्रकार, मिज़ोरम यह दर्जा प्राप्त करने वाला भारत का पहला राज्य बन गया। 
  • इस उपलब्धि को प्राप्त करने की दिशा में उल्लास कार्यक्रम (नव भारत साक्षरता कार्यक्रम) की प्रभावी भूमिका रही। 

उल्लास कार्यक्रम के बारे में 

  • परिचय : यह एक केंद्र प्रायोजित योजना है जिसकी शुरुआत राष्ट्रीय शिक्षा नीति, 2020 के अंतर्गत शिक्षा को समावेशी, न्यायसंगत एवं सतत बनाने की दिशा की गई थी। 
  • पूर्ण नाम : उल्लास (Understanding of Lifelong Learning for All in Society: ULLAS)
    • इसे नव भारत साक्षरता कार्यक्रम (New India Literacy Program) के नाम से जाना जाता है। 
  • उद्देश्य : इसका उद्देश्य 15 वर्ष और उससे अधिक आयु के उन वयस्कों को शिक्षित करना है, जिन्हें औपचारिक शिक्षा प्राप्त करने का अवसर नहीं मिल पाया।
    • इस योजना का उद्देश्य केवल साक्षरता प्रदान करना नहीं है, बल्कि यह आजीवन शिक्षा, महत्वपूर्ण जीवन-कौशल एवं सामाजिक उत्तरदायित्व को भी बढ़ावा देती है। 
  • योजनावधि : वर्ष 2022 से 2027 तक 
  • वित्तीय परिव्यय : इस योजना का  वित्तीय परिव्यय 1037.90 करोड़ रुपए है जिसमें केंद्र एवं राज्य की हिस्सेदारी क्रमशः 700 करोड़ व 337.90 करोड़ रुपए है।
  • योजना के घटक : इस योजना के पांच घटक हैं जिनमें आधारभूत साक्षरता एवं संख्या का ज्ञान, महत्वपूर्ण जीवन कौशल, बुनियादी शिक्षा, व्यावसायिक कौशल व सतत शिक्षा शामिल हैं।

योजना की प्रमुख विशेषताएँ

  • स्वैच्छिकता पर आधारित कार्यान्वयन : इस योजना का क्रियान्वयन स्वैच्छिक भागीदारी के माध्यम से किया जाता है जिससे नागरिकों में कर्तव्यबोध एवं समाज के प्रति जिम्मेदारी की भावना उत्पन्न होती है।
  • प्रौद्योगिकी का प्रयोग : दीक्षा (DIKSHA) पोर्टल के ‘Education for All’ खंड और ULLAS मोबाइल ऐप के माध्यम से शिक्षार्थियों को स्थानीय भाषाओं में डिजिटल सामग्री तक पहुँच प्रदान की जाती है।
  • प्रयोगात्मक शिक्षण : यह योजना स्वयंसेवक शिक्षकों को अनुभवात्मक शिक्षण विधियाँ अपनाने के लिए प्रेरित करती है जिससे शिक्षण अधिक प्रभावशाली व व्यावहारिक बनता है।
  • मान्यता एवं प्रमाणपत्र : शिक्षार्थियों व शिक्षकों दोनों को उनके प्रयासों के लिए प्रमाणपत्र प्रदान किए जाते हैं जो उन्हें भविष्य में भी सीखते रहने के लिए प्रेरित करते हैं।

निष्कर्ष 

उल्लास- न्यू इंडिया लिटरेसी प्रोग्राम (NILP) एक साक्षरता कार्यक्रम से कहीं बढ़कर एक आंदोलन और उज्ज्वल भविष्य और सशक्त नागरिकों की दिशा में एक अभियान है। इसका  मानना है कि साक्षरता एक मौलिक मानवाधिकार है। इससे जुड़े शिक्षार्थी न केवल पढ़ना-लिखना सीखते हैं बल्कि अपने जीवन, आजीविका व सामुदायिक स्तर पर महत्वपूर्ण बदलाव लाने में भी सक्षम होते हैं।

राष्ट्रीय परिप्रेक्ष्य में महत्व

  • मिज़ोरम की यह उपलब्धि भारत को सार्वभौमिक साक्षरता के लक्ष्य के निकट लाती है। यह मिज़ो समाज की सामुदायिक चेतना, कर्तव्यपरायणता एवं सांस्कृतिक मूल्य की मिसाल प्रस्तुत करती है।
  • यह पहल सतत विकास लक्ष्य (SDG-4) ‘सभी के लिए समावेशी एवं न्यायसंगत गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना और आजीवन सीखने के अवसरों को बढ़ावा देना’ की दिशा में एक ठोस कदम है।

मिजोरम के बारे में

  • स्थापना : मिज़ोरम को 20 फरवरी, 1987 को पूर्ण राज्य का दर्जा प्राप्त हुआ था। 
  • राजधानी : आइज़ोल (Aizawl)
  • साक्षरता : 2011 की जनगणना के अनुसार राज्य की साक्षरता दर 91.33% थी, जो देश में तीसरे स्थान पर रही। 
  • क्षेत्रफल : 21,081 वर्ग किमी.
  • राजकीय भाषा : मिज़ो, अंग्रेज़ी
  • उच्च न्यायालय : गुवाहाटी उच्च न्यायालय
  • जनसंख्या (2011) : लगभग 10.91 लाख
  • राज्य की सीमाएँ : उत्तर में मणिपुर, असम; पूर्व एवं दक्षिण में म्यांमार; पश्चिम में त्रिपुरा व बांग्लादेश
  • विधानसभा सीटें : 40
  • लोकसभा व राज्यसभा सीटें : 1
  • प्रमुख जनजातियाँ : लुशाई (Mizo), चकमा, मारा, ह्लारुंग
  • लोक नृत्य : चेराव, खुल्लम, छेइहलम, सरलामकाई आदि  शामिल हैं। इनमें से चेराव सबसे लोकप्रिय व प्रसिद्ध है जिसे बांस नृत्य के रूप में भी जाना जाता है।  
  • प्रसिद्ध त्यौहार : चपचार कुट, मिउल कुट, थालफवंग कुट
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR