New
Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026 Hindi Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 6th July 2026, 6:00 PM Hindi Medium: (Prayagraj) - GS Foundation (P+M) : 1st June 2026, 5:30 PM English Medium: (Delhi) - GS Foundation (P+M) : 20th July 2026

कीर स्टारमर का इस्तीफा: ब्रिटेन में प्रधानमंत्री बदलने की संवैधानिक प्रक्रिया क्या है?

चर्चा में क्यों ?

  • ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर ने अपने पद तथा लेबर पार्टी के नेता पद से औपचारिक रूप से इस्तीफा दे दिया है। उनके इस्तीफे के साथ ही ब्रिटेन ने पिछले एक दशक में सातवें प्रधानमंत्री को देखा है, जो देश में बढ़ती राजनीतिक अस्थिरता का संकेत माना जा रहा है। 
  • वर्ष 2024 के आम चुनाव में लेबर पार्टी ने 412 सीटें जीतकर 14 वर्षों से सत्ता में रही कंजर्वेटिव पार्टी को पराजित किया था, लेकिन भारी जनादेश प्राप्त करने के केवल दो वर्ष बाद ही स्टारमर को पद छोड़ना पड़ा।

कीर स्टारमर ने इस्तीफा क्यों दिया ?

फ्रीबीज गेट (Freebies Gate) विवाद

  • कीर स्टारमर और उनके कई कैबिनेट मंत्रियों पर हजारों पाउंड मूल्य के उपहार और सुविधाएं स्वीकार करने के आरोप लगाए गए। यह मामला "फ्रीबीज गेट" के नाम से चर्चित हुआ। इस विवाद के कारण जनता के बीच उनकी विश्वसनीयता प्रभावित हुई और उनकी लोकप्रियता में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई।

अलोकप्रिय नीतिगत फैसले

  • स्टारमर सरकार के कई फैसलों ने जनता के बीच असंतोष पैदा किया। सरकार ने लगभग एक करोड़ पेंशनभोगियों को मिलने वाली शीतकालीन ईंधन सब्सिडी में कटौती की। इसके अतिरिक्त लगभग 1,700 कैदियों को उनकी सजा पूरी होने से पहले रिहा कर दिया गया। 
  • राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा (NHS) के लिए संसाधन जुटाने के उद्देश्य से उठाए गए कुछ कठोर आर्थिक कदम भी जनता को पसंद नहीं आए।

ब्रेक्जिट का प्रभाव

  • कीर स्टारमर का इस्तीफा ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर निकलने अर्थात ब्रेक्जिट की दसवीं वर्षगांठ से ठीक पहले आया। वर्ष 2016 में हुए जनमत संग्रह के बाद ब्रिटेन ने यूरोपीय संघ को छोड़ दिया था। 
  • एक दशक बाद भी इसके आर्थिक और राजनीतिक प्रभाव स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। आर्थिक विकास की धीमी गति, बढ़ती सरकारी उधारी, करों में वृद्धि, महंगाई, व्यापारिक जटिलताएं और आव्रजन नियंत्रण में सीमित सफलता जैसी समस्याओं ने जनता में असंतोष बढ़ाया है। 
  • कई सर्वेक्षणों में अधिकांश ब्रिटिश नागरिकों ने माना है कि ब्रेक्जिट एक गलत निर्णय था।

स्थानीय चुनावों में खराब प्रदर्शन

  • मई 2026 में हुए स्थानीय चुनावों में लेबर पार्टी को गंभीर झटका लगा। पार्टी को लगभग 1,100 परिषद सीटों का नुकसान उठाना पड़ा और 30 से अधिक स्थानीय परिषदों पर उसका नियंत्रण समाप्त हो गया। 
  • मेकरफील्ड उपचुनाव में भी पार्टी का प्रदर्शन निराशाजनक रहा। इन परिणामों ने पार्टी के भीतर नेतृत्व परिवर्तन की मांग को मजबूत किया और अंततः स्टारमर को इस्तीफा देना पड़ा।

ब्रिटेन में प्रधानमंत्री कैसे चुना जाता है ?

  • ब्रिटेन की संसद दो सदनों से मिलकर बनी है, जिन्हें हाउस ऑफ कॉमन्स और हाउस ऑफ लॉर्ड्स कहा जाता है। हाउस ऑफ कॉमन्स संसद का निर्वाचित निचला सदन है, जिसमें 650 सांसद होते हैं, जबकि हाउस ऑफ लॉर्ड्स उच्च सदन है, जिसके सदस्य नियुक्त या वंशानुगत होते हैं।
  • आम चुनावों में ब्रिटिश नागरिक अपने-अपने निर्वाचन क्षेत्रों से सांसदों का चुनाव करते हैं। जिस राजनीतिक दल को हाउस ऑफ कॉमन्स में बहुमत प्राप्त होता है, उसके नेता को ब्रिटिश सम्राट King Charles III सरकार बनाने के लिए आमंत्रित करते हैं। इसके बाद वही नेता प्रधानमंत्री बन जाता है।
  • यह समझना महत्वपूर्ण है कि ब्रिटेन में पांच वर्ष का कार्यकाल संसद का होता है, न कि प्रधानमंत्री का। इसलिए यदि सत्तारूढ़ दल चाहे तो संसद का कार्यकाल समाप्त होने से पहले भी अपने नेता और प्रधानमंत्री को बदल सकता है।

प्रधानमंत्री को ‘समानों में प्रथम’ क्यों कहा जाता है ?

  • ब्रिटिश संसदीय व्यवस्था में प्रधानमंत्री को सर्वशक्तिमान शासक नहीं माना जाता। उसे "प्राइमस इंटर पारेस" अर्थात "समानों में प्रथम" कहा जाता है। 
  • इसका अर्थ है कि प्रधानमंत्री की शक्ति उसकी पार्टी और कैबिनेट के विश्वास पर आधारित होती है। यदि पार्टी के सांसदों का समर्थन समाप्त हो जाता है, तो प्रधानमंत्री को पद छोड़ना पड़ सकता है और उसकी जगह किसी अन्य नेता को चुना जा सकता है।

प्रधानमंत्री को बदलने की प्रक्रिया क्या है ?

  • यदि लेबर पार्टी के नेता का पद रिक्त हो जाता है या पार्टी के पर्याप्त सांसद नेतृत्व परिवर्तन की मांग करते हैं, तो नए नेता के चयन की प्रक्रिया शुरू होती है।
  • सबसे पहले लेबर पार्टी की राष्ट्रीय कार्यकारी समिति (NEC) बैठक आयोजित करती है और नेतृत्व चुनाव की समय-सारणी तय करती है। इसके बाद इच्छुक उम्मीदवारों को नामांकन दाखिल करना होता है। 
  • उम्मीदवार का हाउस ऑफ कॉमन्स का वर्तमान सदस्य होना आवश्यक है तथा उसे पार्टी संगठनों या संबद्ध संस्थाओं का आवश्यक समर्थन प्राप्त करना होता है।
  • इसके बाद पार्टी के सदस्य वरीयता आधारित मतदान प्रणाली के माध्यम से मतदान करते हैं। मतदाता उम्मीदवारों को अपनी पसंद के क्रम में रैंक देते हैं। यदि पहले दौर में किसी उम्मीदवार को 50 प्रतिशत से अधिक मत प्राप्त नहीं होते, तो सबसे कम मत पाने वाले उम्मीदवार को बाहर कर दिया जाता है और उसके मत अन्य उम्मीदवारों में स्थानांतरित कर दिए जाते हैं। यह प्रक्रिया तब तक जारी रहती है जब तक किसी उम्मीदवार को स्पष्ट बहुमत प्राप्त नहीं हो जाता।

सत्ता हस्तांतरण की संवैधानिक प्रक्रिया

  • नए नेता के चयन के बाद निवर्तमान प्रधानमंत्री औपचारिक रूप से Buckingham Palace जाकर अपना इस्तीफा ब्रिटिश सम्राट को सौंपता है। इसके बाद नए चुने गए नेता को सम्राट से मिलने के लिए आमंत्रित किया जाता है। 
  • सम्राट उसे सरकार बनाने का निमंत्रण देते हैं और निमंत्रण स्वीकार करने के साथ ही वह व्यक्ति ब्रिटेन का नया प्रधानमंत्री बन जाता है।

अगला प्रधानमंत्री कौन हो सकता है ?

  • वर्तमान राजनीतिक परिस्थितियों में एंडी बर्नहैम को प्रधानमंत्री पद का प्रमुख दावेदार माना जा रहा है। बताया जा रहा है कि वेस स्ट्रीटिंग ने अपनी दावेदारी वापस लेकर बर्नहम का समर्थन किया है, जिससे उनकी स्थिति और मजबूत हो गई है।

निष्कर्ष

  • वर्ष 2016 में ब्रेक्जिट जनमत संग्रह के बाद से ब्रिटेन ने लगातार नेतृत्व परिवर्तन का दौर देखा है। इस अवधि में डेविड कैमरन, थेरेसा मे, बोरिस जॉनसन, लिज़ ट्रस, ऋषि सुनक और कीर स्टारमर जैसे नेताओं ने प्रधानमंत्री पद संभाला, लेकिन कोई भी अपना पूर्ण कार्यकाल पूरा नहीं कर सका।
  • कीर स्टारमर का इस्तीफा केवल एक राजनीतिक घटना नहीं है, बल्कि यह ब्रिटेन में आर्थिक चुनौतियों, ब्रेक्जिट के दीर्घकालिक प्रभावों, राजनीतिक ध्रुवीकरण और बदलते जनमत का प्रतीक भी है। यह घटना दर्शाती है कि संसदीय लोकतंत्र में नेतृत्व परिवर्तन अपेक्षाकृत सरल होता है, लेकिन राजनीतिक स्थिरता बनाए रखना उतना ही कठिन हो सकता है।
« »
  • SUN
  • MON
  • TUE
  • WED
  • THU
  • FRI
  • SAT
Have any Query?

Our support team will be happy to assist you!

OR