New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 5th July 2026, 8:00 AM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 English Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 15th July 2026, 8:00 AM

ईरान का पिकैक्स माउंटेन परमाणु केंद्र (Pickaxe Mountain Nuclear Facility) और ट्रंप इसे निशाना क्यों बनाना चाहते हैं?

प्रारंभिक परीक्षा

समसामयिक घटनाएँ, अंतरराष्ट्रीय संबंध, अंतरराष्ट्रीय संगठन (IAEA एवं UNSC), परमाणु प्रौद्योगिकी तथा भूगोल (पश्चिम एशिया, होर्मुज़ जलडमरूमध्य एवं ज़ाग्रोस पर्वतमाला)

मुख्य परीक्षा 

सामान्य अध्ययन पेपर II : अंतरराष्ट्रीय संबंध (सर्वाधिक महत्वपूर्ण)

सामान्य अध्ययन पेपर III : आंतरिक सुरक्षा एवं विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी (उच्च महत्व)

समाचार में क्यों ?

  • अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परमाणु सुविधा पिकैक्स माउंटेन पर हमला करने की चेतावनी दी है।
  • इससे ईरान के सबसे गुप्त परमाणु ठिकानों में से एक पर वैश्विक ध्यान केंद्रित हो गया है।
  • विशेषज्ञों के अनुसार यह सुविधा अधिकांश पारंपरिक बंकर-बस्टर बमों का सामना करने के लिए बनाई गई है।

पिकैक्स माउंटेन क्या है ?

  • पिकैक्स माउंटेन (Kūh-e Kolang Gaz Lā) एक भूमिगत परमाणु सुविधा है, जिसका निर्माण जारी है।
  • यह ईरान के नतांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र के निकट स्थित है।
  • इसे हवाई हमलों से सुरक्षित रखने के लिए पर्वत के भीतर गहराई में बनाया गया है।
  • इसे ईरान की सबसे सुरक्षित परमाणु स्थापनाओं में से एक माना जाता है।

यह कहाँ स्थित है ?

  • मध्य ईरान में नतांज़ परमाणु केंद्र से लगभग 1.5 किमी दक्षिण में स्थित है।
  • यह ज़ाग्रोस पर्वतमाला के भीतर निर्मित है।
  • पर्वत की प्राकृतिक संरचना इसे मिसाइल और बम हमलों से अतिरिक्त सुरक्षा प्रदान करती है।

पिकैक्स माउंटेन क्यों महत्वपूर्ण है ?

  • उपग्रह चित्रों और सुरक्षा विशेषज्ञों के अनुसार इस सुविधा का उपयोग निम्नलिखित कार्यों के लिए किया जा सकता है -
    • यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment)
    • उन्नत सेंट्रीफ्यूज (Advanced Centrifuges) का निर्माण एवं संयोजन
    • उच्च संवर्धित यूरेनियम (Highly Enriched Uranium - HEU) का भंडारण
    • ईरान के परमाणु कार्यक्रम को सैन्य हमलों से सुरक्षित रखना
  • ईरान ने अभी तक इस सुविधा के वास्तविक उद्देश्य का आधिकारिक खुलासा नहीं किया है।

यह सुविधा नष्ट करना इतना कठिन क्यों है ?

  • यह ठोस ग्रेनाइट चट्टानों के नीचे गहराई में बनाई गई है।
  • इसमें दो बड़े भूमिगत सुरंग परिसर (Tunnel Complexes) हैं।
  • इसका निर्माण लगभग 2020 में शुरू हुआ।
  • इसकी गहराई और मजबूत चट्टानी संरचना इसे अन्य परमाणु स्थलों की तुलना में अधिक सुरक्षित बनाती है।

क्या मौजूदा बंकर-बस्टर बम इसे नष्ट कर सकते हैं?

  • अमेरिका के पास भूमिगत ठिकानों को नष्ट करने वाले बंकर-बस्टर बम हैं।
  • लेकिन रक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि पिकैक्स माउंटेन की गहराई अधिकांश पारंपरिक बंकर-बस्टर बमों की क्षमता से अधिक हो सकती है।
  • मोटी ग्रेनाइट चट्टानों के कारण यह दुनिया की सबसे कठिन परमाणु सुविधाओं में से एक मानी जाती है।

यह इतना महत्वपूर्ण क्यों है ?

  • यह ईरान के परमाणु कार्यक्रम की सुरक्षा का प्रमुख प्रतीक बन चुका है।
  • इस पर किसी भी सैन्य हमले से अमेरिका और ईरान के बीच तनाव काफी बढ़ सकता है।
  • यह वर्तमान में पश्चिम एशिया के सबसे अधिक निगरानी वाले रणनीतिक स्थलों में से एक है।

IAEA और परमाणु चिंताएँ

  • अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को इस सुविधा तक सीमित पहुँच प्राप्त है।
  • मुख्य चिंताएँ -
    • पारदर्शिता का अभाव।
    • उन्नत IR-6 सेंट्रीफ्यूज लगाए जाने की आशंका।
    • 60% उच्च संवर्धित यूरेनियम (HEU) के संभावित भंडारण की संभावना।
    • ईरान की परमाणु गतिविधियों का सत्यापन कठिन होना।
    • इससे वैश्विक परमाणु अप्रसार व्यवस्था (Nuclear Non-Proliferation Regime) को लेकर चिंताएँ बढ़ी हैं।

भू-राजनीतिक महत्व

  • इस मुद्दे का वैश्विक राजनीति पर व्यापक प्रभाव है -
    • अमेरिका ईरान को परमाणु हथियार विकसित करने से रोकना चाहता है।
    • इज़राइल, ईरान के परमाणु कार्यक्रम को अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानता है।
    • बढ़ता तनाव पश्चिम एशिया में व्यापक संघर्ष का कारण बन सकता है।
    • इससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और तेल बाजार प्रभावित हो सकते हैं।

भारत पर प्रभाव

पहलू

प्रभाव

ऊर्जा सुरक्षा

  • भारत अपनी कच्चे तेल की बड़ी आवश्यकता पश्चिम एशिया से पूरी करता है।
  • संघर्ष से तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं।
  • इससे महंगाई बढ़ेगी तथा चालू खाते का घाटा (CAD) बढ़ सकता है।

होर्मुज़ जलडमरूमध्य

  • भारत के तेल आयात का बड़ा हिस्सा इसी मार्ग से होकर आता है।
  • सैन्य तनाव से समुद्री व्यापार बाधित हो सकता है।
  • माल ढुलाई एवं बीमा लागत बढ़ सकती है।

चाबहार बंदरगाह एवं INSTC

  • भारत ने चाबहार बंदरगाह तथा अंतरराष्ट्रीय उत्तर-दक्षिण परिवहन गलियारा (INSTC) में निवेश किया है।
  • क्षेत्रीय संघर्ष इन परियोजनाओं में देरी कर सकता है।
  • मध्य एशिया और अफगानिस्तान के साथ व्यापार प्रभावित हो सकता है।

भारत की विदेश नीति

  • भारत के अमेरिका और ईरान दोनों के साथ रणनीतिक संबंध हैं।
  • यह स्थिति भारत की रणनीतिक स्वायत्तता (Strategic Autonomy) की परीक्षा लेती है।
  • भारत शांतिपूर्ण समाधान और सुरक्षित समुद्री व्यापार का समर्थन करता है।

पर्यावरणीय चिंताएँ

पर्यावरणीय मुद्दा

संभावित प्रभाव

भूस्खलन एवं भूकंपीय जोखिम

  • ज़ाग्रोस पर्वतमाला भूकंपीय दृष्टि से सक्रिय क्षेत्र है।
  • भारी बमबारी से भूस्खलन और भू-स्थिरता प्रभावित हो सकती है।

भूजल प्रदूषण

  • विस्फोटों से भूमिगत चट्टानों में दरारें आ सकती हैं।
  • विषैले पदार्थ एवं निर्माण मलबा भूजल को प्रदूषित कर सकते हैं।

वायु प्रदूषण

  • सुरंगों और ग्रेनाइट संरचनाओं के नष्ट होने से बड़ी मात्रा में धूल एवं सिलिका कण वातावरण में फैल सकते हैं।
  • इससे आसपास के लोगों के स्वास्थ्य और कृषि पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

निष्कर्ष

पिकैक्स माउंटेन केवल एक भूमिगत परमाणु सुविधा नहीं है, बल्कि यह परमाणु सुरक्षा, रणनीतिक प्रतिरोध (Strategic Deterrence), अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और पश्चिम एशिया की भू-राजनीति का महत्वपूर्ण प्रतीक है। भारत के लिए इसका संबंध ऊर्जा सुरक्षा, चाबहार परियोजना, समुद्री व्यापार, क्षेत्रीय स्थिरता तथा विदेश नीति से जुड़ा हुआ है। 

प्रारंभिक परीक्षा अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. पिकैक्स माउंटेन के संबंध में निम्नलिखित कथनों पर विचार कीजिए—

  1. यह ईरान के नतांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र के निकट स्थित एक भूमिगत परमाणु सुविधा है।
  2. यह ज़ाग्रोस पर्वतमाला में स्थित है।
  3. ईरान ने इसे IAEA के समक्ष आधिकारिक रूप से सक्रिय यूरेनियम संवर्धन केंद्र घोषित किया है।

उपरोक्त में से कौन-सा/से कथन सही है/हैं?

  1. केवल 1 और 2
  2. केवल 2 और 3
  3. केवल 1 और 3
  4. 1, 2 और 3 

मुख्य परीक्षा अभ्यास प्रश्न

प्रश्न. ईरान की भूमिगत परमाणु सुविधाएँ पश्चिम एशिया में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव का प्रमुख कारण बन गई हैं। इनके रणनीतिक महत्व तथा क्षेत्रीय स्थिरता पर इनके प्रभावों की विवेचना कीजिए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

प्रश्न 1. पिकैक्स माउंटेन क्या है ?

उत्तर : यह ईरान के नतांज़ यूरेनियम संवर्धन केंद्र के निकट स्थित एक अत्यधिक सुरक्षित भूमिगत परमाणु सुविधा है, जिसे पर्वत के भीतर गहराई में बनाया गया है।

प्रश्न 2. पिकैक्स माउंटेन चर्चा में क्यों है ?

उत्तर : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा इस सुविधा पर हमला करने की चेतावनी देने के बाद यह वैश्विक चर्चा का विषय बन गया।

प्रश्न 3. पिकैक्स माउंटेन रणनीतिक रूप से क्यों महत्वपूर्ण है ?

उत्तर : माना जाता है कि इसका उपयोग यूरेनियम संवर्धन, उन्नत सेंट्रीफ्यूज निर्माण तथा उच्च संवर्धित यूरेनियम के भंडारण के लिए किया जा सकता है।

प्रश्न 4. इस सुविधा पर हमला करना कठिन क्यों है ?

उत्तर : यह लगभग 100 मीटर गहराई में ठोस ग्रेनाइट चट्टानों के नीचे बनी है और इसमें मजबूत भूमिगत सुरंगें हैं, जिससे यह पारंपरिक बंकर-बस्टर बमों से भी काफी हद तक सुरक्षित रहती है।

प्रश्न 5. यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) क्या है ?

उत्तर : यह प्राकृतिक यूरेनियम में यूरेनियम-235 की मात्रा बढ़ाने की प्रक्रिया है। निम्न संवर्धित यूरेनियम का उपयोग परमाणु ऊर्जा उत्पादन में तथा उच्च संवर्धित यूरेनियम का उपयोग परमाणु हथियारों में किया जा सकता है।

« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR