संदर्भ
केन्द्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) डॉ. जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में चर्चा के दौरान जानकारी दी कि पिछले पांच वर्षों के दौरान विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के इनोवेशन इन साइंस परस्यूट फॉर इस्पायर्ड रिसर्च (‘इंस्पायर’-आईएनएसपीआईआरई) कार्यक्रम ने अपने चार प्रमुख घटकों के माध्यम से अकादमिक और अनुसंधान यात्रा के विभिन्न चरणों में वैज्ञानिक प्रतिभा का व्यवस्थित रूप से पोषित किया है।
इंस्पायर (INSPIRE) कार्यक्रम के बारे में
- भारत सरकार ने नवंबर 2008 में लगभग 1,979.25 करोड़ रुपये की लागत से 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान इंस्पायर योजना को स्वीकृति प्रदान की।
- 13 दिसंबर 2008 को इस कार्यक्रम का शुभारंभ किया। यह कार्यक्रम 12वीं पंचवर्षीय योजना में भी 2,200 करोड़ रुपये के बजटीय प्रावधान के साथ जारी रखा गया।
- इंस्पायर (Innovation in Science Pursuit for Inspired Research) कार्यक्रम विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (डीएसटी) द्वारा विकसित किया गया है।
उद्देश्य:
- इसका उद्देश्य कम आयु में ही विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि और उत्साह उत्पन्न करना तथा देश के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (एस एंड टी) तंत्र और अनुसंधान एवं विकास (आर एंड डी) आधार को सुदृढ़ एवं विस्तारित करने के लिए दीर्घकालिक दृष्टि के साथ आवश्यक प्रतिभा-संसाधन तैयार करना है।
इंस्पायर (INSPIRE) योजना के मुख्य घटक:
- इंस्पायर मानक (लाखों विचार राष्ट्रीय आकांक्षा और ज्ञान को बढ़ाते हुए-आईएनएसपीआईआरई एमएएनएके) 10 -17 वर्ष की आयु (कक्षा VI से XII) के विद्यार्थियों को मूल विचारों और नवाचारों को विकसित करने एवं प्रदर्शित करने के लिए प्रोत्साहित करके उनके बीच नवाचार और वैज्ञानिक रचनात्मकता को बढावा देता है।
- इंस्पायर-उच्च शिक्षा के लिए छात्रवृत्ति (एसएचई) 17-22 वर्ष की आयु के मेधावी छात्रों को सहायता प्रदान करती है, जो प्राकृतिक और आधारभूत विज्ञान में स्नातक तथा स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई कर रहे हैं, जिसके अंतर्गत प्रतिवर्ष 12,000 छात्रवृत्तियां प्रदान की जाती हैं। प्रत्येक छात्रवृत्ति का मूल्य 80,000 रुपये प्रतिवर्ष है।
- इंस्पायर फेलोशिप उत्कृष्ट स्नातकों और इंस्पायर स्कॉलर्स को पूर्णकालिक पीएच.डी. कार्यक्रमों में अनुसंधान करने के लिए प्रोत्साहित करती है, जिसमें पांच वर्ष तक वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें जूनियर रिसर्च फेलो (जेआरएफ) के रूप में 37,000 रुपये प्रति माह, सीनियर रिसर्च फेलो (एसआरएफ) के रूप में 42,000 रुपये प्रति माह, स्वीकार्य मकान किराया भत्ता (एचआरए) तथा 20,000 रुपये का वार्षिक आकस्मिक अनुदान शामिल हैं।
- इंस्पायर फैकल्टी फेलोशिप के अंतर्गत उत्कृष्ट पोस्ट-डॉक्टोरल शोधकर्ताओं को, सामान्यतः 27- 32 वर्ष आयु वर्ग में (आरक्षित श्रेणियों के लिए लागू आयु छूट के साथ), पांच वर्ष की फेलोशिप के माध्यम से सहायता प्रदान करती है। फेलो को 1,25,000 रुपये प्रति माह की फेलोशिप, 2,000 रुपये की वार्षिक वृद्धि तथा फेलोशिप अवधि में 35 लाख रुपये का अनुसंधान अनुदान मिलता है।
महत्त्व:
- विज्ञान के मूलभूत सिद्धांतों का उपयोग एवं विकास करने में सक्षम प्रतिभाशाली मानव संसाधन का निर्माण किसी भी नवाचार तंत्र की आवश्यक शर्त और अभिन्न अंग है।
- भारत के लिए यह आवश्यक है कि शोध एवं नवाचार की क्षमता रखने वाली प्रतिभाओं को आधारभूत एवं प्राकृतिक विज्ञान में करियर बनाने हेतु प्रारंभिक स्तर से ही आकर्षित किया जाए।