वरिष्ठ नागरिकों के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन

संदर्भ

  • किसी भी सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने वृद्धों की कितनी देखभाल और सम्मान करता है। भारत सरकार का सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय इस दिशा में निरंतर प्रयासरत है। एजिंग विद डिग्निटी (गरिमा के साथ बुढ़ापा) अभियान के तहत मंत्रालय ने राष्ट्रीय हेल्पलाइन एल्डरलाइन 14567 और देशव्यापी प्रतिज्ञा लें पहल की शुरुआत की है। 

प्रमुख बिंदु 

  • इस पहल का मुख्य उद्देश्य एक ऐसा संवेदनशील, सुरक्षित और समावेशी समाज बनाना है जहाँ हर वरिष्ठ नागरिक को सम्मान मिले, सुरक्षा मिले और वे सशक्त बन सकें। 

एल्डरलाइन (14567): बुज़ुर्गों के लिए एक सिंगल-विंडो प्लेटफ़ॉर्म 

  • 1 अक्टूबर, 2021 को राष्ट्र को समर्पित एल्डरलाइन (14567) एक टोल-फ्री, अखिल भारतीय हेल्पलाइन है। 
  • यह देश भर के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सप्ताह के सातों दिन सुबह 8:00 बजे से रात 8:00 बजे तक सक्रिय रूप से काम करती है। 
  • यह ज़रूरतमंद बुज़ुर्गों के लिए एक सिंगल-विंडो प्लेटफ़ॉर्म के रूप में उभरी है, जिसके तहत निम्नलिखित सेवाएँ प्रदान की जाती हैं:
  • सूचना और मार्गदर्शन : स्वास्थ्य सुविधाओं, वृद्धाश्रमों, डे-केयर सेंटर्स, देखभाल करने वालों (केयरगिवर्स) और बुज़ुर्गों के उपयोगी उत्पादों की जानकारी।
  • सलाह और कानूनी सहायता : पेंशन से जुड़े मामले, सरकारी योजनाएँ, कानूनी विवाद और पारिवारिक मुद्दों को सुलझाने में मार्गदर्शन। 
  • ज़मीनी स्तर पर मदद : दुर्व्यवहार या अनदेखी का शिकार हुए बुज़ुर्गों का रेस्क्यू (बचाव) करना और बेघर वृद्धों को उनके परिवारों से मिलाना।
  • भावनात्मक सहयोग : अकेलेपन, चिंता और मानसिक तनाव से जूझ रहे वरिष्ठ नागरिकों को काउंसलिंग और मनोसामाजिक सहायता देना। 

प्रतिज्ञा लें अभियान: सामाजिक ज़िम्मेदारी का संकल्प 

  • हेल्पलाइन के साथ-साथ मंत्रालय का प्रतिज्ञा लें अभियान भी पूरे देश में जोर-शोर से चल रहा है। यह पहल नागरिकों को वरिष्ठ नागरिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध होने के लिए प्रेरित करती है। इस प्रतिज्ञा के मुख्य बिंदु निम्नलिखित हैं:
  • "हम अपने परिवार और समाज के बुज़ुर्गों का जीवन भर ख्याल रखेंगे। उन्हें सम्मान, प्रेम, दया और करुणा देंगे। उनके अनुभव व समझदारी का आदर करते हुए, उनके अधिकारों के लिए आवाज़ उठाएंगे और हर तरह के दुर्व्यवहार का विरोध करेंगे।"
  • इस अभियान के माध्यम से अब तक 5.36 लाख से अधिक नागरिक राष्ट्रीय प्रतिज्ञा लेकर बुज़ुर्गों की देखभाल की ज़िम्मेदारी उठा चुके हैं। इस नेक पहल का हिस्सा बनने वाले सभी प्रतिभागियों को उनके समर्पण के प्रतीक के तौर पर मंत्रालय द्वारा एक डिजिटल कमिटमेंट सर्टिफ़िकेट (डिजिटल प्रतिबद्धता प्रमाण पत्र) भी दिया जाता है। 

निष्कर्ष 

  • वरिष्ठ नागरिक हमारे समाज की नींव और अनुभवों की धरोहर हैं। सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय देश के हर नागरिक से यह आग्रह करता है कि वे इस देशव्यापी अभियान से जुड़ें, प्रतिज्ञा लें और एजिंग विद डिग्निटी के दृष्टिकोण को सफल बनाएं। आइए, मिलकर एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हमारे बुज़ुर्ग उपेक्षित महसूस न करें, बल्कि गर्व, प्रेम और गरिमा के साथ अपना जीवन जी सकें।

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