चर्चा में क्यों ?
- संयुक्त राष्ट्र महिला संगठन (UN Women) ने कहा है कि देखभाल (Care) प्रणालियों में निवेश करना केवल सामाजिक आवश्यकता नहीं, बल्कि आर्थिक विकास और लैंगिक समानता के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है।
- संगठन के अनुसार, देखभाल क्षेत्र में निवेश से लाखों नए रोजगार सृजित किए जा सकते हैं, अर्थव्यवस्थाओं को मजबूत बनाया जा सकता है और महिलाओं एवं लड़कियों पर पड़ने वाले अवैतनिक देखभाल कार्य के असमान बोझ को कम किया जा सकता है।

देखभाल कार्य: अर्थव्यवस्था की अदृश्य नींव
- UN Women के अनुसार, देखभाल कार्य—चाहे वह सशुल्क हो या अवैतनिक—समाज और अर्थव्यवस्था की "अदृश्य नींव" है। इसके बावजूद इस कार्य को अक्सर पर्याप्त महत्व नहीं दिया जाता और इसका बोझ असमान रूप से महिलाओं और लड़कियों पर पड़ता है।
- संगठन का अनुमान है कि दुनिया भर में लगभग 35 करोड़ बच्चों को बाल देखभाल सेवाओं की आवश्यकता है। वहीं, देखभाल की जरूरत वाले लोगों की संख्या 2015 के 21 करोड़ से बढ़कर 2030 तक 23 करोड़ होने की संभावना है। बढ़ती उम्रदराज़ आबादी और देखभाल की बढ़ती मांग के कारण इस क्षेत्र में निवेश की आवश्यकता लगातार बढ़ रही है।
महिलाओं पर सबसे अधिक बोझ
- रिपोर्ट के अनुसार, महिलाएं और लड़कियां पुरुषों की तुलना में प्रतिदिन लगभग ढाई गुना अधिक समय अवैतनिक देखभाल कार्यों में बिताती हैं। वैश्विक स्तर पर 70.8 करोड़ कामकाजी आयु की महिलाएं (लगभग 45 प्रतिशत) केवल देखभाल संबंधी जिम्मेदारियों के कारण श्रम बाजार से बाहर हैं। इसके विपरीत पुरुषों में यह आंकड़ा मात्र 5 प्रतिशत है।
- यदि अवैतनिक देखभाल कार्य का आर्थिक मूल्यांकन किया जाए, तो कुछ देशों में इसका योगदान सकल घरेलू उत्पाद (GDP) के 40 प्रतिशत तक हो सकता है। यह दर्शाता है कि अर्थव्यवस्था में इस कार्य की भूमिका कितनी महत्वपूर्ण है, भले ही इसे औपचारिक रूप से मान्यता नहीं मिलती।
देखभाल क्षेत्र में रोजगार की अपार संभावनाएं
- UN Women का कहना है कि देखभाल क्षेत्र में निवेश से निर्माण क्षेत्र की तुलना में दो से तीन गुना अधिक रोजगार उत्पन्न किए जा सकते हैं। अनुमान है कि यदि सरकारें और निजी क्षेत्र इस दिशा में पर्याप्त निवेश करें, तो वर्ष 2035 तक लगभग 30 करोड़ नए सम्मानजनक रोजगार (Decent Jobs) सृजित हो सकते हैं।
- संगठन ने यह भी बताया कि देखभाल क्षेत्र में निवेश पर्यावरण की दृष्टि से भी अधिक अनुकूल है। यह निर्माण क्षेत्र में निवेश की तुलना में लगभग 30 प्रतिशत कम प्रदूषणकारी हो सकता है।
वेतनभोगी देखभाल कार्य में भी महिलाओं का वर्चस्व
- स्वास्थ्य सेवाओं, बाल देखभाल और घरेलू कार्य जैसे देखभाल क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों में लगभग दो-तिहाई महिलाएं हैं। वैश्विक स्तर पर वेतनभोगी घरेलू कामगारों में 80 प्रतिशत महिलाएं हैं। इसके बावजूद अधिकांश महिलाओं को कम वेतन, असुरक्षित कार्य परिस्थितियों और सामाजिक सुरक्षा के अभाव का सामना करना पड़ता है।
- रिपोर्ट के अनुसार, दुनिया के लगभग 90 प्रतिशत घरेलू कामगार सामाजिक सुरक्षा और सामाजिक बीमा जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं।
जलवायु परिवर्तन और संघर्ष से बढ़ रहा दबाव
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UN Women ने चेतावनी दी है कि जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक आपदाएं और संघर्ष जैसी परिस्थितियां देखभाल प्रणालियों पर अतिरिक्त दबाव डाल रही हैं। इन संकटों का सबसे अधिक प्रभाव महिलाओं और लड़कियों पर पड़ता है, जो ऐसी परिस्थितियों में पुरुषों की तुलना में लगभग चार गुना अधिक समय अवैतनिक देखभाल कार्यों में लगाती हैं।
ट्रांसफॉर्म केयर इनिशिएटिव
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UN Women का "Transform Care Initiative" 50 से अधिक देशों में स्वास्थ्य और देखभाल प्रणालियों को मजबूत बनाने का प्रयास कर रहा है। इस पहल का लक्ष्य वर्ष 2035 तक लगभग 29 लाख महिलाओं और लड़कियों तक पहुंचना, महिलाओं के लिए 26 करोड़ सम्मानजनक रोजगार सृजित करना तथा महिलाओं और लड़कियों के 10 ट्रिलियन घंटे का समय बचाना है।
निष्कर्ष
UN Women का मानना है कि समान और समावेशी देखभाल प्रणालियों में निवेश लैंगिक समानता, आर्थिक समृद्धि और सामाजिक लचीलापन बढ़ाने के सबसे प्रभावी उपायों में से एक है। बढ़ती देखभाल आवश्यकताओं के बीच सरकारों और निजी क्षेत्र को इस क्षेत्र में निवेश बढ़ाकर महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण और सतत विकास को बढ़ावा देना चाहिए।